Dainik Bhaskar

    मोदी की जीत के जश्न में लंदन में गरबा, आनंद महिंद्रा ने वीडियो शेयर किया

    मोदी की जीत के जश्न में लंदन में गरबा, आनंद महिंद्रा ने वीडियो शेयर किया


    लंदन. लोकसभा चुनाव में मोदी की जीत का जश्न विदेशों में भी मनाया जा रहा है। लंदन में मेट्रो...

    लंदन. लोकसभा चुनाव में मोदी की जीत का जश्न विदेशों में भी मनाया जा रहा है। लंदन में मेट्रो स्टेशन के बाहर गरबे की धुन पर डांस करते लोगों का वीडियो सामने आया है। मशहूर गुजराती धुन पर डांस का वीडियो महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजराती हैं। पीएम बनने से पहले वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

    महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर अपने चिर-परिचित अंदाज में लोगों से सुझाव भी मांगे। उन्होंने ऐसे वीडियो शेयर करने की अपील की जिससे वो अपनी गरबा स्किल्स को बेहतर बना सकें। जवाब में कई लोगों ने गरबे के वीडियो शेयर किए।

    महिंद्रा ने खुद भी सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी थी। उन्होंने कहा था कि मोदी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने गए दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेता बनने के करीब हैं। महिंद्रा सोशल मीडिया पर शायद सबसे ज्यादा सक्रिय बिजनेसमैन हैं। ट्विटर पर उनके करीब 70 लाख फॉलोअर हैं।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today anand mahindra shares video of garba dance in london after pm modi win
    पुलिस ने योग क्लास से 30 लोगों को गिरफ्तार किया, आपत्तिजनक कपड़े पहनने का आरोप लगाया

    पुलिस ने योग क्लास से 30 लोगों को गिरफ्तार किया, आपत्तिजनक कपड़े पहनने का आरोप लगाया


    तेहरान. ईरान में एक प्राइवेट योग क्लास से 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। तेहरान की न्यूज...

    तेहरान. ईरान में एक प्राइवेट योग क्लास से 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। तेहरान की न्यूज एजेंसी यंग जर्नलिस्ट क्लब के मुताबिक, पुलिस को क्लास में हिस्सा लेने वाले पुरुषों और महिलाओं के कपड़ों पर आपत्ति थी। दरअसल, ईरान में मिक्स्ड स्पोर्ट्स (महिला-पुरुष के साथ में खेले जाने वाले खेल) गैराकानूनी हैं। ऐसे में किसी भी योग क्लास में भी सिर्फ एक ही वर्ग (पुरुष या महिला) हिस्सा ले सकता है।

    एजेंसी ने गोलेस्तान की क्राइम प्रिवेंशन यूनिट के हवाले से बताया कि पकड़े गए लोगों में एक योग टीचर भी शामिल था। आरोप है कि उसने योग क्लास के विज्ञापन सोशल मीडिया पर प्रचारित किए थे। फिलहाल प्रॉसिक्यूर ऑफिस इस मामले की जांच करेगा।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Iran Police arrests 30 at Private yoga class, alleges inappropriate clothes
    फेडरल कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को रोका, इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल करने पर आपत्ति

    फेडरल कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को रोका, इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल करने पर आपत्ति


    सैन फ्रांसिस्को. अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के मामले में फेडरल कोर्ट ने अमेरिका...

    सैन फ्रांसिस्को. अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के मामले में फेडरल कोर्ट ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले पर रोक लगा दी है। डिस्ट्रिक्ट जज हेवुड गिलियम जूनियर ने शुक्रवार को दिए फैसले में ट्रम्प प्रशासन को निर्देश दिया है कि दीवार बनाने का काम कुछ समय के लिए टाला जाए। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि दीवार बनाने के लिए इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। ट्रम्प प्रशासन सीमा के परशनिवार से दीवार बनाने का काम शुरू करने जा रहा था।

    दीवार मामले में ट्रम्प प्रशासन के खिलाफ पहला फैसला
    अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के मामले में ट्रम्प प्रशासन के फैसले के खिलाफ कोर्ट में कई अपीलें दायर की गई थीं। यह पहली बार है जब किसी कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन के फैसले पर रोक लगाई है।

    ट्रम्प ने दीवार के निर्माण के लिए अरबों डॉलर की अपनी मांग को लेकर फरवरी में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की थी। अपनी घोषणा के तहत उन्होंने नई दीवार के आंशिक निर्माण की शुरुआत के लिए नशा-विरोधी अभियान के लिए आवंटित धन का उपयोग करने का निर्देश दिया था।

    रक्षा मंत्रालय ने 2.5 अरब डॉलर जारी किए
    दीवार बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 2.5 अरब डॉलर का फंड जारी किया था। 1 अरब डॉलर मार्च में जारी हुए थे, जबकि 1.5 अरब डॉलर रक्षा मंत्रालय ने मई में दिए थे।

    अमेरिकी कार्यवाहक रक्षा मंत्री पैट्रिक शैनहन के मुताबिक- उनका देश अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार के निर्माण में मदद के लिए करीब डेढ़ अरब डॉलर का कोष भेज रहा है। यह पैसा अफगानिस्तान सुरक्षा बलों तथा पाकिस्तानी सेना को भेजा जाना था।

    अमेरिका में 35 दिनों का शटडाउन हुआ था
    ट्रम्प अवैध आव्रजन रोकने के लिए मैक्सिको की सीमा से सटी दीवार के निर्माण के लिए 5.6 अरब डॉलर की अपनी मांग संबंधी बजट विधेयक पारित करने के लिए बहुमत हासिल नहीं हुआ था। इसके बाद अमेरिका में आज तक का सबसे लंबा 35 दिनों का शटडाउन हुआ था।

    सरकारी कामकाज को फिर से ठप होने से बचाने और अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने को लेकर अमेरिकी सांसदों के बीच हुए समझौते के तहत ट्रम्प को दीवार बनाने के लिए महज 1.4 अरब डॉलर की राशि मिल सकी।

    राष्ट्रपति ने इसके लिए 5.7 अरब डॉलर की मांग की थी, लेकिन उन्हें बेहद कम करीब 1.4 अरब डॉलर की राशि मिल रही है। इस धन से महज 55 मील लंबी बाड़ लग सकती है। यह स्टील की बाड़ होगी जबकि ट्रंप ने कंक्रीट की दीवार बनाने का वादा किया था।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Judge blocks Trump from building sections of border wall
    मेटल डिटेक्टर से जमीन के अंदर खोजा 1.5 किलो का सोने का टुकड़ा, कीमत 70 लाख रु.

    मेटल डिटेक्टर से जमीन के अंदर खोजा 1.5 किलो का सोने का टुकड़ा, कीमत 70 लाख रु.


    सिडनी. पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के कालगूर्लीस्थित सोने की खदान से एक व्यक्ति ने मेटल डिटेक्टर का...

    सिडनी. पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के कालगूर्लीस्थित सोने की खदान से एक व्यक्ति ने मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल करके जमीनसे सोने का 1.5 किलोग्राम वजनी टुकड़ा निकाला। इसकी कीमत लगभग 70 लाख रुपए आंकी गई है। यह टुकड़ा जमीन की सतह से 45 सेमी (करीब आधा मीटर) अंदर मिला।

    सोने का टुकड़ा जिसे मिला उस व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं की गई। उसे पहली बार में ऐसा नहीं लगा कि यह सोना होगा। लेकिन पीला और कुछ चमकदार होने की वजह से वह इसे दुकानदार मैट कुक के पास ले गया। कुक का कहना है- यहटुकड़ा देखकर मेरा चेहरा खिल उठा। बाद में उसने इसकी फोटो ऑनलाइन कर दी।

    कुक सोने की खदान में काम करने वालोंको रोजमर्रा की जरूरतों का सामानउपलब्ध करातेहैं। उनका कहना है कि सोने का टुकड़ा झाड़ियों के पास स्थित जमीन के नीचे से मिला था। इसे तलाश करने वाला व्यक्ति मस्तमौला है और शौकिया तौर पर वह जमीन के भीतर पड़ताल कर रहा था। ऑस्ट्रेलियाकी तीन चौथाई सोने की खदानें कलगुर्ली क्षेत्र में हैं। जानकारोंका कहना है कि सोने की खदानों में काम करने वालोंके हाथ ऐसीचीजें साल में कुछ ही मौकों पर लग पाती हैं।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सोने का टुकड़ा
    चुनाव परिणामों को संवैधानिक कोर्ट में चुनौती, सुबियांतो बोले- लोगों की मांग पर फैसला

    चुनाव परिणामों को संवैधानिक कोर्ट में चुनौती, सुबियांतो बोले- लोगों की मांग पर फैसला


    जकार्ता. राष्ट्रपति पद पर लगातार दूसरी बार जीत हासिल करने वाले जोको विदोदो के चुनाव को...

    जकार्ता. राष्ट्रपति पद पर लगातार दूसरी बार जीत हासिल करने वाले जोको विदोदो के चुनाव को संवैधानिक कोर्ट में चुनौती दी गई है। हारे उम्मीदवार प्राबोवो सुबियांतो के मुताबिक- कोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला लोगों की मांग पर लिया गया। देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों को लगता है कि चुनाव में धांधली करके ही विदोदो ने जीत हासिल की है।

    विदोदो को 55% वोट मिले
    राष्ट्रपति पद के लिए जोको विदोदो को 55% वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी प्राबोवो सुबियांतो 45.5% मत ही हासिल कर सके थे। चुनाव परिणाम बुधवार को घोषित किया जाना था, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इसे एक दिन पहले यानी मंगलवार को ही घोषित कर दिया।

    इंडोनेशिया में विरोध प्रदर्शन तेज
    परिणाम घोषित होने के बाद से ही इंडोनेशिया में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। विपक्ष का समर्थन कर रहे लोगों ने चुनाव परिणाम को मानने से इनकार कर दिया। उसके बाद सड़कों पर हिंसक झड़पें होने लगीं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का भी सहारा लिया।

    हिंसक झड़पों में 8 लोग मारे गए
    स्ट्रेट्स टाइम्स के मुताबिक- हिंसक झड़पों में 8 लोग मारे गए, जबकि 700 लोग जख्मी हुए। शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस लगातार संदिग्ध लोगों पर नजर रख रही है। काफी लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

    सुबियांतो ने 2014 में भी चुनौती दी थी
    2014 में भी सुबियांतो विदोदो से चुनाव हार गए थे। तब भी उन्होंने चुनाव परिणाम को कोर्ट में चुनौती दी थी। इंडोनेशिया में 19 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। इस चुनाव में कुल 2 लाख 45 हजार लोगों ने विभिन्न पदों के लिए नामांकन कराया था। सुबियांतो इंडोनेशिया की सेना के प्रनुख रहे हैं।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्राबोवो सुबियांतो।
    बिल गेट्स ने कहा- स्वास्थ्य और विकास के कामों से लोगों का जीवन बेहतर होगा

    बिल गेट्स ने कहा- स्वास्थ्य और विकास के कामों से लोगों का जीवन बेहतर होगा


    वॉशिंगटन. माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और दुनिया के दूसरे बड़े अमीर बिल गेट्स ने प्रधानमंत्री...

    वॉशिंगटन. माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और दुनिया के दूसरे बड़े अमीर बिल गेट्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में मोदी की जीत को उल्लेखनीय बताया है। गेट्स ने सोशल मीडिया पर कहा कि स्वास्थ्य, पोषण और विकास को बेहतर बनाने की आपकी प्रतिबद्धता से कई लोगों के जीवन में सुधार आएगा। गेट्स खुद भी हेल्थ सेक्टर में परोपकार के कई काम कर रहे हैं। उन्होंने पिछले साल स्वच्छ भारत अभियान के लिए भी मोदी की तारीफ की थी।

    सिस्को के चेयरमैन एमेरिटस ने कहा- फिर एक बार मोदी सरकार

    अमेरिका की टेक कंपनी सिस्को के चेयरमैन (एमेरिटस) जॉन टी चैम्बर्स ने भी मोदी को बधाई दी है। उन्होंने कहा- मुझे भरोसा है कि इकोनॉमिक और इन्क्लूसिव ग्रोथ में भारत का वर्ल्ड लीडर का दर्जा मोदी के नेतृत्व में अगले 5 साल जारी रहेगा। फिर एक बार मोदी सरकार !

    ट्रम्प की बेटी ने मोदी की जीत को महान बताया

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी और सलाहकार इवांका ट्रम्प ने कहा- महान जीत के लिए बधाई! भारत के अद्भुत लोगों के लिए आने वाला समय उत्साहजनक है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बिल गेट्स। (फाइल फोटो)
    माल्या 28 दिन में डिआजियो को 945 करोड़ रुपए चुकाए: यूके हाईकोर्ट

    माल्या 28 दिन में डिआजियो को 945 करोड़ रुपए चुकाए: यूके हाईकोर्ट


    लंदन. यूके हाईकोर्ट ने विजय माल्या को आदेश दिया है कि वहब्रिटिश ब्रेवरेजेज कंपनी डिआजियो के...

    लंदन. यूके हाईकोर्ट ने विजय माल्या को आदेश दिया है कि वहब्रिटिश ब्रेवरेजेज कंपनी डिआजियो के 13.5 करोड़ डॉलर (945 करोड़ रुपए) चुकाए। कोर्ट ने शुक्रवार को यह फैसला दिया। माल्या को 28 दिन में भुगतान करना होगा। यह मामला डिआजिओ द्वारा माल्या की कंपनी के अधिग्रहण से जुड़ा है। माल्या केवकील ने कहा था कि एग्रीमेंट के वक्त डिआजियो ने मौखिक रूप से भरोसा दिया था कि वह भारत में विवाद सुलझने तक अपनी रकम चुकाने का दावा नहीं करेगा। कोर्ट ने यह दलील खारिज कर दी। फैसले के वक्त माल्या कोर्ट में मौजूद नहीं था।

    डिआजियो ने माल्या, बेटे सिद्धार्थ और परिवार से संबंधित दो कंपनियों पर भुगतान का दावा किया था। डिआजियो ने फरवरी 2016 में माल्या की कंपनी यूनाइटेड स्प्रिट्स लिमिटेड (यूएसएल) में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने के लिए रकम चुकाई थी लेकिन वह शेयर एक्सेस नहीं कर पाई। माल्या की यूएसएल के कुछ शेयर ऋण वसूली प्राधिकरण (डीआरटी) ने कब्जे में ले लिए थे।

    इसी मामले से जुड़े 4 करोड़ डॉलर (280 करोड़ रुपए) के दावे का केस भी चलेगा। डिआजियो ने माल्या को सीधे यह रकम दी थी। इस तरह उसने माल्या पर कुल 17.5 करोड़ डॉलर चुकाने का दावा किया था।

    माल्या के प्रत्यर्पण मामले में 2 जुलाई को यूके हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। एक बार अपील खारिज हो चुकी है। लंदन की वेस्टमिंस्टर अदालत ने पिछले साल माल्या के प्रत्यपर्ण की इजाजत दी थी। वहां के गृह सचिव ने भी मंजूरी दे दी जिसके खिलाफ माल्या ने हाईकोर्ट में अपील की थी।

    माल्या पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया हैं। उसकी किंगफिशर एयरलाइंस ने बैंकों से लोन लिया था। माल्या 2016 में लंदन भाग गया। मुंबई की विशेष अदालत (पीएमएलए) उसे भगोड़ा घोषित कर चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय देश-विदेश में उसकी संपत्तियां अटैच कर चुका है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today विजय माल्या (दाएं) बेटे सिद्धार्थ के साथ।
    600 किमी प्रति घंटे स्पीड वाली ‘मैग्लेव ट्रेन’ का प्रोटोटाइप पेश, 2021 से दौड़ने लगेगी

    600 किमी प्रति घंटे स्पीड वाली ‘मैग्लेव ट्रेन’ का प्रोटोटाइप पेश, 2021 से दौड़ने लगेगी


    बीजिंग.चीन ने 600 किमी प्रतिघंटा रफ्तार से दौड़ने वाले मैगनेटिक लेविएशन (मैग्लेव) ट्रेन का...

    बीजिंग.चीन ने 600 किमी प्रतिघंटा रफ्तार से दौड़ने वाले मैगनेटिक लेविएशन (मैग्लेव) ट्रेन का प्रोटोटाइप बना लिया है। लोकोमोटिव कंपनी सीआरसीसी सिफांग कॉर्प ने इसे डिजाइनकिया है। कंपनी का दावा है कि यह देश की सबसे तेज मैग्लेव ट्रेन होगी।

    चीफ इंजीनियर डिंग सेंसन के मुताबिक, इसमें 3 साल लगे। लोग इससे सफर करने के लिए एयर ट्रेवल का विकल्प छोड़ देगें। फिलहाल कॉमर्शियल प्लेन की स्पीड 900 किमी प्रतिघंटा है। डिंग ने कहा कि 2021 में इस नई मैग्लेव ट्रेन की टेस्टिंग शुरू हो जाएगी।

    10 सेमी ऊपर उठकर चलती है: डिंग के मुताबिक अल्ट्रा लाइटवेट ट्रेन बॉडी के साथ हाई स्ट्रेन्थ वाले मटेरियल इस्तेमाल करना चुनौती थी। इस ट्रेन में सस्पेंशन गाइडेंस, कंट्रोल और हाई पावर्ड ट्रेक्शन को उन्नत किया गया है। स्पीड ज्यादा होने पर ट्रेन जमीन से 10 सेमी ऊपर उठ जाती है। इसे मैग्नेटिक लेविएशन और मैग्नेटिक सस्पेंशन के नाम से भी जाना जाता है। कंपनी के चेयरमैन जू किंग्च का कहना है कि मैगनेटिक फोर्स होने से पहाड़ी इलाकों में ट्रेन को अतिरिक्त पावर मिलेगा। पारंपरिक बुलेट ट्रेन की तुलना में मैग्लेव में कम शोर, कंपन, यात्री क्षमता ज्यादा और मेंटेनेंस खर्च कम होता है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today China presenting Prototype of 600 kilometer per hour speed 'maglev train' China presenting Prototype of 600 kilometer per hour speed 'maglev train' China presenting Prototype of 600 kilometer per hour speed 'maglev train' China presenting Prototype of 600 kilometer per hour speed 'maglev train'
    जेल में पुलिस के साथ भिड़ंत में 29 कैदियों की मौत, मानवाधिकार संगठनों ने कहा- यह नरसंहार है

    जेल में पुलिस के साथ भिड़ंत में 29 कैदियों की मौत, मानवाधिकार संगठनों ने कहा- यह नरसंहार है


    कराकस. वेनेजुएला के अकारिगुआ शहर में शनिवार को जेल में पुलिस और कैदियों के बीच भिड़ंत हो गई।...

    कराकस. वेनेजुएला के अकारिगुआ शहर में शनिवार को जेल में पुलिस और कैदियों के बीच भिड़ंत हो गई। इसमें 29 कैदी मारे गए, 19 पुलिसकर्मी जख्मी हुए। अधिकारियों का कहना है कि कैदी जेल तोड़कर भागना चाहते थे, तभीउनके दो गुटआपसमें भिड़ गए। टकराव रोकने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। जवाब मेंकैदियों ने भीपुलिस पर हमला कर दिया।

    नागरिक रक्षा सचिव ऑस्कर वलेरो ने कहा किकैदियों की ओर सेपुलिस पर तीन ग्रेनेड फेंके। हालांकि,मानवाधिकार संगठनों ने पुलिस के दावों परसवाल उठाए हैं। वेनेजुएला जेलों की स्थिति पर नजर रखने वाली संस्था प्रिजन ऑब्जर्वेटरी के हमबर्टो प्रादो ने का कहना है कि पुलिस से भिड़ंत में सिर्फ कैदी ही क्योंमारे गए? अगर जेल में हथियार थे तो वह अंदर पहुंचे कैसे?

    वेनेजुएला की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी बंद
    प्रादो के मुताबिक, कैदी काफी समय से मांग कर रहे थे कि उन्हें दूसरी जेलों में ट्रांसफर न किया जाए, क्योंकि इसके बाद वे अपने रिश्तेदारों से नहीं मिल पाएंगे। वेनेजुएला में जेल की क्षमता से ज्यादा कैदी भरे होने का मुद्दा काफी समय से उठता रहा है। घटना के बाद अफसरों ने कैदियों के पास हथियार होने की आशंका में जेलों कानिरीक्षण किया।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today enezuela Police Station Riot: 29 dead in cellblock riot at Venezuela Jail
    एवरेस्ट पर लाइन में चढ़ने की कोशिश कर रहे पर्वतारोही, 2 घंटे तक वेटिंग

    एवरेस्ट पर लाइन में चढ़ने की कोशिश कर रहे पर्वतारोही, 2 घंटे तक वेटिंग


    काठमांडू.एवरेस्ट पर ट्रैफिक जाम जैसे हालात हैं। वहां करीब 200 पर्वतारोही लाइन में लगकर शिखर...

    काठमांडू.एवरेस्ट पर ट्रैफिक जाम जैसे हालात हैं। वहां करीब 200 पर्वतारोही लाइन में लगकर शिखर पर चढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। हिमालयन टाइम्स के मुताबिक, कई देशों के पर्वतारोहियों ने कैम्प 4 पहुंचने के बाद 8848 मी. ऊंची चोटी पर जाने के रास्ते में दो घंटा से अधिक समय तक इंतजार की शिकायत की।


    भारत की अंजलि कुलकर्णी, कल्पना दास को भी इसी स्थिति से गुजरना पड़ा। 12 तक इंतजार से उन्हें सांस लेने की दिक्कत हुई और मौत हो गई। एक अमेरिकी डोनाल्ड कैश शिखर पर पहुंचने के बाद फिसल गए। दम फूलने से उनकी मौत हो गई। बताया गया है कि इस सीजन में मौसम खराब रहा, जिससे चढ़ाई के दिन घट गए। इससे बेस कैंप पर पर्वतारोहियों की भीड़ लग गई।पर्वतारोही निर्मल पुरजा ने बताया किभीड़ के कारण उन्हें 3 बार रुकना पड़ा।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today एवरेस्ट की यह तस्वीर पर्वतारोही निर्मल पुरजा ने शेयर की है।
    संयुक्त राष्ट्र की अफसर ने कहा- दुनिया में किसी भी वक्त एटमी जंग हो सकती है

    संयुक्त राष्ट्र की अफसर ने कहा- दुनिया में किसी भी वक्त एटमी जंग हो सकती है


    न्यूयॉर्क. संयुक्त राष्ट्र में निशस्त्रीकरण शोध संस्थान (यूएनआईडीआर) की निदेशक रेनेटा...

    न्यूयॉर्क. संयुक्त राष्ट्र में निशस्त्रीकरण शोध संस्थान (यूएनआईडीआर) की निदेशक रेनेटा ड्वेन ने कहा है कि दुनिया में किसी भी वक्त परमाणु युद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा-एटमी जंग इस वक्त सबसे बड़ा मुद्दा है। दुनिया को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

    ड्वेन के मुताबिक- 122 देश हथियारों की होड़ रोकने के लिए संधि पर हस्ताक्षर कर चुके हैं, लेकिन ये सभी लगातार अपने हथियार अपडेट कर रहे हैं। शीत युद्ध के समय इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेस ट्रीटी पर दस्तखत हुए थे,लेकिन ट्रम्प प्रशासन ने इसीसाल की शुरुआत में दरकिनार कर दिया।

    चीन और अमेरिका के बीच बढ़ रहा तनाव
    ड्वेन के मुताबिक- दुनिया की दो महाशक्तियों चीन और अमेरिका के बीच कारोबारी जंगछिड़ीहै। इससे भी एटमी जंग का खतरा बना हुआ है। नए प्रकार के युद्ध के सामने आने से पारंपरिक हथियार नियंत्रण व्यवस्था भी चरमरा रही है। सशस्त्र समूहों और निजी क्षेत्र की सेनाओं का प्रसार और नई तकनीकें अपराध और रक्षा के बीच की रेखा को धुंधला कर रही हैं। मुझे लगता है कि मीडिया द्वारा भी इन मुद्दों को सही तरीके से उठाना चाहिए।

    न्यूक्लियर बैन ट्रीटी (ट्रीटी फॉर द प्रोहिबिशन ऑफ न्यूक्लियर वेपंस) को इंटरनेशनल कैंपेन टू एबोलिश न्यूक्लियर वेपंस (आईसीएएन) को समर्थन मिला हुआ था। इस संधि में अब तक 50 में से 23 देशों का समर्थन मिल चुका है। हालांकि, अमेरिका, रूस समेत कई परमाणु संपन्न देश इसका विरोध करते हैं।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today UN arms chief says world is closer to nuclear war UN arms chief says world is closer to nuclear war
    130 अनाथ बच्चे पायलट बन सकें इसलिए एयरलाइन दे रही ट्रेनिंग, खर्च भी उठा रही

    130 अनाथ बच्चे पायलट बन सकें इसलिए एयरलाइन दे रही ट्रेनिंग, खर्च भी उठा रही


    बीजिंग. चीन की लिली एयरलाइन 130 अनाथ बच्चों को ट्रेनिंग दे रही है ताकि वे भविष्य में पायलट बन...

    बीजिंग. चीन की लिली एयरलाइन 130 अनाथ बच्चों को ट्रेनिंग दे रही है ताकि वे भविष्य में पायलट बन सकें। ट्रेनिंग में यह भी बताया जा रहा है कि हवाई यात्रा के दौरान आने वाली दिक्कतों को कैसे दूर किया जाए। लिली एयरलाइन की ओर से बताया गया कि हमारा उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा अनाथ बच्चों की मदद करना है,जिससे कि वे अपना भविष्य सुधार सकें।

    कोर्स इंस्ट्रक्टर चांग ही ने बताया- एयरलाइन ने इस ट्रेनिंग के लिए एक निबंध प्रतियोगिता रखी थी। इसका शीर्षक था- आपको पायलट बनना क्यों पसंद है। प्रतियोगिता में लिओनिंग अनाथ स्कूल के 130 बच्चों को चुना गया। जिन्हें विमान की तकनीकी जानकारियां दी जा रही हैं। चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय के नवीनतम आंकड़े बताते हैं कि देशभर में अनाथ बच्चों की कुल संख्या अब 3,43,000 है। यह पिछले 3 साल में 30% तक कम हो गई है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Airline giving training to make orphan children pilot Airline giving training to make orphan children pilot
    मां-बहन के लिए युवक ने 2 महीने में कबाड़ बोट को बना दिया लग्जरी हॉलिडे होम

    मां-बहन के लिए युवक ने 2 महीने में कबाड़ बोट को बना दिया लग्जरी हॉलिडे होम


    लंदन. बेंटम, लैंकेस्टर में रहने वाले 18 साल के बिली वाल्डेन कामयाब कारपेंटर हैं। उन्होंने हाल...

    लंदन. बेंटम, लैंकेस्टर में रहने वाले 18 साल के बिली वाल्डेन कामयाब कारपेंटर हैं। उन्होंने हाल ही में एक कबाड़ बोट को लग्जरी बोट हाउस में बदला है। उन्होंनेइसे4.41 लाख रुपएमें खरीदा और मरम्मत पर करीब 2.47 लाख रुपए खर्च किए। अब बिलीमां और बहन के साथ इस पर छुटि्टयां मनाते हैं। आज इसकी कीमतसाढ़े 10 लाख रुपए से अधिक है। बिली कहते हैं- इतनी महंगी बोट खरीदने की हमारी हैसियतनहीं थी, लेकिन हमने इसे सस्ते में तैयार कर लिया।

    मां ने दिया आइडिया
    बिली ने चार साल पहले बढ़ईगीरीका काम सीखनाशुरू किया था। माहिर होनेके बाद बिली कुछ खास करना चाहता था। इसी दौरान मां और बहन के साथ उन्होंनेटेविटफील्ड से प्रेस्टन तक की यात्रा कैनाल बोट से की। इसमें बिली को काफी मजा आया। इस यात्रा के दौरान ही मां ने पुरानी बोट लेकर उसेरिनोवेट करने का आइडिया दिया।बोट हाउस में दोकमरेहैं। एक शानदार बाथरूम, कांच के दरवाजे जो डेक की ओर खुलते हैं। बोट में ऑडी कार की सीटें लगी हैं।

    प्रथम श्रेणी एआईएम अवॉर्ड जीता
    बिली बताते हैं, मेरी उम्र के लड़के वीडियो गेम और दूसरे खेलों में मस्त रहते हैं, लेकिन मैं अपना समय वर्कशॉप में बिताताथा। बिली ने लैंकेस्टर और मॉर्कोमेबे कॉलेज में तीन साल बढ़ाईगीरी की पढ़ाई की। सिर्फ एक साल में उसने फर्स्ट स्टेजएआईएम का अवाॅर्ड हासिल लिया।

    51घंटे करते हैं काम, लाइसेंस की पेशकश भी
    बिली कहते हैं, मुझे अपना काम करने में मजा आता है। मैं अपनी दुकान मेंकरीब 15 घंटे काम करता हूं। अभीएक टूरिस्ट वैन फॉक्सवैगनपर काम कर रहा हूं। बिली केकाम को देखते हुए द इंस्टीट्यूट ऑफ कारपेंटर द्वारा लाइसेंस देने की भी पेशकश की गई है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मां और बहन के साथ बोट पर बिली। Lancaster 18-Year-Old Boy, transforms boat into luxury holiday home for his mother and sister Lancaster 18-Year-Old Boy, transforms boat into luxury holiday home for his mother and sister
    ब्रुनेई के सुल्तान ने 26 साल पहले मिली ऑक्सफोर्ड की मानद डिग्री लौटाई

    ब्रुनेई के सुल्तान ने 26 साल पहले मिली ऑक्सफोर्ड की मानद डिग्री लौटाई


    लंदन.ब्रुनेई के सुल्तान हस्सानाल बोल्किया ने 26 साल पहले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा मिली...

    लंदन.ब्रुनेई के सुल्तान हस्सानाल बोल्किया ने 26 साल पहले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा मिली मानद डिग्री लौटा दी। दरअसल, ब्रुनेई में विवादित एलजीबीटी विरोधी कानून पर यूनिवर्सिटी द्वारा चिंता जताए जाने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है।


    यूनिवर्सिटी की ओर से गुरुवार को कहा गया कि नए कानून के बारे में चिंता जताए जाने के बाद उसने सुल्तान की समीक्षा की थी। इस बारे में विचार करने पर सुल्तान को बीते महीने लिखा गया था। बीते अप्रैल माह में 1,18,500 लोगों ने एक याचिका पर दस्तखत कर इस मानद कानूनी डिग्री को रद्द करने की मांग की थी।


    सुल्तान ने अप्रैल में पारित कानून में पुरुषों के बीच यौन संबंध पर पत्थर मारकर उनकी जान लेने की सजा का प्रावधान किया था। जिसकी विश्व स्तर पर काफी आलोचना हुई। ब्रुनेई में समलैंगिकता पहले से ही अपराध है। इसके तहत 10 साल तक की कैद की सजा का प्रावधान है। उल्लेखनीय है कि सुल्तान को यह डिग्री 1993 में दी गई थी।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Sultan of Brunei returned honorary degree to Oxford
    प्रधानमंत्री थेरेसा मे 7 जून को इस्तीफा देंगी, ब्रेग्जिट डील में असफलता के बाद आलोचना हुई थी

    प्रधानमंत्री थेरेसा मे 7 जून को इस्तीफा देंगी, ब्रेग्जिट डील में असफलता के बाद आलोचना हुई थी


    लंदन. ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा देनेका ऐलान कर...

    लंदन. ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा देनेका ऐलान कर दिया। उन्होंने डाउनिंग स्ट्रीट स्थित पीएम आवास पर बयान जारी कर ब्रेग्जिट समझौता न करा पाने के लिए अफसोस जाताया। साथ ही कहा कि 7 जून को वे कंजर्वेटिव पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ देंगी।

    दरअसल, थेरेसा पर पिछले काफी समय से आरोप लग रहा था कि यूरोप से यूनाइटेड किंगडम (यूके) को बाहर करने के समझौते पर वे अपनी पार्टी को ही नहीं मना पा रही हैं। संसद में उनके ब्रेग्जिट प्लान को भी कई बार नकारा गया।

    अगले हफ्ते शुरू होगी प्रधानमंत्री चुनने की प्रक्रिया

    थेरेसा ने बयान में कहा, “यह मेरे लिए काफी खेद का विषय रहेगा कि मैं ब्रेग्जिट समझौता करा पाने में सफल नहीं हो पाई। पार्टी का नया नेता चुनने की प्रक्रिया अगले हफ्ते से शुरू हो जाएगी।” रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन में अब प्रधानमंत्री पद के लिएहोड़ मच जाएगी। इस दौरान थेरेसा कार्यवाहक प्रधानमंत्री रह सकती हैं।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today British Theresa May announces resigns after failing to deliver Brexit Deal
    अमेजन से खरीदा प्रोडक्ट लौटाने के लिए महिला सीधे बेजोस के पास पहुंच गई

    अमेजन से खरीदा प्रोडक्ट लौटाने के लिए महिला सीधे बेजोस के पास पहुंच गई


    सैन फ्रांसिस्को. अमेजन के शेयरधारकों की सालाना बैठक में बुधवार को एक रोचक घटना हुई। एक महिला...

    सैन फ्रांसिस्को. अमेजन के शेयरधारकों की सालाना बैठक में बुधवार को एक रोचक घटना हुई। एक महिला ग्राहक ने सीधे अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस को प्रोडक्ट रिटर्न करने की कोशिश की। ऐसा करने वाली महिला अमेजन की शेयरधारक भी है। उसने कंपनी की वेबसाइट से प्रोडक्ट मंगवाया था जिसे लौटाना चाहती थी। एक मीडियाकर्मी ने ट्वीट कर इस घटना की जानकारी दी।

    प्रोडक्ट रिटर्न करने में 4 बार नाकाम रही थी महिला
    महिला का कहना था कि उसने उचित प्लेटफॉर्म के जरिए चार बार रिटर्न की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हुई। इसलिए सीधे बेजोस को प्रोडक्ट लौटाने की कोशिश की। इस घटना से बेजोस चौंक गए लेकिन उन्होंने मजाकिया अंदाज में स्थिति को संभाल लिया।

    बेजोस ने महिला से कहा- मैं माफी चाहता हूं कि एक रुटीन काम के लिए आपको यहां तक आना पड़ा। बेजोस ने मौके पर मौजूद बाकी लोगों से भी पूछा- क्या किसी और के पास रिटर्न करने के लिए कुछ है?



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अमेजन के फाउंडर और सीईओ जेफ बेजोस।
    नतीजों के बाद यूएस-इंडिया फोरम ने कहा- मोदी 5 साल में 25 साल के विकास का खाका बनाएंगे

    नतीजों के बाद यूएस-इंडिया फोरम ने कहा- मोदी 5 साल में 25 साल के विकास का खाका बनाएंगे


    वॉशिंगटन. चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत और रणनीति की दुनियाभर में तारीफ हो रही...

    वॉशिंगटन. चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत और रणनीति की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। अमेरिका के कॉरपोरेट लीडर जॉन चेंबर्स ने कहा है किमोदी अपने दूसरे कार्यकाल के5 साल में25 साल के विकास का खाका तैयार कर देंगे। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नरेंद्र मोदी को जीत की बधाई दी है। ट्वीट में उन्होंने मोदी की कामयाबी को बड़ी जीत करार दिया। साथ ही यह भी कहा कि मोदी के दूसरे कार्यकाल में भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय रिश्ते और मजबूत होंगे।

    मोदी ने भी ट्वीट कर ट्रम्प का शुक्रिया जताया और जीत को देश के 130 करोड़ लोगों के नाम किया।गुरुवार को आए लोकसभा नतीजों में भाजपा ने 303 सीटों पर कब्जा कर लिया।वहीं, कई विश्लेषकों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच अच्छी सहभागिता रही है। रक्षा समझौतों और संयुक्त युद्धाभ्यास से दोनों देशों के संबंध बेहतर हुए हैं। साथ ही दोनों देशों के बीच असैन्य (सिविल) परमाणु समझौता, कारोबार में 6 गुना का उछाल, रक्षा तकनीक का आदान-प्रदान बताता है कि भारत अमेरिका का बड़ा रक्षा सहयोगी है।

    ‘भारत का भविष्य उज्ज्वल’
    यूएस इंडिया स्ट्रैटजिक एंड पार्टनरशिप फोरम के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेयरमैन जॉन चेंबर्स के मुताबिक- मैं मोदी को उनकी जबर्दस्त जीत पर बधाई देना चाहता हूं।मोदी की अगुआई में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और व्यापार बढ़ेगा, नई नौकरियां और विदेशी निवेश आएगा। भारत का भविष्य उज्ज्वल है।

    ‘दोनों देशों के संबंध और मजबूत हों’
    विदेश विभाग की प्रवक्ता मॉर्गन ओर्टागस ने कहा कि मोदी मजबूत जनादेश के बल पर दोबारा सत्ता में लौटे हैं। आने वाले सालों में भारत और अमेरिका के रिश्ते ऊंचाई पर पहुंचेंगे। अमेरिका भारत की नई सरकार के साथ रणनीतिक सहयोग बढ़ाएगा। दोनों देश मिलकर आतंकवाद को खत्म करने और भारत-प्रशांत क्षेत्र में समृद्धि लाने के लिए काम करेंगे।

    ओर्टागस के मुताबिक- मोदी को मिले भारी बहुमत की तारीफ करनी होगी। उन्हें करीब 60 करोड़ लोगों के 66% वोट मिले। यह इसलिए हुआ क्योंकि वहां की सरकार ने चुनाव को बेहतर तरीके से अंजाम दिया।

    फिलिस्तीन-कनाडा ने भी मोदी को दी बधाई
    फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने भी मोदी को बधाई देते हुए कहा कि देश और लोगों की सेवा करने के उनके मिशन की कामयाबी की कामना करता हूं। मोदी पिछले साल फरवरी में फिलिस्तीन की राजधानी रामल्ला गए थे। यहां उन्होंने भारत के सहयोग से कई परियोजनाओं का ऐलान किया था।

    कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि मोदी के दोबारा चुने जाने पर मेरी सरकार की तरफ से उन्हें बधाई। भारत और कनाडा जलवायु परिवर्तन रोकने के साथ मिलकर काम करेंगे। साथ ही दोनों देश शिक्षा, व्यापार, निवेश को भी बढ़ाएंगे। उधर, कुवैत के अमीर सबाह अल-अहमद अल-जबेर अल-सबाह ने भी मोदी को बधाई संदेश भेजा।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Trump congratulates Modi corporate leader says his 2nd term to lay groundwork for 25 years
    एवरेस्ट के रास्ते में लाेगों की आवाजाही बढ़ी, पर्वतारोहियों के लिए डेथ जोन बन रहा- रिपोर्ट

    एवरेस्ट के रास्ते में लाेगों की आवाजाही बढ़ी, पर्वतारोहियों के लिए डेथ जोन बन रहा- रिपोर्ट


    काठमांडू.नेपाल स्थित हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं पर चढ़ाई के दौरान इस सीजन में 14 लोगों की मौत...

    काठमांडू.नेपाल स्थित हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं पर चढ़ाई के दौरान इस सीजन में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से छह पर्वतारोही भारतीय हैं। गुरुवार को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के दौरान दो भारतीय अंजलि कुलकर्णी, कल्पना दास और अमेरिकी डोनाल्ड कैश की जान गई थी। नेपाली मीडिया के मुताबिक, एवरेस्ट पर भारी संख्या में लोगों का पहुंचना मौतों की वजह हो सकती है। लोगों को शिखर तक पहुंचने के लिए रास्ते में इंतजार करना पड़ रहा है। इस वजह से उन्हें सांस से जुड़ी परेशानियों होने लगती हैं।

    अखबार काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, इस बार का क्लाइम्बिंग सीजन खत्म होने वाला है। मौसम अनुकूल होने से पर्वतारोही ज्यादा संख्या में एवरेस्ट पर पहुंच रहे हैं। आलाम ये है कि माउंट एवरेस्ट के टैक (ऊंचाई-26 हजार फीट) पर पर्वतारोहियों की लंबी लाइन लगी है। ऊंचाई और बर्फ से ढ़ंकी चोटियोंकी वजह सेयह ट्रैक डेथ जोन के नाम से मशहूर है।

    एवरेस्ट के रास्ते में हर पल जान का खतरा

    पॉयनियर एडवेंचर के मैनेजर निवेश कार्की ने कहा कि नेपाल स्थित एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों की बढ़ती संख्या बड़ी समस्या है, क्योंकि इसका रास्ता बेहद खतरनाक है। यहां ट्रैफिक बढ़ने से यात्रा कठिन हो जाती है और जान पर खतरा बना रहता है।

    कब-कब पर्वतारोहियों की जानें गईं
    23 मई:भारतीय पर्वतारोही अंजलि कुलकर्णी और कल्पना दास ने माउंट एवरेस्ट फतह किया था। वापस लौटते वक्त अंजलि पैर फिसलने से जख्मी हो गई थीं। इसके बाद कैंप में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और मौत हो गई। कल्पना की भी तबीयत बिगड़ने से जान गई।

    22 मई: माउंट एवरेस्ट फतह करने निकले अमेरिका के डॉन कैश (55) की मौत हो गई। वे 7 महाद्वीपों की अलग-अलग पर्वतों पर चढ़ाई के अभियान पर थे। परिजनों के मुताबिक, इनमें माउंट एवरेस्ट आखिरी था।
    17 मई:माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के दौरान भारतीय पर्वतारोही रवि ठाकर की मौत हुई। हिमालय के सबसे ऊंचे शिखर पर पहुंचने के कुछ घंटे बाद ही बेस कैंप के पास मृत पाए गए।
    16 मई:हिमालय की पर्वत श्रेणियों की चढ़ाई के दौरान सेना के जवान नारायण सिंह की जान चली गई थी। नारायण ने दुनिया की सबसे खतरनाक पर्वत श्रेणियों में से एक माउंट मकालू फतह कर ली थी।
    15 मई:कोलकाता के दो पर्वतारोहियों बिप्लब बैद्य (48) और कुंतल कंवर (46) की मौत हो गई। बैद्य कंचनजंगा पर्वतश्रेणी की 28,169 फीट की चढ़ाई करने के बाद लौट रहे थे, जबकि कंवर शीर्ष पर पहुंचने वाले थे।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today एवरेस्ट फतह करने के लिए रास्ते में पर्वतारोहियों की लंबी लाइन। गुरुवार को भारतीय पर्वतारोही अंजलि कुलकर्णी की मौत हो गई थी।
    फेसबुक ने जनवरी-मार्च में 2.2 अरब फेक अकाउंट हटाए, यह अब तक का रिकॉर्ड

    फेसबुक ने जनवरी-मार्च में 2.2 अरब फेक अकाउंट हटाए, यह अब तक का रिकॉर्ड


    कैलिफॉर्निया. फेसबुक ने जनवरी-मार्च तिमाही में 2.2 अरब फर्जी अकाउंट हटाए। यह अब तक का रिकॉर्ड...

    कैलिफॉर्निया. फेसबुक ने जनवरी-मार्च तिमाही में 2.2 अरब फर्जी अकाउंट हटाए। यह अब तक का रिकॉर्ड है। इससे पहले की तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में 1.2 अरब खाते हटाए थे। दुनियाभर में फेसबुक के मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या 2.38 अरब है। ऐसे में 2.2 अरब खाते हटाना बड़ा कदम है। डेटा शेयरिंग और फेक अकाउंट्स को लेकर कई देशों में फेसबुक की निंदा हो रही है। कई सरकारों ने उसके खिलाफ कार्रवाई भी की है।

    फेसबुक ने तीसरी कम्युनिटी स्टैंडर्ड रिपोर्ट में फर्जी खातों पर कार्रवाई की जानकारी दी है। कंपनी के मुताबिक- अब यह रिपोर्ट साल में 4 बार जारी की जाएगी। इसी तरह की रिपोर्ट इंस्टाग्राम को लेकर भी जारी की जाएगी।

    जकरबर्ग ने फेसबुक को छोटी-छोटी कंपनियों में बांटने की मांग खारिज की
    फेसबुक के सीईओ जकरबर्ग का ने कहा है कि कंपनी को बांटने से उन समस्याओं का हल नहीं होगा, जो इस समय सोशल मीडिया के सामने चुनौती बनी हुई हैं। उनका कहना है कि कंपनी सफल है, इसी वजह से यूजर्स की सुरक्षा और सुविधा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। फर्जी खातों, आपत्तिजनक कंटेंट को खत्म करना प्राथमिकताओं में शामिल है।

    जकरबर्ग के मुताबिक यूजर्स की सुविधा के लिए कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस लागू करने जा रही है। एक स्वायत्त बोर्ड भी बनाया जा रहा है जो कोर्ट की तरह लोगों की समस्याओं का समाधान करेगा। उसका फैसला अंतिम माना जाएगा। जकरबर्ग का कहना है कि सोशल मीडिया की सबसे बड़ी कंपनी आज भी गूगल है।

    यूजर्स की शिकायतों के समाधान के लिए व्हाइट हाउस की तरफ से वेबसाइट लॉन्च करने के सवाल पर जकरबर्ग का कहना है कि वह लोगों की निजता का सम्मान करते हैं और इसके लिए एडवाइजरी बोर्ड का गठन करने जा रहे हैं।

    हेट स्पीच इस समय सबसे बड़ी चुनौतीः फेसबुक
    फेसबुक के वाइस प्रेसिडेंट जस्टिन ओसॉफस्की का कहना है कि हेट स्पीच से निबटना सबसे बड़ी चुनौती है। अभी तक कंपनी ऐसा कोई सिस्टम नहीं बना सकी है, जिससे इस तरह के कंटेंट पर रोक लग सके। लेकिन पायलट प्रोग्राम चलाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत हेट स्पीच का रिव्यू करवाया जाएगा।

    डेटा लीक मामले में फेसबुक पर कार्रवाई होना तय
    यूजर्स के डेटा अवैध तरीके से शेयर करने के मामले में न्यूयार्क की अटॉर्नी जनरल ने फेसबुक के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। कंपनी के खिलाफ यह तीसरी जांच है। कनाडा और आयरिश सरकार ने भी डेटा लीक मामले की जांच का ऐलान किया है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सिंबॉलिक इमेज।
    आर्टमिस 2024 का शेड्यूल जारी, आधी सदी बाद चांद पर जाएगा मानव

    आर्टमिस 2024 का शेड्यूल जारी, आधी सदी बाद चांद पर जाएगा मानव


    वॉशिंगटन. नासा ने गुरुवार को अपने आर्टमिस 2024 का शेड्यूल जारी कर दिया। इसके तहत लगभग आधी सदी...

    वॉशिंगटन. नासा ने गुरुवार को अपने आर्टमिस 2024 का शेड्यूल जारी कर दिया। इसके तहत लगभग आधी सदी बाद मानव को फिर से चांद पर भेजा जाना है। आर्टमिस-1 के तहत 2020 में चांद पर केवल केवल अंतरिक्ष यान भेजा जाएगा। दूसरे चरण में अंतरिक्ष यात्री चांद की आर्बिट में जाएंगे तो तीसरे मिशन में अंतरिक्ष यात्री उपग्रह पर अपने कदम रखेंगे। आर्टमिस-3 के तहत पहली बार कोई महिला अंतरिक्ष यात्री चांद पर अपने कदम रखेगी।

    बोईंग से लॉन्च किए जाएंगे तीनों मिशनः प्रशासक
    नासा के प्रशासक जिम ब्राइडेनस्टाइन का कहना है कि तीनों मिशन बोईंग से लॉन्च किए जाएंगे। यह अब तक का सबसे बड़ा रॉकेट है। हालांकि, रॉकेट को तैयार करने की प्रक्रिया अभी चल ही रही है। इसमें देरी के लिए कई बार नासा की आलोचना भी हो चुकी है। इसमें ओरियन कैप्सूल लगाने के लिए लॉकहीड मार्टिन को टेंडर दिया गया है।

    ब्राइडेनस्टाइन का कहना है कि इनके अलावा पांच और लॉन्च भी किए जाने हैं। इनके जरिए लुनार मिनी स्टेशन गेट-वे का सामान भेजा जाना है। ये मिशन 2022 से लेकर 2024 तक भेजे जाएंगे। गेट-वे चांद पर पहुंचने का दरवाजा होगा। पांचों लॉन्च भेजने का काम निजी कंपनियां करेंगी। इसके लिए उन्हें नासा की तरफ से भुगतान किया जाएगा।

    नासा प्रशासक के मुताबिक- गेट-वे का पहला मॉडल तैयार करने के लिए निजी कंपनी मैक्सर का चयन किया गया है। लैंडर तैयार करने के लिए अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों जैसे बोईंग और लॉकहीड मार्टिन ने पेशकश की है। अब जेफ बोजॉस की कंपनी ब्लू ऑरिजिन भी इस रेस में शामिल हो गई है। कंपनी का चयन नासा का करना है।

    ब्राइडेनस्टाइन का कहना है कि नासा के पास हार्डवेयर नहीं है। इसे वह बाहर से खरीद रहे हैं। उनका कहना है कि 2024 बेहद नजदीक है। जल्दी से जल्दी सारा काम पूरा करना है। हमारी योजना चांद पर जाकर अटकने की नहीं है, बल्कि एक कदम आगे बढ़कर मंगल ग्रह पर फतह करने की है।

    अपोलो की जुड़वां बहनें थीं आर्टमिस
    चांद पर भेजे गए पहले मिशन का नाम अपोलो था। यूनान की पौराणिक कथाओं के मुताबिक आर्टमिस अपोलो की जुड़वां बहनें थीं। अमेरिका अभी तक चांद पर छह मिशन भेज चुका है। अपोलो-11 अमेरिका समेत पूरी दुनिया की तरफ से चांद पर भेजा गया पहला कामयाब मानव मिशन था। इसके जरिए 20 जुलाई 1969 को नील आर्मस्ट्रॉन्ग और एडविन ऑल्ड्रिन चांद की जमीन पर उतरे थे।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक फोटो
    चीन के साथ व्यापार वार्ता में अमेरिका हुवावे को शामिल कर सकता है

    चीन के साथ व्यापार वार्ता में अमेरिका हुवावे को शामिल कर सकता है


    वॉशिंगटन. चीन के साथ जारी व्यापार वार्ता में अमेरिका टेलीकॉम कंपनी हुवावे को भी शामिल कर...

    वॉशिंगटन. चीन के साथ जारी व्यापार वार्ता में अमेरिका टेलीकॉम कंपनी हुवावे को भी शामिल कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐसा कहा है। हुवावे पर अमेरिकी प्रतिबंधों से दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर और तेज होने के आसार बन गए थे। अमेरिका ने 15 मई को चीन की कंपनी हुवावे को ब्लैकलिस्ट कर एनटिटी लिस्ट में डाल दिया था। यानी हुवावे अमेरिकी कंपनियों के साथ कारोबार नहीं कर पाएगी।

    अमेरिका को शक है कि हुवावे के उपकरणों के जरिए चीन जासूसी कर सकता है। इसलिए यूएस ने हुवावे पर प्रतिबंध लगाए। हालांकि, कुछ समय की राहत दी है ताकि हुवावे पर निर्भर अमेरिकी कंपनियों को ज्यादा दिक्कत ना हो। ट्रम्प का कहना है कि सुरक्षा के नजरिए से अमेरिका हुवावे को लेकर बहुत चिंतित है।

    हुवावे दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम उपकरण निर्माता और दूसरी बड़ी स्मार्टफोन विक्रेता कंपनी है। वह 5जी टेक्नोलॉजी में अग्रणी है और तेजी से विस्तार कर रही है। एक अनुमान के मुताबिक हुवावे हर साल 67 अरब डॉलर के कंपोनेंट खरीदती है। करीब 11 अरब डॉलर की खरीद अमेरिकी सप्लायरों से की जाती है।

    ट्रम्प ने उम्मीद जताई है कि चीन के साथ जल्द डील हो सकती है। ऐसा होता है तो बहुत अच्छी बात है, नहीं होता है तो भी ठीक है। उन्होंने कहा कि जी20 समिट में चीन के राष्ट्रपति शी-जिनपिंग से जल्द मुलाकात की उम्मीद है।

    अमेरिका-चीन के बीच पिछले साल मार्च में ट्रेड वॉर शुरू हुआ था। दोनों देश एक-दूसरे के अरबों डॉलर के आयात पर शुल्क बढ़ा चुके हैं। अमेरिका ने 10 मई से 200 अरब डॉलर के चाइनीज इंपोर्ट पर शुल्क 10% से बढ़ाकर 25% किया है। जवाबी कार्रवाई करते हुए चीन 1 जून से 60 अरब डॉलर के अमेरिकी इंपोर्ट पर शुल्क बढ़ाएगा।

    पिछले साल नवंबर में ट्रम्प और जिनपिंग जी-20 में मिले तो ट्रेड वॉर खत्म करने के लिए व्यापार वार्ता शुरू करने पर सहमति बनी। उस वक्त ट्रम्प इस बात के लिए राजी हुए थे कि मार्च तक टैरिफ नहीं बढ़ाएंगे। वार्ता जारी रहने की वजह से मार्च में फिर से डेडलाइन बढ़ा दी गई। लेकिन, पिछले दिनों बातचीत पटरी से उतर गई। ट्रम्प का आरोप है कि चीन वादे से मुकर गया है।

    ट्रम्प की मांग है कि चीन, अमेरिका का व्यापार घाटा कम करे। पिछले साल चीन के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा 539 अरब डॉलर पहुंच गया था। ट्रम्प अमेरिका के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (बौद्धिक संपदा अधिकार) की सुरक्षा के पुख्ता उपाय करने और अमेरिकी सामान की चीन के बाजार में पहुंच बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं। अमेरिका लंबे समय से चीन पर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की चोरी का आरोप लगाता रहा है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today डोनाल्ड ट्रम्प (दाएं) चीन के राष्ट्रपति शी-जिनपिंग के साथ। (फाइल फोटो)
    भारतीय राजदूत ने कहा- अमेरिकी छूट खत्म होने के बाद हमने ईरान से तेल खरीदना बंद किया

    भारतीय राजदूत ने कहा- अमेरिकी छूट खत्म होने के बाद हमने ईरान से तेल खरीदना बंद किया


    वॉशिंगटन. अमेरिका ने पिछले साल ईरान पर परमाणु कार्यक्रम की जानकारी छिपाने का आरोप लगाकर उस...

    वॉशिंगटन. अमेरिका ने पिछले साल ईरान पर परमाणु कार्यक्रम की जानकारी छिपाने का आरोप लगाकर उस पर प्रतिबंध लगा दिए थे। इसके बाद लगभग सभी देशों ने ईरान के साथ व्यापार बंद कर दिया। कुछ देशों को व्यापार खत्म करने के लिए 6 महीने की छूट दी गई थी, ताकि वे लेन-देन से जुड़े समझौते जल्द खत्म कर सकें। हालांकि, अब भारत ने ईरान से तेल खरीदना पूरी तरह बंद कर दिया है। अमेरिका में स्थित भारतीय राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

    हर्षवर्धन ने कहा कि अप्रैल के खत्म होते ही भारत ने ईरानी तेल पर अपनी निर्भरता 2.5 अरब टन महीने के आयात से घटाकर 10 लाख टन पहुंचा दी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत के लिए ये एक बड़ी कीमत है, क्योंकि अब हमें ऊर्जा के स्रोत ढूंढने होंगे। भारत ने हाल ही में वेनेजुएला से भी तेल आयात करना बंद किया है।

    पांच देशों ने बंद किया ईरान से तेल आयात
    ईरान भारत की करीब 10% तेल जरूरत पूरी करता था। अमेरिकी प्रतिबंध में छूट खत्म होने के बाद करीब पांच देश ईरान से तेल आयात बंद कर चुके हैं। इसमें ग्रीस, इटली, ताईवान और तुर्की शामिल हैं।

    चाबहार बंदरगाह पर नहीं पड़ेगा प्रतिबंधों का असर
    हर्षवर्धन ने भरोसा जताया कि अमेरिकी प्रतिबंधों से चाबहार बंदरगाह विकसित करने पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चाबहार अफगानिस्तान के लिए लाइफलाइन की तरह है। यह बंदरगाह अफगान नागिरकों की मानवतावादी मदद और जरूरत पूरी करने में अहम होगा। यह भारत-अमेरिका के हित में होगा कि हम दूसरों देशों की जरूरतों को पूरा करें, ताकि वहां भी जीवन चलता रहे।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Indian envoy in US says oil import from Iran stopped after US waivers expired
    आईफोन की लत है तो पूरी जिंदगी में आपको 1.71 करोड़ रु. खर्च करने पड़ सकते हैं

    आईफोन की लत है तो पूरी जिंदगी में आपको 1.71 करोड़ रु. खर्च करने पड़ सकते हैं


    लंदन. अगर आप आईफोन के फैन हैं और आपको इसकी लत है तो इसके लिए जिंदगीभर में 1.94 लाख पाउंड (करीब 1.71...

    लंदन. अगर आप आईफोन के फैन हैं और आपको इसकी लत है तो इसके लिए जिंदगीभर में 1.94 लाख पाउंड (करीब 1.71 करोड़ रुपए) खर्च करने पड़ सकते हैं। यह जानकारी ब्रिटिश टेक कंपनी म्यूजिक मेगपाई की रिसर्च से सामने आई है।

    रिसर्च के मुताबिक अगर उपभोक्ता हर बार लॉन्च होने पर आईफोन अपग्रेड करते हैं तो इसके लिए उन्हें जीवन में 1.53 लाख पाउंड (करीब 1.35 करोड़ रुपए) खर्च करने पड़ सकते हैं। साथ ही अगर फोन के साथ आने वाले मोबाइल करियर कंपनी का प्लान लेने पर अतिरिक्त 41076 पाउंड (करीब 36 लाख रुपए) और खर्च करने पड़ेंगे। इस तरह जीवन भर आईफोन का हर नया मॉडल खरीदने के लिए करीब 1.71 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

    रिसर्च में फोन रिप्लेसमेंट साइकिल 24 महीने और उपभोक्ता के जीवन भर के खर्च में 18 साल से 81 साल की उम्र तक आईफोन के लिए किए खर्च को शामिल किया गया है। महंगाई दर और आईफोन के हर नए मॉडल की कीमत बढ़ने के पैटर्न के आधार पर भविष्य में आईफोन की कीमत निर्धारित की गई है। इसके मुताबिक 60 साल बाद आईफोन की कीमत 4110 पाउंड (करीब 3.63 लाख रुपए) हो सकती है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन में एक व्यक्ति को 2018 में लॉन्च हुए आईफोन एक्सएस की कीमत निकालने के लिए औसतन 70 घंटे काम करना पड़ा। वहीं, 2008 में इसके लिए सिर्फ 25 घंटे काम करने की जरूरत थी।

    10 साल में आईफोन के दाम में 162% बढ़ोतरी हुई है। वहीं, इस दौरान ब्रिटेन में प्रति घंटे औसत सैलरी में सिर्फ 2.95% की बढ़ोतरी हुई है। ब्रिटेन में 2008 में प्रति घंटा औसत सैलरी 11.88 पाउंड थी। 2018 में यह 14.31 पाउंड थी। इस लिहाज से आईफोन की कीमत के बराबर रकम निकालने के लिए काम के घंटे 10 सालों में 180% बढ़ गए।

    अगर प्रतिघंटे सैलरी बढ़ने की रफ्तार यही रही तो 60 साल बाद प्रति घंटा औसत सैलरी 42.94 पाउंड होगी। लेकिन, तब तक आईफोन की कीमत 4000 पाउंड को पार कर जाएगी। तब लोगों को इसकी कीमत निकालने के लिए 95 घंटे काम करना होगा।

    म्यूजिक मेगपाई ने आईफोन के शौकीन लोगों को पैसे बचाने के लिए कुछ सलाह भी दी है। कंपनी ने कहा है कि लोग रिफर्बिश्ड फोन (ठीक करवाए गए पुराने फोन) खरीदें। ऐसे फोन कम कीमत पर मिल जाते हैं। साथ ही आईफोन खरीदते समय किसी मोबाइल करियर कंपनी का प्लान न लें। म्यूजिक मेगपाई खुद भी फोन रिफर्बिश करने का काम करती है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सिंबॉलिक इमेज।
    मोदी को इमरान-जिनपिंग ने दी बधाई, नेतन्याहू बोले- महान लोकतंत्र को चलाने वाले की जीत

    मोदी को इमरान-जिनपिंग ने दी बधाई, नेतन्याहू बोले- महान लोकतंत्र को चलाने वाले की जीत


    नई दिल्ली.लोकसभा चुनावमें एनडीए की जीत पर दुनियाभर के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को...

    नई दिल्ली.लोकसभा चुनावमें एनडीए की जीत पर दुनियाभर के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देने में जुटे हैं। इनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे शामिल हैं।

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को बड़ी चुनावी जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा किअमेरिका-भारत पार्टनरशिप के तहत कई बड़ी चीजें अभी बची हैं। मोदी की वापसी से मुझे उम्मीद है कि साथ मिलकर और महत्वपूर्ण काम करने का मौका मिलेगा।

    नेतन्याहू ने मोदी को बधाई देते हुए लिखा, “मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी, आपको प्रभावशाली चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई! ये चुनावी नतीजे एक बार फिर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में आपके नेतृत्व को साबित करते हैं। हम साथ मिलकर भारत और इजराइल के बीच घनिष्ठ मित्रता को मजबूत करना जारी रखेंगे । बहुत बढ़िया, मेरे दोस्त।”

    इमरान ने ट्वीट किया, ‘‘मैं भाजपा गठबंधन की जीत पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देता हूं। दक्षिण एशिया में शांति, विकास और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।’’

    ##

    जिनपिंग ने पत्र लिखकर बधाई दी

    चीनकेराष्ट्रपति शी जिनपिंग नेमोदी को पत्र लिखकर एनडीए की जीत की बधाई दी। इसमें जिनपिंग ने मोदी के साथ मिलकर भारत-चीन के रिश्ते आगे बढ़ाने की बात कही। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने ट्वीट कर कहा कि अफगानिस्तान की सरकार और नागरिक दो लोकतंत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने की आकांक्षा रखते हैं।

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने मोदी को फोन कर जीत के लिए मुबारकबाद दी। वहीं, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने मोदी को शानदार जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने आगे दोनों देशों के साथ काम करने की इच्छा जताई।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बेंजामिन नेतन्याहू और नरेंद्र मोदी।
    न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा- मोदी मजबूत छवि से जीते; डॉन ने लिखा- यह जीत पाक विरोधी नीति पर मुहर

    न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा- मोदी मजबूत छवि से जीते; डॉन ने लिखा- यह जीत पाक विरोधी नीति पर मुहर


    नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव में एनडीए की जीत को वर्ल्ड मीडिया ने नरेंद्र मोदी पर जनता के विश्वास...

    नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव में एनडीए की जीत को वर्ल्ड मीडिया ने नरेंद्र मोदी पर जनता के विश्वास का नतीजा बताया। ब्रिटिश अखबार ‘द गार्डियन’ ने लिखा कि मोदी की भाजपा ने फिर कमाल किया। अमेरिका के "द न्यूयॉर्क टाइम्स'' ने लिखा कि मोदी मजबूत छवि के कारण जीते। भाजपा के इस बड़े नेता को रोकना विपक्ष के लिए मुश्किल हुआ। पाकिस्तान के द डॉन ने लिखा- मोदी की यह जीत पाक विरोधी नीति पर मुहर है।

    मोदी हिंदू राष्ट्रवाद की राजनीति के ब्रांड- द न्यूयॉर्क टाइम्स
    द न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा, ‘कुछ महीने पहले जब मोदी आर्थिक मोर्चे पर संघर्ष कर रहे थे, तब जो नतीजे विश्लेषकों ने सोचे थे.. यह जीत उससे कहीं ज्यादा प्रभावी साबित हुई। हिंदू राष्ट्रवाद की राजनीति के ब्रांड बन चुके मोदी ने पूरी दुनिया में भारत की जो मजबूत छवि पेश करने की कोशिश की थी, उसने देश के 91 करोड़ मतदाताओं को पूरी तरह प्रभावित किया। मोदी को व्यापार के लिए भी बेहतर माना गया। उन्होंने टैक्स व्यवस्था को सरल किया और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई। एशिया में भारत का स्टॉक मार्केट एक संभावनाओं वाली जगह है। जबकि, अमेरिका के साथ ट्रेड वार के चलते चीन के शेयरों को नुकसान उठाना पड़ा है।’

    मोदी को रोकने की तमाम कोशिशें हुईं- द गार्डियन
    द गार्डियन ने लिखा- एग्जिट पोल में जो नतीजे दिखाए गए, वही सच साबित हुए। मोदी की भाजपा की सत्ता में वापसी हुई। उन्हें रोकने की तमाम कोशिशें हुईं, लेकिन जनता ने इस कद्दावर नेता और उसकी पार्टी में भरोसा बरकरार रखा।

    मोदी पर भले ही देश बांटने के आरोप लगे, पर बहुत लोगों ने उन्हें पसंद किया- बीबीसी
    बीबीसी वर्ल्ड ने कहा- लोकसभा चुनाव मेंमोदी की ऐतिहासिकजीत हुई।रुझान सामने आते ही भारत के स्टॉक मार्केट में उछाल आ गया। मोदी पर भारत को बांटने के आरोप लगे, लेकिन नतीजे दिखा रहे हैं कि उनकी ध्रुवीकरण वाली छवि को लोगों ने बहुत ज्यादा पसंद किया।

    भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में मोदी को गंभीरता से लिया जाता है- सीएनएन
    सीएनएन ने लिखा- पिछली बार मोदी का नारा था "सबका साथ-सबका विकास'। इस बार उन्होंने खुद को चौकीदार कहा। उन्होंने प्रभावी तौर पर खुद को देश का रक्षक दिखाया। यह एक बहुत ही अलग संदेश है। एक चीज जिसने मोदी को 2014 में बेहद लोकप्रिय बनाया, वह थी अर्थव्यवस्था के लिए किए गए उनके वादे थे। ना केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में इसीलिए उन्हें इतनी गंभीरता से लिया जाता है।

    पुलवामा के बाद भाजपा को फायदा मिला- जियो टीवी
    पाकिस्तान के चैनल जियो टीवी ने अपनी वेबसाइट पर लिखा, "मोदी चुनाव प्रचार की शुरुआत में विधानसभा चुनावोंमें कुछ राज्य में हार और महंगाई-बेरोजगारी पर गुस्से के चलते दबाव में थे। हालांकि, पुलवामा हमले के बाद यह अभियान भारत के परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसी पाकिस्तान के साथ रिश्तों की ओर मुड़ गया। इससे भाजपा को फायदा हुआ। भाजपा ने बेहद प्रभावी कैम्पेनर मोदी की स्टार पावर का फायदा उठाया। भाजपा की चुनावी मशीनरी भी जमीनी स्तर पर ज्यादा प्रभावी थी।"

    क्या मोदी इमरान के शांति प्रस्ताव को तवज्जो देंगे- डॉन
    द डॉन ने लिखा- मोदी 2-0 से आगे दिख रहे हैं। मतलब ये कि पाकिस्तान के प्रति भाजपा की नीति नहीं बदलेगी और दोनों देशों में तनाव भी कम नहीं होगा। सवाल ये भी है कि क्या मोदी इमरान खान के शांति प्रस्ताव को तवज्जो देंगे?मोदी की यह जीत पाक विरोधी नीति पर मुहर है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Election 2019 Results: World Media Reaction on Lok Sabha Election Result 2019; from China, US, Pakistan and UK
    गूगल कर्मचारियों ने पैसे बचाने के लिए वैन को अपना घर बना लिया, ऑफिस के पीछे ही रहने लगे

    गूगल कर्मचारियों ने पैसे बचाने के लिए वैन को अपना घर बना लिया, ऑफिस के पीछे ही रहने लगे


    कैलिफोर्निया. गाड़ियों का इस्तेमाल एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए होता है। पर, कैलिफोर्निया...

    कैलिफोर्निया. गाड़ियों का इस्तेमाल एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए होता है। पर, कैलिफोर्निया के माउंटेन व्यू इलाके में कर्मचारी इनका उपयोग घर की तरह कर रहे हैं। यहां दुनिया की चौथी सबसे बड़ी कंपनी अल्फाबेट (गूगल की पैरेंट कंपनी) का हेडक्वार्टर है। पिछले कुछ समय में यहां मकान किराए में भारी इजाफा हुआ है।

    माउंटेन व्यू में मकान का औसत किराया 2.89 लाख रुपए

    इस वजह से कम सैलरी पाने वाले लोग वैन को ही घर बनाकर रहने को मजबूर हो रहे हैं। इनमें गूगल सहित कई अन्य टेक कंपनियों के युवा कर्मचारी भी शामिल हैं। माउंटेन व्यू में मकान का औसत किराया 4151 डॉलर (करीब 2.89 लाख रुपए) है। यह 2010 की तुलना में लगभग दोगुना है। यहां की टेक कंपनियों में काम करने वाले कई युवाओं की सैलरी 10 हजार डॉलर से कम है। जाहिर है वे इतना ज्यादा किराया नहीं दे सकते हैं। वहीं, वैन 800 डॉलर (करीब 55 हजार रुपए) प्रतिमाह के किराए पर मिल जाती हैं। इसलिए कम सैलरी पाने वाले कर्मचारी वैन को घर बनाने को तरजीह देते हैं।

    घर खरीदना और भी महंगा हो गया है। इस इलाके में 2010 में फ्लैट की औसत कीमत करीब 5.22 करोड़ रुपए थी। यह अब बढ़कर 12.54 करोड़ रुपए हो गई है। माउंटेन व्यू को सिलिकन वैली के टेक बूम का प्रमुख स्थान माना जाता है। यहां से कई लोग करोड़पति बने। साथ ही घर की समस्या भी बड़े पैमाने पर सामने आई। यह समस्या इतनी बढ़ गई है कि यूएन ने इसे मानवाधिकार का उल्लंघन बताया। पिछले साल दिसंबर में माउंटेन व्यू में 300 वैन का इस्तेमाल घर के तौर पर हो रहा था। आस-पास के इलाकों में भी इतनी ही है। उधर, माउंटेन व्यू सिटी काउंसिल ने रोड पर वैन पार्क करना अवैध करार दे दिया है, इससे इन वैन में रहने वालों की मुश्किल बढ़ सकती है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today living in a van in google backyard some employees make it work
    पाक मीडिया ने कहा- सुषमा स्वराज और विदेश मंत्री कुरैशी के बीच हुई अनाधिकारिक बैठक

    पाक मीडिया ने कहा- सुषमा स्वराज और विदेश मंत्री कुरैशी के बीच हुई अनाधिकारिक बैठक


    बिशकेक. भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 21-22 मई को किर्गिस्तान में आयोजित शंघाई कोऑपरेशन...

    बिशकेक. भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 21-22 मई को किर्गिस्तान में आयोजित शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) में हिस्सा लेने पहुंची थीं। पाक मीडिया ने दावा किया है कि समिट में पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और सुषमा स्वराज के बीच अनाधिकारिक बैठक हुई। एक दिन पहले ही समिट में मीटिंग के दौरान की फोटोज में सुषमा को कुरैशी के पास में बैठे दिखाया गया था।

    पाक के मीडिया ग्रुप द डॉन कोे दिए इंटरव्यू में कुरैशी ने कहा, “मैं सुषमा जी से मिला, उन्हें शिकायत थी कि हम कभी-कभी काफी तल्ख लहजे में बात करते हैं। वह मिठाई लाईं, ताकि हम मीठी बातें कर सकें।”

    भारत ने नकारी बैठक की बात

    भारतीय विदेश मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच कोई बैठक नहीं हुई। वे सिर्फ आधिकारिक तौर पर मिले और एक-दूसरे का अभिवादन किया। दूसरी तरफ पाक मीडिया ने एससीओ समिट की कुछ फोटो भी रिलीज कीं। इसमें दोनों देशों के विदेश मंत्रियों को एक-दूसरे के पास बैठे देखा जा सकता है।

    इससे पहले सुषमा ने एससीओ देशों के विदेश मंत्रियो की मीटिंग के दौरान भाषण दिया। इसमें उन्होंने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, अफगानिस्तान में शांति जैसे कई मुद्दों को उठाया।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Pakistan Media says Sushma Swaraj and Shah Mehmood held informal meeting in SCO summit
    गेम्स ऑफ थ्रोन्स की तर्ज पर 29 देशों के 1000 से ज्यादा खिलाड़ी एक दूसरे से भिड़े

    गेम्स ऑफ थ्रोन्स की तर्ज पर 29 देशों के 1000 से ज्यादा खिलाड़ी एक दूसरे से भिड़े


    कीव. यहां से 100 किमी दूर कॉपाचिव गांव में 29 देशों के खिलाड़ी मध्यकालीन युग के योद्धाओं के वेष...

    कीव. यहां से 100 किमी दूर कॉपाचिव गांव में 29 देशों के खिलाड़ी मध्यकालीन युग के योद्धाओं के वेष में एक दूसरे से भिड़े। गेम्स ऑफ थ्रोन्स की तर्ज पर लड़ रहे खिलाड़ियों को देखकर वह युग याद आ गया, जिसमें सेनाएं एक दूसरे से भिड़ती थीं और युद्ध का फैसला तब होता था जब एक सेना के पैर पूरी तरह से उखड़ जाएं। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ी के गिरने पर ही मान लिया जाता था कि वहखेल से बाहर हो गया। इस बार 1000 से ज्यादा खिलाड़ियों नेइसमें भाग लिया। इनमें महिला खिलाड़ी भी शामिल रहीं।

    इस इवेंट में एक किलेनुमा जगह बनाई जाती है। इसके भीतर रेतीली जमीन पर दो टीमें आपस में भिड़ती हैं। खिलाड़ी उसी तरह के हथियारों की प्रतिकृति से एक दूसरे पर वार करते हैं, जैसे जंग में सैनिक एक दूसरे पर करते थे।


    कवच पर ही वार करने का नियम
    इस बार इंटरनेशनल मेडिवल कॉम्बेट फेडरेशन ने चार दिनों का वर्ल्ड कप यूक्रेन की राजधानी कीव में आयोजित किया। इससे पहले यह स्कॉटलैंड में हुआ था। यूक्रेन ने इस तरह के खतरनाक संघर्ष को 2016 में अपने आधिकारिक खेल का दर्जा दे दिया था।


    इस खेल में कुछ नियम तय किए गए। खिलाड़ी भारी-भरकम कवच पहनकर मैदान में उतरते हैं। उन्हें शरीर के उसी हिस्से पर वार करने की अनुमति थी, जो कवच से ढका हो। कोहनी और गर्दन पर वार करना खेल के नियमों के विरुद्ध माना गया।

    यूक्रेन में पहली बार यह इवेंट
    जिन प्रमुख देशों ने इसमें हिस्सा लिया, उनमें ब्रिटेन, जर्मनी, चीन, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की टीमें शामिल हैं। कॉपाचिव गांव में प्राचीन काल के राज्य की प्रतिकृति लकड़ी से बनाई गई।यह पहली बार है जब यूक्रेन में इसका आयोजन किया गया।

    ‘भारी कवच पहनकर लड़ना चुनौतीपूर्ण’
    फ्रांस की टीम के कप्तान क्रिस्टोफर बर्रे का कहना है कि प्रतियोगिता शानदार रही। हालांकि, उनका कहना है कि 20-20 किलो के कवच पहनकर एक दूसरे से जूझना वाकई चुनौतीपूर्ण था। पोलैंड के खिलाड़ी का कहना था कि उनका कवच 27 किलो का था।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today armour clad warriors clash medieval battles ukraine
    चीन ने मरम्मत के बाद पाक को सौंपा जेएफ-17 फाइटर जेट, पहली बार लड़ाकू विमान का निरीक्षण किया गया

    चीन ने मरम्मत के बाद पाक को सौंपा जेएफ-17 फाइटर जेट, पहली बार लड़ाकू विमान का निरीक्षण किया गया


    बीजिंग. चीन ने मरम्मत के बाद पहलाजेएफ-17 फाइटर जेट पाकिस्तान कोसौंपा।मीडिया रिपोर्ट के...

    बीजिंग. चीन ने मरम्मत के बाद पहलाजेएफ-17 फाइटर जेट पाकिस्तान कोसौंपा।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन और पाकिस्तानके बीच एक दशक पहले एकल इंजन वाले हल्के जेएफ फाइटर जेट के निर्माण को लेकर समझौता हुआ था। चीन ने फाइटर जेट कीपहलीखेप पाकको 2007 में सौंपी थी। इनमें शामिल जेट्स को पाक नेवायु सेना में रखाथा।

    मरम्मत के लिए नवंबर 2016 में समझौता हुआ

    सेना के विशेषज्ञ ने बताया कि एक दशक तक इस्तेमाल किए जाने के बाद पहली बार जेएफ-17 को मरम्मत के लिए भेजा गया था। नवंबर 2016 में पाक और चीन के बीच जेएफ-17 की मरम्मत को लेकर समझौताहुआ। नवंबर 2017 में फाइटर जेट कीमरम्मत का कार्य शुरू हुआ।

    मार्च में जेएफ-17 पाक को सौंपा गया था

    चीनी एविएशन न्यूज के मुताबिक, एविएशन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ चीन (एवीआईसी) के तहत चांग्सा 5712 एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री ने फाइटर जेट कीमरम्मत की।इसके बाद जेट को मार्च में पाकिस्तानी क्लाइंट को सौंपा गया। यह पहली बार है,जब एवीआईसी ने निर्यात के लिए थर्डऔर फोर्थ जेनरेशन के फाइटर जेट कीमरम्मत की गई।

    ब्लॉक 3 वैरिएंट और शक्तिशाली होगा

    चीन के रक्षा विशेषज्ञ फू क्वानशाओ ने कहा कि जेएफ-17 कीपहली बार मरम्मत करना हमारे लिए मिल का पत्थर है।फाइटर जेट कीमरम्मतमें पुराने पार्ट्सहटाकर नए लगाए गए हैं। इसके एयरफ्रेम और इंजन में भी बदलाव किए गए हैं। जेएफ-17 केब्लॉक 3 वैरिएंट पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि यह पहले की अपेक्षा ज्यादा शक्तिशाली होगा।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक फोटो।
    बीमार बेटे को साथ लाने के कारण महिला विधायक को विधानसभा से बाहर निकाला

    बीमार बेटे को साथ लाने के कारण महिला विधायक को विधानसभा से बाहर निकाला


    क्वेटा. पाकिस्तान में बलूचिस्तान की प्रांतीय विधानसभा की सदस्य महजबीन शेरन को बेटे को साथ...

    क्वेटा. पाकिस्तान में बलूचिस्तान की प्रांतीय विधानसभा की सदस्य महजबीन शेरन को बेटे को साथ लाने की वजह से विधानसभा से बाहर निकाल दिया गया। उनका बेटा बीमार था, जिसे वह घर पर अकेले नहीं छोड़ सकती थीं। लेकिन, कर्मचारियों ने उन्हें वहां से बाहर जाने के लिए मजबूर किया। शेरन का कहना था कि लोगों को भी पता चलना चाहिए कि महिलाएं किस तरह की दिक्कतों से जूझने के बाद बाकी जिम्मेदारियों को पूरा करती हैं।

    शेरन,बलूचिस्तान प्रांत के कच्छ जिले से हैं। वह 2018 में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट से विधानसभा सदस्य बनीं थीं। शेरन ने कहा, ‘‘मैंसेशन में शामिल होना चाहती थीं। इसी कारण बेटे को साथ लानेका फैसला किया। मेरे लिए यहबुरी स्थिति थी,जब यह फैसला करना था कि सेशन में भाग लें या बच्चेकी देखभाल करें।’’

    शेरन ने बताया, ‘‘मुझे बहुत शर्मिंदगी हुई,जब कुछ पुरुषों कोमेरा मजाक उड़ाते देखा।वहां उपस्थित लोगों में केवल एक ही ने मेरा साथ दिया। मैंने पहले भी कई बारविधानसभा सचिव को सदन में एक शिशु घर बनाने के लिए कहा है। लेकिन, मेरेआग्रह को हमेशा अस्वीकार किया गया।’’

    रिपोर्ट के मुताबिक अबबहुत सारे विधायक,राजनेताओं और कार्यकर्ताओं से सरकारी कार्यालयों में शिशु घर बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। शेरन ने कहा, ‘‘मैंइसके लिए विधानसभा में प्रस्ताव रखूंगी ताकि हर मां अपने बच्चेको विधानसभा में साथ ले जा सकें।’’

    रिपोर्ट के अनुसारपाकिस्तानीसंसद में दो साल पहले शिशु घर बनाया गया था। शेरन के मुताबिक उन्होंने भीमहिला वकीलों, कार्यकर्ताओं और राजनेताओंको अपने बच्चों को काम पर ले जाते देखा है। ऐसे में यह जानकर निराशा हुई कि पाकिस्तान में बच्चों को विधानसभा में लाना कानून के खिलाफ है।

    एक ऐसा ही मामला जापान में भी सामने आया था। वहां के कुमामोटो सिटी विधानसभा में एक सदस्य यूका ओगाटाअपने बच्चे को सेशन में लेकर आईं थीं। इस बात का साथी सदस्यों ने आलोचना की थी। ओगाटा का कहना था कि मैं दिखाना चाहती हूंकि महिलाओं को अपने करियर और बच्चों को संभालने में कितनी परेशानी होती है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अपने बच्चे के साथ विधानसभा सदस्य शेरन।
    मानव शव से खाद बनाने की मंजूरी, परिवार वाले बगीचे में इस्तेमाल कर सकेंगे

    मानव शव से खाद बनाने की मंजूरी, परिवार वाले बगीचे में इस्तेमाल कर सकेंगे


    लॉस एंजिल्स. अमेरिका में मानव शव से खाद बनाने को मंजूरी दे दी गई है। वॉशिंगटन इसे लागू करने...

    लॉस एंजिल्स. अमेरिका में मानव शव से खाद बनाने को मंजूरी दे दी गई है। वॉशिंगटन इसे लागू करने वाला पहला राज्य होगा। वॉशिंगटन के गवर्नर ने इस बिल पर दस्तखत कर दिए। बिल का मकसद अंतिम संस्कार और दफनाने से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कटौती करना है।

    नया नियम अगले साल मई में लागू होगा। इसके तहत लोगों के पास यह विकल्प होगा कि वे खुद के शव को खाद बनाने के लिए दे सकें। इस प्रक्रिया को रिकम्पोजिशन कहा जाएगा।

    सिएटल की एक कंपनी ने दिया थाऑफर
    सिएटल की एक कंपनी रीकम्पोज ने सबसे पहले मानव खाद बनाने का ऑफर दिया था। नियम बनाने के लिए लड़ाई लड़ने वालीं और रीकम्पोज की संस्थापक कैटरीना स्पेड का कहना है- रीकम्पोजिशन शव को दफनाने या अंतिम संस्कार का विकल्प प्रदान करता है। यह प्राकृतिक होने के साथ सुरक्षित और टिकाऊ है। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन रुकेगा बल्कि जमीन की भी बचत होगी। प्रकृति के पास सीधे लौटने और जीवन-मृत्यु के चक्र में वापस जाने का विचार बहुत सुंदर है।

    10 साल पहले आया विचार
    कैटरीना के मुताबिक- रीकम्पोजिशन का विचार 10 साल पहले उस वक्त आया था जब मैं 30 साल की हो रही थी और खुद कीमौत के बारे में ज्यादा सोचने लगी थी। आगे यह भी बताया कि उन्होंने पर्यावरण के लिए बेहतर साबित होने वाले एक अन्य विकल्प पर सोचना शुरू किया। इसके लिए उनका सामना 20 बिलियन डॉलर (करीब 1.3 लाख करोड़ रुपए) के अमेरिकी अंतिम संस्कार कारोबार से था, जो पारंपरिक प्रक्रिया का पैरोकार था।

    मानव खाद के ट्रायल भी हुए
    मानव खाद के लिए कैटरीना ने वॉशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी में बाकायदा ट्रायल भी किए। इसके लिए शव कोस्टील के कंटेनर में सूखी घास, लकड़ियों और स्ट्रॉके साथ 30 दिन तक बंद कर दिया गया। इस दौरान बैक्टीरिया ने शव को पूरी तरह डिकम्पोज कर दिया। प्रक्रिया से मिला उत्पाद सूखा और पोषक तत्वों से युक्त था, जिसका इस्तेमाल बगीचे में किया जा सकता था।

    कैटरीना के मुताबिक, ‘‘प्रक्रिया में हड्डियां और दांत तक पूरी तरह से गल गए। हमने ज्यादा तापमान बनाए रखा ताकि बैक्टीरिया (माइक्रोब्स) शवों को पूरी तरह से डिकम्पोज (गला) कर दें।’’ रीकम्पोज प्रक्रिया में पहले जानवरों के शव को गलाकर खाद बनाई जाती थी। वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी ने पाया कि प्रक्रिया इंसानों के शव में भी कारगर है।

    23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सिएटल की कैटरीना स्पेड ने मानव खाद के लिए लंबी लड़ाई लड़ी।
    भारतवंशी वैज्ञानिक का सेना से 1.39 अरब रुपए का करार, विचारों से कंट्रोल होने वाला रोबोट बनाएंगे

    भारतवंशी वैज्ञानिक का सेना से 1.39 अरब रुपए का करार, विचारों से कंट्रोल होने वाला रोबोट बनाएंगे


    वॉशिंगटन. भारतीय मूल के वैज्ञानिक और उनकी टीम अमेरिकी सेना के लिए ऐसा रोबोट बना रही है, जिसे...

    वॉशिंगटन. भारतीय मूल के वैज्ञानिक और उनकी टीम अमेरिकी सेना के लिए ऐसा रोबोट बना रही है, जिसे सेना के जवान अपने विचारों सेकंट्रोल कर पाएंगे। सीनियर रिसर्च साइंटिस्ट गौरव शर्मा ने इसके लिएसैन्य विभाग के साथ करीब 1.39 अरब रुपएका करार किया है। कोलंबस के रिसर्च एंड डेवलपमेंट संगठन के मुताबिक,इस तकनीक के विकसित होने के बाद सेनाअपने विचारोंसे ही स्वचालित वाहनों और बम निरोधक रोबोट को कंट्रोल कर पाएगी।

    गौरव शोध संस्थान में साइंटिस्ट

    डिफेंस एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (डीएपीआर) के मुताबिक, इस टीम का नेतृत्व गौरव शर्मा करेंगे। वे अमेरिका के बैटले संस्थान में सीनियर रिसर्च साइंटिस्ट हैं। उनकी टीम उन छह टीमों में से एक है, जिन्हें ब्रेन मशीन इंटरफेस तैयार करने की मंजूरी मिली है।

    प्रोजेक्ट का नाम‘ब्रेनस्टोर्म्स’

    40 वर्षीय गौरव से कहा गया हैकि वे ऐसी तकनीक विकसित करें, जिसमें जवान हेलमेट पहन सकें और इसकी मदद से मानवरहित वाहनों और बम निरोधक रोबोट को कंट्रोल कर सके। बैटले की नेक्स्ट जनरेशन ननसर्जिकल न्यूरोटेक्नोलॉजी प्रोग्राम का नाम ‘ब्रेनस्टोर्म्स’ है।वे इसके लिए नैनोट्रांसड्यूसर विकसित कर रहे हैं। इसको इंजेक्शन के द्वारा अस्थाई तौर पर शरीर में पहुंचाया जाएगा। इसके बाद दिमाग की मदद से हेलमेट बेस्ड ट्रांस रिसीवर के जरिए रोबोट को निर्देश दे पाएगा।

    यह बेहद रोमांचक प्रोजेक्ट- गौरव

    पूरी प्रक्रिया के बाद नैनोट्रांस्ड्यूसर को चुंबक की मदद से रक्तप्रवाह से अलग करके दिमाग से बाहर निकाला जाएगा। शर्मा ने कहा कि यह बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट है। इसकी सफलता के बाद मनुष्य और मशीन के बीच संपर्क को और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।इससे नर्वस सिस्टम के अध्ययन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक चित्र।
    एयर इंडिया अगले महीने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट पर नई उड़ानें शुरू करेगी

    एयर इंडिया अगले महीने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट पर नई उड़ानें शुरू करेगी


    नई दिल्ली. एयर इंडिया अगले महीने के नई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करेगी। गर्मियों...

    नई दिल्ली. एयर इंडिया अगले महीने के नई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करेगी। गर्मियों की छुट्टियों में यात्री संख्या बढ़ने की वजह से नई उड़ानें शुरू की जाएंगी। इजाफा एयरलाइन ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक जून से मुंबई-दुबई-मुंबई रूट पर हर हफ्ते 3,500 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध करवाई जाएंगी।

    दिल्ली-दुबई-दिल्ली रूट पर 2 जून से दो नई फ्लाइट शुरू की जाएंगी। इस तरह हर हफ्ते 3,500 अतिरिक्त सीटें मुहैया करवाई जाएंगी। एयरलाइन बी787 ड्रीमलाइनर एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल करेगी।

    दिल्ली और मुंबई से दुबई के लिए इकोनॉमी क्लास का टिकट 7777 रुपए में दिया जाएगा। यह स्कीम 31 जुलाई तक की यात्रा पर लागू होगी। घरेलू रूट पर एयर इंडिया भोपाल-पुणे-भोपाल और वाराणसी-चेन्नई-वाराणसी रूट पर 5 जून से नई उड़ानें शुरू करेगी।

    दिल्ली-भोपाल-दिल्ली रूट पर हर हफ्ते उड़ानों की संख्या 14 से बढ़ाकर 20 की जाएगी। दिल्ली-रायपुर-दिल्ली रूट पर हफ्ते में फ्लाइट की संख्या 7 से बढ़ाकर 14 की जाएगी।

    दिल्ली-बेंगलुरु-दिल्ली, दिल्ली-अमृतसर-दिल्ली, चेन्नई-अहमदाबाद-चेन्नई और चेन्नई-कोलकात-चेन्नई रूट पर भी उड़ानों में इजाफा किया जाएगा। दिल्ली-वडोदरा-दिल्ली और मुंबई-वाइजेग-मुंबई रूट पर भी उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

    17 अप्रैल को जेट एयरवेज का संचालन बंद होने के बाद उसके घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्लॉट पाने के लिए दूसरी एयरलाइंस में होड़ लग गई है। 17 मई को नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने बताया कि प्राथमिकता के आधार पर एयर इंडिया को कुछ रूट दे दिए गए हैं।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सिंबॉलिक इमेज।
    जकरबर्ग फेसबुक का नया सीईओ नियुक्त करें, माइक्रोसॉफ्ट के ब्रेड स्मिथ सही व्यक्ति

    जकरबर्ग फेसबुक का नया सीईओ नियुक्त करें, माइक्रोसॉफ्ट के ब्रेड स्मिथ सही व्यक्ति


    टोरंटो (कनाडा). फेसबुक के पूर्व चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर एलेक्स स्टेमॉस का कहना है कि जकरबर्ग को...

    टोरंटो (कनाडा). फेसबुक के पूर्व चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर एलेक्स स्टेमॉस का कहना है कि जकरबर्ग को अपने अधिकार कम कर फेसबुक के लिए नए सीईओ की नियुक्ति करनी चाहिए। स्टेमॉस ने कहा कि जकरबर्ग की जगह मैं होता तो ऐसा ही करता। स्टेमॉस के मुताबिक फेसबुक के सीईओ पद के लिए माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट ब्रेड स्मिथ उचित व्यक्ति हैं।

    स्मिथ 1993 से माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े हुए हैं। 2002 में वो कंपनी के प्रमुख कानूनी सलाहकार बन गए। बताया जाता है कि कैंब्रिज एनालिटिका विवाद के दौरान जकरबर्ग ने स्मिथ से सलाह ली थी।

    स्टेमॉस ने कहा कि जकरबर्ग के पास बहुत ज्यादा अधिकार हैं, उन्हें अपनी शक्तियां कम करनी चाहिए। फेसबुक को प्रोडक्ट बनाने के मामले में आंतरिक क्रांति की जरूरत है। जकरबर्ग को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

    स्टेमॉस के मुताबिक जकरबर्ग फेसबुक के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। पिछले दिनों क्रिस्टोफर कॉक्स के इस्तीफे के बाद यह पद खाली हुआ था। उन्हें उसी काम से जुड़ा पद संभालना चाहिए जिसके लिए उनका जुनून है।

    समाज पर फेसबुक का बहुत ज्यादा प्रभाव होने की वजह से कंपनी पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पिछले दिनों फेसबुक के को-फाउंडर क्रिस ह्रयूज ने कहा था कि फेसबुक को तोड़कर अलग-अलग कंपनियां बना देनी चाहिए।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मार्क जकरबर्ग। एलेक्स स्टेमॉस (फेसबुक के पूर्व सिक्योरिटी ऑफिसर) माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट ब्रेड स्मिथ।
    किम की आलोचना पर उ.कोरियाई मीडिया ने अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति को मूर्ख कहा

    किम की आलोचना पर उ.कोरियाई मीडिया ने अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति को मूर्ख कहा


    सियोल. किम जोंग उन को तानाशाह बताने पर उत्तर कोरिया का सरकारी मीडिया अमेरिका के पूर्व...

    सियोल. किम जोंग उन को तानाशाह बताने पर उत्तर कोरिया का सरकारी मीडिया अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन पर जमकर बरसा और उन्हें मूर्ख बताया। कोरियाई मीडिया ने बिडेन की पिछली जिंदगी पर भी टिप्पणी की। महिलाओं के प्रति उनके असहज बर्ताव के साथ कुछ और घटनाओं का भी जिक्र किया गया।

    मीडिया का कहना है कि यूनिवर्सिटी में साहित्य की चोरी करने पर बिडेन को एफ ग्रेड दिया गया था। साथ ही ब्रिटेन की लेबर पार्टी के नेता नील किन्नोक का भाषण कॉपी करने पर भी उन्हें हंसी का पात्र बनना पड़ा था।

    बिडेन को बेहूदा तक बताया
    कोरियाई मीडिया ने आरोप लगाया कि बिडेन किम जोंग को बदनाम कर रहे हैं। चुनाव जीतने के लिए वे अनर्गल बातें कर रहे हैं। बेहूदा औरइस कदर लापरवाह नेता हैं कि 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति ओबामा के भाषण के दौरान सो गए थे। इससे उन्हें हंसी का पात्र बनना पड़ा था।

    डेमोक्रेट्स की तरफ से दावेदारी पेश कर रहे हैं बिडेन
    अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के लिए बिडेन डेमोक्रेट्स की तरफ से दावेदारी पेश कर रहे हैं। उनका दावा है कि वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को अगले चुनाव में मात दे सकते हैं। उन्होंने अपना चुनावी अभियान भी तेज कर दिया है। ओबामा के कार्यकाल में बिडेन दो बार उपराष्ट्रपति रहे थे।

    ‘किम जैसे तानाशाहों को गले लगाना गलत’

    उत्तर कोरिया ने फिलाडेल्फिया में की गई बिडेनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा था-अमेरिका जिस तरह पुतिन और किम जोंग उन जैसे तानाशाहों को गले लगा रहा है, वह निंदनीय है।एक समय ट्रम्प और किम जोंग के रिश्ते बेहद तनाव भरे हो गए थे।जून 2018 में दोनों की सिंगापुर में हुई पहली मुलाकात के बाद संबंधों में बदलाव देखने को मिला। ट्रम्प ने किम जोंग को अपना अच्छा दोस्त तक बताया। अमेरिका कोशिश में है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को खत्म कर दे। हालांकि 28 फरवरी को वियतनाम में हुई दोनों नेताओं की बातचीत बेनतीजा रही।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today North Korea state media slammed Joe Biden
    पर्यटक ने ऑनलाइन कमरा बुक कराया, पहुंचकर देखा तो वह शिपिंग कंटेनर निकला

    पर्यटक ने ऑनलाइन कमरा बुक कराया, पहुंचकर देखा तो वह शिपिंग कंटेनर निकला


    एम्सटर्डम. ब्रिटेन के पर्यटक बेन स्पेलर ने को एम्सटर्डम जाना था। उसे वहां एक रात के लिए कमरा...

    एम्सटर्डम. ब्रिटेन के पर्यटक बेन स्पेलर ने को एम्सटर्डम जाना था। उसे वहां एक रात के लिए कमरा चाहिए था। उसने ऑनलाइन बुकिंग कंपनी एयरबीएनबी लॉजिंग्स के जरिए कमरा बुक किया। यहसन ट्रैवल कंपनी से संबंधित होटल काथा। लेकिन वे वहां पहुंचकर हैरान रह गए। उन्हें ठहरने के लिए कमरे की जगहसड़क के किनारे रखा कार्गो कंटेनर दिया गया। हालांकि, बाद में बुकिंग कंपनी ने अपनी गलती मानी और उन्हें हर्जाने के साथ पैसा लौटा दिया।

    3 बार कंटेनर के पास से गुजरा, यकीन ही नहीं हुआ

    स्पेलर ने कमरे के लिए 100 पाउंड (करीब 9 हजार रुपए) चुकाए थे। उनका कहना है कि एयरबीएनबी लॉजिंग्स ने बुकिंग के वक्त प्राइवेट बाथरूम के साथ एक साफ-सुथरा कमरा बताया था। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा- मेरे साथ भद्दा मजाक हुआ। स्पेलर ने बताया, ‘‘कंटेनर के अंदर जमीन पर गद्दे डले थे और कंबल रखा था। एक छोटा सा बाथरूम था। मैं तीन बार कंटेनर के सामने से गुजर गया। यकीन ही नहीं कर सकता थामुझे यहीं रुकना है।

    कमरा उपलब्ध कराने वालीकंपनी ने 20 हजार रु. हर्जाना दिया

    शिकायत करने परएयरबीएनबी ने स्पेलर को न केवल नौ हजाररुपए वापस किए, बल्कि अन्य होटल में ठहरने के लिए 230 डॉलर (करीब 20 हजार रुपए) भी दिए। बाद में एयरबीएनबी ने लिस्टिंग से सन ट्रैवल के प्रोफाइल को हटा दिया। एयरबीएनबी ने बयान में कहा कि गलत जानकारियों की हमारे प्लेटफॉर्म में कोई जगह नहीं है। हमारी वेबसाइट पर करीब 50 करोड़ लोग आ चुके हैं। हर रात 20 लाख लोग हमें सर्च करते हैं। इस तरह के मामले कम ही आते हैं। कंटेनर को भी उठवा लिया गया। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक- कंटेनर को वहां रखे जाने की अनुमति नहीं थी।

    23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Amsterdam: Tourist gets room booked online; later finds it was a shipping container Amsterdam: Tourist gets room booked online; later finds it was a shipping container Amsterdam: Tourist gets room booked online; later finds it was a shipping container Amsterdam: Tourist gets room booked online; later finds it was a shipping container
    भारत-चीन के बीच तकरार दो भाइयों की तरह जो एक ही छत के नीचे रहते हैं: चीनी राजदूत

    भारत-चीन के बीच तकरार दो भाइयों की तरह जो एक ही छत के नीचे रहते हैं: चीनी राजदूत


    बीजिंग. भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे उतार-चढ़ाव भरे संबंधों को सामान्य करने के लिए...

    बीजिंग. भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे उतार-चढ़ाव भरे संबंधों को सामान्य करने के लिए आम सहमति बन रही है, ताकि दोनों देश एक बार फिर स्थिरता की तरफ बढ़ सकें। यह कहना है भारत स्थित चीन के राजदूत लुओ झाओहुई का। लुओ जल्द ही अपना पद छोड़कर बीजिंग लौटने वाले हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच तकरार बिल्कुल उसी तरह सामान्य है जैसे एक छत के नीचे रहने वाले दो भाइयों के बीच होती है।

    भारत और चीन जून 2017 में डोकलाम को लेकर सीमा पर आमने-सामने थे। तब लुओ ने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में अहम भूमिका निभाई थी। एंबेसी के एक कार्यक्रम के दौरान लुओ ने कहा कि दोनों देश अपने रिश्ते को एक स्वस्थ और स्थिर दिशा में बढ़ाना चाहते हैं। डोकलाम विवाद को भी दोनों देशों ने नजरअंदाज नहीं किया, बल्कि साथ बैठकर उसका समाधान किया, ताकि आपसी रिश्तेसामान्य किए जा सकें। यह मेरा और दोनों देशों के नेताओं का काम था और हम इसमें सफल रहे।

    व्यस्तता के बावजूद एक-दूसरे के लिए समय निकालते हैं मोदी-जिनपिंग
    लुओ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच काफी अच्छी केमिस्ट्री है। दोनों नेता पिछले पांच सालों में 17 बार मिले हैं। अपनी व्यस्तता के बावजूद वे एक दूसरे से मिलने के लिए समय निकालते हैं, यह दिल छूने वाला है। लुओ ने कहा लोकसभा चुनाव के बाद भी भारत और चीन के बीच दोस्ताना मुलाकातें जारी रहेंगी। अगले महीने एससीओ समिट और उसके बाद जी-20 समिट में परंपरा के तहत सभी नेता एक दूसरे से मिलेंगे।

    सीमा विवाद सुलझाना बड़ा काम, लेकिन शांति बनाए रखना जरूरी
    भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद को लेकर लुओ ने कहा, इस तरह के मुद्दे इतिहास में छोड़े गए थे, इन्हें सुलझाने के लिए काफी समय लगेगा। लेकिन इन्हें सुलझाने के दौरान यह नहीं भूलना चाहिए कि हमें सीमा पर शांति बनाए रखनी होगी। हमें आर्थिक साझेदारी को भी मजबूत करना होगा और सभी मतभेदों को भुला कर आगे बढ़ना है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Chinese Envoy Lue Zhaohui: Issues between India-China is like two brothers who live under the one roof
    नाबालिग से संबंध बनाने के लिए विमान ऑटो मोड पर छोड़ा, 5 साल की जेल हो सकती है

    नाबालिग से संबंध बनाने के लिए विमान ऑटो मोड पर छोड़ा, 5 साल की जेल हो सकती है


    वॉशिंगटन.अमेरिका के एक करोड़पति को प्लेन में नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनानेके मामले में...

    वॉशिंगटन.अमेरिका के एक करोड़पति को प्लेन में नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनानेके मामले में पांच साल की सजा हो सकती है। उसने 15 साल की लड़की से संबंध बनाने के लिए प्राइवेट प्लेन को ऑटो पायलट मोड पर छोड़ दिया था। वह लड़की को पायलट की ट्रेनिंग दे रहा था।दोषी ने 16 साल की उम्र में लड़की को लाइसेंस दिलाने का वादा भी किया था।

    कोर्ट ने स्टीफन ब्रैडली मेल (53 साल) को पिछले साल दिसंबर में प्लेन में अवैध यौन आचरण और चाइल्ड पोर्नोग्राफी में लिप्त होने का दोषी ठहराया गया था। स्टीफन न्यूजर्सी का रहने वाला है। आरोप थाकि स्टीफनने 2017 में दो बार विमान में नाबालिग के साथ संबंध बनाए थे। इसके बाद उसे गर्भनिरोधक गोलियां खाने के लिए भी कहा था।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टीफन एक ब्रोकरेज फर्म का मालिक और 3 बच्चों का पिता है। उसने एयर लाइफलाइन नाम से चैरिटी की शुरुआत की थी। इसके जरिए वह बच्चों को इलाज के लिए अमेरिका के अलग-अलग शहरों में पहुंचाता था।

    नाबालिग की मां का आरोप है कि स्टीफन उनकी बेटी को फ्लाइंग सिखाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था। वह एक चैरिटी चलाता है और उसने घर में ही हेलिपैड बना रखा है। स्टीफन ने कहा था कि जब बेटी 16 साल की हो जाएगी तो वह उसे पायलट का लाइसेंस दिलवा देगा।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में स्टीफन को दोषी ठहराया था। स्टीफन ब्रैडली मेल। -फाइल
    भारतीय समुदाय गंगा की तरह क्लाइड नदी में अस्थि विसर्जन कर सकेगा, सरकार ने दी अनुमति

    भारतीय समुदाय गंगा की तरह क्लाइड नदी में अस्थि विसर्जन कर सकेगा, सरकार ने दी अनुमति


    ग्लासगो. स्कॉटलैंड का भारतीय समुदाय अंतिम संस्कार के बाद क्लाइड नदी में गंगा की तरह अस्थि...

    ग्लासगो. स्कॉटलैंड का भारतीय समुदाय अंतिम संस्कार के बाद क्लाइड नदी में गंगा की तरह अस्थि विसर्जन कर सकेगा। यहां का हिंदू और सिख समुदाय काफी दिनों से इसकी मांग कर रहा था। स्कॉटलैंड की इन्वर्टिसली काउंसिल ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर समुदाय को अनुष्ठान करने की अनुमति दे दी है। अंतिम संस्कार के बाद परंपराएं पूरी हों, इसके लिए नदी किनारे एक शांत इलाका चुना गया है। यहां स्लिपवे पर रेलिंग बनाई गई है।पोर्ट नेवार्क स्थितयह स्थान ग्लासगो शहर से 35 किमी दूरहै।

    2014 में इंग्लैंड ने तय किया था अस्थि विसर्जन का स्थान
    इससे पहले 2014 में इग्लैंड ने लीसेस्टरशायर में सोर नदी में अस्थि विसर्जन के लिए स्थान तय किया था।यहां बड़ी संख्या में हिंदू, जैन और सिख समुदाय के लोग रहते हैं। तब लीसेस्टर के काउंसिलरपिआरा सिंह क्लेयर ने कहा था, प्रशासन ने हमें स्थान दिया। हमने पर्यावरण एजेंसी के साथ मिलकर इसेचुना था।

    समस्याएं सुलझाने के लिएबनाया प्राधिकरण
    इन्वर्टिसली काउंसिल के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मामला काफी संवेदनशील है। हम काफी समय से हिंदू और सिख समुदाय से नदी के किनारे अस्थि विसर्जन का स्थान चुनने के लिए बातचीत करते रहे हैं। आगे भी कोशिश करते रहेंगे, ताकि अन्य समस्याएं सुलझाई जा सकें। इसके लिए एक स्थानीय प्राधिकरण भी बनाया है।’’

    नाव चालकों ने किया विरोध

    काउंसिल ने उम्मीद जताई है कि जो स्थान अस्थि विसर्जन के लिए चुना गया है,वह सम्मानजनक है। हालांकि, कुछ नाव चालकों ने आपत्ति जताई है। इसमें नेवार्क बोट क्लब के सदस्य भी हैं। काउंसिल के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘बोट चालकों के विरोध को देखते हुए तय किया गया कि स्लिपवे से भी नौकाओं के लिए अवसर मिलें।" पोर्ट ग्लासगो के काउंसिलर डेविड विल्सन ने कहा, "यह काम मानवता के दृष्टिकोण से बेहतर है, जो मिसाल साबित होगी।’’

    अस्थियों की राख का पानी पर कम असर होता है
    पर्यावरण एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अस्थियों की राख का पानी की गुणवत्ता पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है, लेकिन अन्य वस्तुओं को पानी में नहीं डालना चाहिए। पुष्पांजलि के दौरान धातु या प्लास्टिक भी हो सकता है। यह कूड़े का कारण बन सकता है, जो जलीय जीवों को नुकसान पहुंचा सकता है।’’



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today क्लाइड नदी किनारे अस्थि विसर्जन के लिए बनाई रैलिंग। Immerse Ashes In Clyde River: Scotland Inverclyde Council
    वीडियो गेम की लत मानी जा सकती है बीमारी, डब्ल्यूएचओ में जल्द होगी वोटिंग

    वीडियो गेम की लत मानी जा सकती है बीमारी, डब्ल्यूएचओ में जल्द होगी वोटिंग


    जेनेवा. वीडियो गेम की लत को जल्द ही आधिकारिक तौर पर बीमारी माना जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य...

    जेनेवा. वीडियो गेम की लत को जल्द ही आधिकारिक तौर पर बीमारी माना जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इस मुद्दे पर जल्द वोटिंग करवा सकता है। गेम की लत की वजह से बच्चे और युवा मनोवैज्ञानिक परेशानी का सामना करते हैं। एमआरआई स्कैन में ये जानकारी सामने आई है कि वीडियो गेम की लत के कारण युवा तनाव और अवसाद में रहते हैं। यह नशीली दवाओं और शराब जैसी ही लत है।

    डब्ल्यूएचओ ने पिछले साल 11वें इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिसीज कार्यक्रम में वीडियो गेम की लत को एक बीमारी का दर्जा देने का निर्णय किया था। इसकी लत वाले लोग रोज के कामकाज से ज्यादा गेम को महत्व देते हैं। अगर इसकी वजह से उनके जीवन में बुरा असर पड़ता है, तब उसे ‘गेमिंग डिसऑर्डर’ यानी बीमारी का शिकार माना जा सकता है।

    वीडियो गेम की लत को बीमारी माने जाने के फैसले की गैर-लाभकारी इंटरनेशनल गेम डेवलपर्स एसोसिएशन ने निंदा की। एसोसिएशन का कहना है कि वह इस निर्णय का विरोध करेगा। माइक्रोसॉफ्ट जैसी गेमिंग कंपनियों का कहना है कि वे इस पर काम कर रही हैंकि बच्चे कितनी देर गेम खेलें औरइस पर उनके माता-पिता का नियंत्रण हो।

    डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आप अपने जीवन के बाकी काम निपटाते हुए गेम खेलने का वक्त निकाल पाते हैं तो उन लोगों के लिए ये बीमारी नहीं है। चिकित्सकों का मानना है कि बच्चे बीमार इसलिए हैं, क्योंकि वे स्कूल सेवापस आने के बाद सारा काम छोड़कर सिर्फ मोबाइल गेम खेलते हैं।

    यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सक दोनों की मदद लेनी पड़ती है। कई जानकार मानते हैं कि दोनों एक समय पर इलाज करें तो मरीज में फर्क जल्दी देखने को मिलता है। जबकि कुछ मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, कई मामले में साइको थैरेपी ही कारगर होती है।

    डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, 10 में से एक मरीज को अस्पताल में रहकर इस बीमारी के इलाज की जरूरत पड़ जाती है। 6 से 8 हफ्तों में सामान्यत: गेमिंग एडिक्शन की लत छूट सकती है। भारत में करीब 60 लाख मोबाइल हैंडसेट हर महीने बिकते हैं।

    23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक फोटो।
    चलते वक्त मोबाइल इस्तेमाल करने पर लग सकती है रोक, असेंबली में बिल पेश

    चलते वक्त मोबाइल इस्तेमाल करने पर लग सकती है रोक, असेंबली में बिल पेश


    वॉशिंगटन. अमेरिकी के न्यूयॉर्क में सड़क पर चलते समयमोबाइल इस्तेमाल करने वालों परजुर्माना...

    वॉशिंगटन. अमेरिकी के न्यूयॉर्क में सड़क पर चलते समयमोबाइल इस्तेमाल करने वालों परजुर्माना लग सकता है। न्यूयॉर्क असेंबली में हाल ही में इससे जुड़ा एक बिल पेश किया गयाहै। अगर यह पास हुआ तो कानून तोड़ने वालों को25 डॉलर (करीब1742 रु.) से लेकर 250 डॉलर (करीब 17 हजार 419 रु.) तक चुकाने पड़ सकते हैं।

    बिल को पिछले साल असेंबली के सदस्यफेलिक्स ओर्टिज ने पेश किया था। इस बिल में ही जुर्माने की रकम भी तय की गई।इस साल राज्य के सांसद जॉन लियु ने एक बार फिर बिल को आगे बढ़ाया है। लियु के मुताबिक, युवाओं में चलते वक्त मोबाइल इस्तेमाल करने का अलग ही ट्रेंड बन रहा है। खासकर सड़क पार करते वक्त तो यह आदत चिंताजनक स्तर पर है। हम न्यूयॉर्क के लोगोंको बताना चाहते हैं कि जरूरी होने परमोबाइल इस्तेमाल करते वक्त पांच सेकंड रुकें। हड़बड़ाहट में दुर्घटना हो सकती है।

    पिछले साल सड़क हादसों में 6000 से ज्यादा पैदल यात्रियों की मौत
    2019 में जारी हुई गवर्नर्स हाईवे सेफ्टी एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में अमेरिका में लगभग 6200 पैदल यात्री सड़क हादसों में मारे गए। यह तीन दशकों में सबसे ज्यादा संख्या थीं। रिपोर्ट में इसकी बड़ी वजह राह चलते युवाओं में स्मार्टफोन का बढ़ता प्रयोग बताया गया था।

    होनालुलु 2 साल पहले लाया ऐसा ही कानून

    लियु ने कहा कि कभी-कभी एक कानून लोगों को रोजमर्रा की चीजें सिखा सकता है, जो आम लोगों को याद नहीं रहतीं। होनालुलु इससे पहले 2017 में ऐसा ही एक कानून पास भी कर चुका है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में मौतों में कमी आई थी।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today New York: Use of mobile while walking could be banned, bill presented in assembly
    रॉयल फैमिली को सोशल मीडिया मैनेजर की जरूरत, सैलरी 26 लाख रु.

    रॉयल फैमिली को सोशल मीडिया मैनेजर की जरूरत, सैलरी 26 लाख रु.


    लंदन. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को सोशल मीडिया मैनेजर की जरूरत है। नौकरी के लिए रॉयल फैमिली...

    लंदन. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को सोशल मीडिया मैनेजर की जरूरत है। नौकरी के लिए रॉयल फैमिली की ओर से जॉब लिस्टिंग वेबसाइट पर विज्ञापन दिया गया है।जॉब लिस्टिंग वेबसाइट के मुताबिक, ‘डिजिटल कम्युनिकेशंस ऑफिसर’ को महारानी के लिए काम करना होगा। उन्हें महारानी की मौजूदगी को सार्वजनिक और वैश्विक मंच पर बनाए रखने के लिए नए तरीके खोजने होंगे।

    नौकरी बकिंघम पैलेस के लिए होगी

    नौकरी के लिए विज्ञापनhttps://theroyalhousehold.tal.net पर दिया गया है। वेबसाइटके मुताबिक, डिजिटल कम्युनिकेशन ऑफिसर की सैलरी 30 हजार पाउंड(करीब 26 लाख 58 हजार रु.) सालानाहोगी। उन्हें सोमवार से शुक्रवार तक हफ्ते में 37.5 घंटे काम करना होगा।साल में 33 दिन की छुट्टी और दिन में मुफ्त खाना मिलेगा।यह नौकरी बकिंघम पैलेस के लिए होगी।

    सोशल मीडिया पर आने वाली खबरों का प्रबंधन करना होगा

    ऑफिसर कोडिजिटल और सोशल मीडिया पर हर दिन आने वाली खबरों का प्रबंधन करना होगा। इसके साथ ही कुछ डिजिटल प्रोजेक्ट्स पर भी काम करना होगा। उन्हें डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ की छोटी टीम के साथ काम करना होगा। वे सोशल मीडिया और डिजिटल फ्लेटफॉर्म के लिए कंटेट लिखेंगे। उन्हें रॉयल फैमिली से जुड़ी सभी गतिविधियों पर नजर रखनीहोगी। आवेदन के लिए अंतिम तारीख22 मई है।

    योग्यता

    ग्रेजुशन की डिग्री के साथ ही वेबसाइट प्रबंधन का अनुभव सोशल मीडिया प्रबंधन में विशेषज्ञता डिजिटल और सोशल मीडिया पर कंटेंट लिखने का अनुभव कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम पर काम का अनुभव

    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Britain: Queen Elizabeth needs social media manager, salary rs 26 lakh
    विदोदो लगातार दूसरी बार राष्ट्रपति चुने गए, विपक्षी उम्मीदवार ने धांधली का आरोप लगाया

    विदोदो लगातार दूसरी बार राष्ट्रपति चुने गए, विपक्षी उम्मीदवार ने धांधली का आरोप लगाया


    जकार्ता. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति पद के चुनाव में जोको विदोदो ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज...

    जकार्ता. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति पद के चुनाव में जोको विदोदो ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। चुनाव आयोग ने बताया कि इंडोनेशियन डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ स्ट्रगल के सदस्य विदोदो ने अपने प्रतिद्वंद्वी प्राबोवो सुबियांतो को हराया। हालांकि, उनके निकटतमप्रतिद्वंद्वी प्राबोवो सुबियांतो ने धांधली का आरोप लगाते हुएचुनाव परिणामों को कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। इंडोनेशिया भारत और अमेरिका के बाद विश्व का तीसरा सबसे बड़ा लोकतंत्रिक देश है।

    परिणामएक दिन पहले घोषित
    17 अप्रैल को हुए चुनाव के परिणामों की घोषणा बुधवार को की जानी थी, लेकिन हिंसा और विरोध-प्रदर्शनकी आशंका को देखते हुए आयोग ने एक दिन पहले ही परिणाम घोषित कर दिया। आयोग ने इसके लिए एडवांस नोटिस भी जारी किया। चुनाव आयोग के चेयरमैन आरेफ बडीमेन ने कहा कि परिणाम तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।2014 में भी सुबियांतो विदोदो से चुनाव हार गए थे। 57 वर्षीय विदोदो पहले ऐसे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति हैं जो जकार्ता के कुलीन वर्ग से नहीं आते। इंडोनेशिया में 19 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। इस चुनाव में कुल 2 लाख 45 हजार लोगों ने विभिन्न पदों के लिए नामांकन कराया था।

    जकार्ता में 32 हजार जवान तैनात किए
    परिणाम घोषित होने के बाद हिंसा की आशंका को देखते हुए जकार्ता में 32 हजार जवान तैनात किए गए हैं। चुनाव आयोग के दफ्तर की भी कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस ने आईएस आतंकियों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है। चुनाव के दौरान जिस तरह से राजनीतिक दलों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, उससे लग रहा था कि परिणाम घोषित होने के बाद हिंसा हो सकती है।

    2018 में मोदी गए थेइंडोनेशिया
    2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया गए थे। इस दौरान मोदी और विदोदो रामायण-महाभारत थीम पर बनी पतंग प्रदर्शनी में हिस्सा लेने पहुंचे थे। मोदी ने जकार्ता में दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी इस्तिकलाल मस्जिद और अर्जुन का रथ भी देखा था।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया गए थे, तब उन्होंने विदोदो के साथ पतंग उड़ाई थी। -फाइल
    कैफे का दावा- हम दुनिया की सबसे महंगी कॉफी बेचते हैं, एक कप की कीमत 5200 रुपए

    कैफे का दावा- हम दुनिया की सबसे महंगी कॉफी बेचते हैं, एक कप की कीमत 5200 रुपए


    कैलिफोर्निया. यहां के क्लेच कैफे का दावा है कि उनके यहां दुनिया की सबसे महंगी काफी मिलती है।...

    कैलिफोर्निया. यहां के क्लेच कैफे का दावा है कि उनके यहां दुनिया की सबसे महंगी काफी मिलती है। क्लेच काफी कैफे में एक कप काफी की कीमत 75 डॉलर (करीब 5200 रुपए) है। कॉफी का नाम एलिडा नेचुरल गीशा 803 है। कैफे की ब्रांच सैन फ्रांसिस्को और सदर्न कैलिफोर्निया में हैं।

    सैन फ्रांसिस्को में क्लेच कैफे के सह-मालिक बो थायरा के मुताबिक- काफी के नाम में 803 जुड़े होने की भी कहानी है। हाल ही में हुई नीलामी में एक पौंड (करीब 450 ग्राम) कॉफी 803 डॉलर (करीब 56 हजार रुपए) में बिकी थी। पनामा कॉफी कॉम्पिटीशन में कॉफी सर्वश्रेष्ठ रही थी। इस कॉम्पिटीशन को कॉफी की दुनिया का ऑस्कर अवॉर्ड माना जाता है।

    कॉफी के केवल 45 किलो बीज उपलब्ध होते हैं

    बो कहते हैं कि कॉफी के केवल 45 किलो बीज ही बिक्री के लिए उपलब्ध होते हैं। इसमें से ज्यादातर काफीजापान, चीन और ताइवान चली जाती है। हम अपने (क्लेच) लिए साढ़े चार किलो के आसपास ही बचा पाते हैं। पूरे उत्तर अमेरिका महाद्वीप में इस कॉफी को हम ही इस्तेमाल करते हैं। कॉफी की उच्च क्वालिटी और सीमित सप्लाई के कारण जबर्दस्त बोली लगती है। पिछले साल एक पौंड बीज 601 डॉलर (करीब 42 हजार रुपए) में नीलाम हुए थे।

    पनामा की कॉफी की यहदुर्लभ किस्म

    यह पनामा (मध्य अमेरिका) में पाई जाने वाली अरबिका कॉफी की किस्म है। इसका चाय जैसा स्वाद होता है। इसमें जैस्मीन और बैरी जैसी महक होतीहै। 10 पौंड बीज से करीब 80 कप कॉफी तैयार हो सकती है। हाल ही में कैफे ने प्रमोशनल फ्री सैंपल टेस्ट के लिए चुने हुए लोगों को सैन फ्रांसिस्को ब्रांच पर बुलाया था। लॉरेन स्वेंसन कहती हैं- मैंने अभी तक जितनी भी काफी पी, उनमें से यह सबसे अलग है। कॉफी पीकर दिमाग में ब्लास्ट जैसा हो गया। इसका एक कप 75 डॉलर होने का हकदार है।

    23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today चाय जैसा होता है कॉफी का स्वाद। कैफे के सह-मालिक बो थायरा। Klatch Coffee: Worlds Most Expensive Coffee At 75 dollar A Cup Klatch Coffee: Worlds Most Expensive Coffee At 75 dollar A Cup Klatch Coffee: Worlds Most Expensive Coffee At 75 dollar A Cup
    फ्लैश इलेक्ट्रोनिक्स ने रॉयल एनफील्ड पर यूएस में केस किया, पेटेंट के उल्लंघन का आरोप लगाया

    फ्लैश इलेक्ट्रोनिक्स ने रॉयल एनफील्ड पर यूएस में केस किया, पेटेंट के उल्लंघन का आरोप लगाया


    नई दिल्ली. ऑटो पार्ट्स बनाने वाली फ्लैश इलेक्ट्रोनिक्स इंडिया ने बाइक कंपनी रॉयल एनफील्ड के...

    नई दिल्ली. ऑटो पार्ट्स बनाने वाली फ्लैश इलेक्ट्रोनिक्स इंडिया ने बाइक कंपनी रॉयल एनफील्ड के खिलाफ अमेरिका में मुकदमा किया है। फ्लैश ने एक इलेक्ट्रोनिक पार्ट्स के उत्पादन में रॉयल एनफील्ड पर पेटेंट के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

    फ्लैश का कहना है कि रॉयल एनफील्ड ने रेगुलेटर रेक्टिफायर डिवाइस और इसके लिए आउटपुट वोल्टेज रेगुलेटिंग की प्रणाली से संबंधित पेटेंट का उल्लंघन किया है। इस प्रोडक्ट के लिए उसने (फ्लैश) पिछले साल 20 फरवरी को अमेरिका में पेटेंट हासिल किया था। तब से फ्लैश इलेक्ट्रोनिक्स इसका उत्पादन कर रही है। साथ ही भारत समेत अन्य देशों में प्रमुख टू-व्हीलर कंपनियों को इसकी सप्लाई कर रही है।

    फ्लैश इलेक्ट्रोनिक्स इंडिया के फाउंडर और एमडी संजीव वासदेव का कहना है कि उनकी कंपनी के अधिकारियों ने पिछले साल अक्टूबर में रॉयल एनफील्ड से संपर्क कर आपसी सहमति से मामला सुलझाने की बात कही थी लेकिन रॉयल एनफील्ड ने समाधान नहीं किया।

    वासदेव ने कहा कि दुनियाभर में रॉयल एनफील्ड को पेटेंट के उल्लंघन करने से रोकने और उससे हर्जाना वसूलने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। अमेरिका के अलावा फ्लैश ने जर्मनी, इटली, यूके, नीदरलैंड, स्वीडन, स्पेन, ऑस्ट्रिया, स्विटजरलैंड और टर्की में भी पेटेंट हासिल करने का दावा किया है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सिंबॉलिक इमेज।
    हुवावे को प्रतिबंधों से 90 दिन की छूट मिली, तब तक अमेरिकी कंपनियों से डील कर पाएगी

    हुवावे को प्रतिबंधों से 90 दिन की छूट मिली, तब तक अमेरिकी कंपनियों से डील कर पाएगी


    वॉशिंगटन. अमेरिका ने चीन की टेलीकॉम कंपनी हुवावे पर प्रतिबंधों में 90 दिन की छूट देने का फैसला...

    वॉशिंगटन. अमेरिका ने चीन की टेलीकॉम कंपनी हुवावे पर प्रतिबंधों में 90 दिन की छूट देने का फैसला लिया है। उसका कहना है कि भारी परेशानियों को रोकने के लिए समय दिया जाना चाहिए। हालांकि, देरी की वजह से बैन के फैसले पर असर नहीं पड़ेगा। अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए हुवावे को पिछले हफ्ते एनटिटी लिस्ट में डाल दिया था। इस लिस्ट में शामिल कंपनियां बिना लाइलेंस के अमेरिकी फर्मों के साथ कारोबार नहीं कर सकतीं।

    अमेरिका के वाणिज्य सचिव विल्बर रॉस का कहना है कि हुवावे को छूट देने से उसके उपकरणों पर निर्भर अमेरिकी और अन्य देशों की कंपनियों को लंबी अवधि के फैसले लेने का वक्त मिल जाएगा। इससे हुवावे के मोबाइल फोन यूजर्स को भी फिलहाल दिक्कत नहीं होगी।

    दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम उपकरण निर्माता हुवावे चीन की कंपनी है। अमेरिका को शक है कि हुवावे के उपकरणों के जरिए चीन जासूसी कर सकता है। अमेरिका कई सालों से हुवावे पर ये आरोप लगाता रहा है। पिछले साल उसने अपने सहयोगी देशों से भी हुवावे का बहिष्कार करने की अपील की थी।

    हुवावे ने अपने उपकरणों से सुरक्षा के खतरे के आरोपों से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि वह अमेरिका से बातचीत के जरिए उसकी चिंताएं दूर करने को तैयार है।

    अमेरिका के कहने पर पिछले साल हुवावे की सीएफओ मेंग वांगझू की कनाडा में गिरफ्तारी हुई थी। अभी वो जमानत पर हैं। अमेरिका मेंग के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहा है। हुवावे द्वारा ईरान पर लागू अमेरिकी प्रतिबंध तोड़ने के आरोप में मेंग की गिरफ्तारी हुई थी।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today us issued a 90 day reprieve on their ban on dealing with chinese tech giant huawei
    एफिल टॉवर पर चढ़ा युवक, विश्व प्रसिद्ध स्मारक विजिटर्स के लिए बंद

    एफिल टॉवर पर चढ़ा युवक, विश्व प्रसिद्ध स्मारक विजिटर्स के लिए बंद


    पेरिस: विश्व प्रसिद्ध स्मारक एफिल टॉवर पर एक युवक ने चढ़ने की कोशिश की। फिलहाल स्मारक को...

    पेरिस: विश्व प्रसिद्ध स्मारक एफिल टॉवर पर एक युवक ने चढ़ने की कोशिश की। फिलहाल स्मारक को विजिटर्स के लिए बंद कर दिया गया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि वह कितनी ऊंचाई पर पहुंचने में कामयाब रहा। टॉवर की देखरेख करने वाली कंपनी सेटे के मुताबिक- पुलिस और दमकल महकमा घटनास्थल पर हैं और वो काली जैकेट पहने युवक के संपर्क में है। कंपनी ने ट्विटर पर लिखा कि पुलिस ने युवक से बात करने की कोशिश की, लेकिन यह पता नहीं लग सका है कि वह टॉवर पर क्यों चढ़ा।

    पुलिस ने पर्यटकों से यात्रा स्थगित करने को कहा
    सेटे के मुताबिक- युवक ने सामान्य रूप से टॉवर में प्रवेश किया और दूसरी मंजिल पर जाने के बाद चढ़ाई शुरू की। कंपनी का कहना है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि स्मारक फिर से कब खुल पाएगा। युवक को चढ़ता देख टॉवर को खाली करा लिया गया। उधर, पुलिस ने पर्यटकों से अगली सूचना तक अपनी यात्रा स्थगित करने को कहा है।

    रॉबर्ट रस्सियों के बगैर स्मारक पर चढ़ गए थे
    यह पहली बार नहीं है जब किसी व्यक्ति ने टॉवर पर चढ़ने का प्रयास किया है। 1990 के दशक में फ्रेंच अर्बन फ्रीक्लाइंबर एलेन रॉबर्ट रस्सियों के बगैर स्मारक पर चढ़ गए थे। लगभग 324 मीटर लंबे एफिल टॉवर को देखने हर साल लगभग 70 लाख पर्यटक आते हैं। इस साल टॉवर की 130 वीं वर्षगांठ मनाई गई।

    एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि पहले भी कई बार बगैर अनुमति के लोग टॉवर पर चढ़े हैं। उनका मकसद अपनी मांगों को मनवाना होता है। कुछ मामलों में पुलिस को भी दखल देना पड़ा, क्योंकि खुदकुशी के लिए लोग टॉवर के ऊपर जा पहुंचे थे। 2017 में ऐसे ही एक व्यक्ति को पुलिस ने समझाबुझाकर नीचे उतार लिया था।

    2012 में एक व्यक्ति टॉवर की सबसे ऊंची चोटी के नजदीक जा पहुंचा था। हालांकि, इस घटना में उसकी मृत्यु हो गई थी। सेटे के मुताबिक- टॉवर के पहले दो तलों पर सीढ़ियों या फिर स्वचालित सीढ़ियों से पहुंचा जा सकता है।

    टॉवर बंद होने से पर्यटक निराश
    क्यूबा से आए पर्यटक सिल्वी और सेलिन फोर्सियर का कहना है कि वे लोग एक सप्ताह के लिए फ्रांस आए थे, लेकिन इस घटना की वजह से उनका टूर खराब हो गया। लॉस एंजिल्स से आए जस्टिन और करेन स्मिथ का कहना है कि उन्होंने रविवार को अपनी शादी का जश्न टॉवर के सामने मनाया था। उनकी योजना सोमवार को टॉवर के शीर्ष पर जाने की थी परअब वे निराश हैं।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today एफिल टॉवर पर चढ़ा युवक।
    असरदार विरोध के लिए ट्रम्प का बोलने वाला रोबोट बनवाया, कीमत साढ़े 17 लाख रुपए

    असरदार विरोध के लिए ट्रम्प का बोलने वाला रोबोट बनवाया, कीमत साढ़े 17 लाख रुपए


    लंदन. डोनाल्ड ट्रम्प जून के पहले हफ्ते में ब्रिटेन दौरे पर जाने वाले हैं। उनके खिलाफ...

    लंदन. डोनाल्ड ट्रम्प जून के पहले हफ्ते में ब्रिटेन दौरे पर जाने वाले हैं। उनके खिलाफ प्रदर्शन को लेकर विरोधियों ने भी चाक-चौबंद तैयारी की है। इस बार ट्रम्प का 16 फीट का बोलने वाला रोबोट बनवाया गया है। इसमें ट्रम्प को गोल्डन टॉयलेट में बैठा दिखाया गया है।

    ट्रम्प के रोबोट को बनवाने के लिए एक अमेरिकीव्यक्ति डॉन लीसम ने ही 25 हजार डॉलर (करीब साढ़े 17 लाख रुपए) दिए हैं। यह रोबोट ट्रम्प द्वारा अक्सर बोले जाने वाले वाक्यों को दोहराएगा मसलन, ‘‘मैं सधा हुआ बुद्धिमान हूं’’, ‘‘कोई रुकावट नहीं।’’

    लीसम चीन में काम करते हैं
    ट्रम्प 3 से 5 जून तक ब्रिटेन के दौरे पर रहेंगे। वहां वे प्रधानमंत्रीथेरेसा मे से मुलाकात करेंगे। रोबोट बनवाने वाले लीसम फिलाडेल्फिया में रहते हैं और चीन की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। यह कंपनी जू और म्यूजियम में रखने के लिए डायनासोर के मॉडल्स बनाती है।

    लीसम कहते हैं- मैं ट्रम्प का समर्थन नहीं कर सकता। मैंने कुछ मजाकिया अंदाज में करने का फैसला किया। हमने सोचा कि अगर 60 फीट का डायनासोर बनाया जा सकता तो 16 फीट के ट्रम्प के रोबोट को भी टॉयलेट सीट पर बैठा दिखाया जा सकता है। यह (टॉयलेट) वह जगह है जहां ट्रम्प दिन का ज्यादातर वक्त गुजारते हैं और वहीं से उन्हें अपने सर्वश्रेष्ठ विचार आते हैं। हालांकि, लीसम ने साफ किया कि वे ब्रिटेन के किसी भी प्रदर्शकारी समूह से नहीं जुड़े हैं।

    ‘मेरे साथियों को जेल जाने का डर’
    लीसम के मुताबिक, ‘‘जब हमने रोबोट बनाया तो मेरे साथियों ने कहा कि कहीं हमें जेल न हो जाए। मौत की सजा न हो जाए। मैंने समझाया कि यह उन कुछ चीजों में से एक है जो हम अमेरिका में भी कर सकते हैं।’’

    ट्रम्प का बेबी बलून फिर चर्चा में
    पिछली गर्मियों में भी ट्रम्प ब्रिटेन गए थे। उस दौरान एक बेबी बलून के जरिए विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस बार भी माना जा रहा है कि ट्रम्प का बेबी बलून दिखाई देगा।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today giant robot of Trump sat on a toilet to visit UK for protest giant robot of Trump sat on a toilet to visit UK for protest इससे पहले ब्रिटेन में ट्रम्प का बलून बनाकर विरोध जताया गया था।
    दुबई में हुई सबसे लंबी इफ्तार पार्टी, एक किमी लंबी लाइन और हर पैकेट में 7 व्यंजन

    दुबई में हुई सबसे लंबी इफ्तार पार्टी, एक किमी लंबी लाइन और हर पैकेट में 7 व्यंजन


    दुबई. यूएई में भारतीयों द्वारा संचालित एक न्यास ने शाकाहारी रोजा इफ्तार पार्टी दी। इसे...

    दुबई. यूएई में भारतीयों द्वारा संचालित एक न्यास ने शाकाहारी रोजा इफ्तार पार्टी दी। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मेंजगह मिली है। पीसीटी ह्यूमैनिटीके संस्थापक जोगिंदर सिंह सलारिया ने बताया, ‘‘उनकी चैरिटी संस्था पहल इंटरनेशनल,दुबई इंडस्ट्रियल पार्क के परिसर में पहले भी रोजा इफ्तार पार्टी आयोजित करती रही है। शनिवारको आबू धाबी में आयोजित हुई इसइफ्तार पार्टी में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इसेलंबी इफ्तार पार्टी के रूप में गिनीज ने इसे चुना है।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘यह हम सभी के लिए अविश्वसनीय और मुस्कुराने वाला पल था। हम लोगों के जीवन को बदलने के लिए लंबी यात्रा करते आ रहे हैं।वर्ल्ड रिकॉर्ड के इतर हमारा उद्देश्य रोजा रखने वालों को शुद्ध शाकाहारी भोजन कराना है,ताकि वे स्वस्थऔर तंदुस्त रहें। साथ हीजानवरों को भी कटने से बचाया जा सके।’’

    सलारिया ने कहा, ‘‘हमें खुशी है कि लोग हमसे जुड़ रहे हैं। हमारा संदेश भी उन तक पहुंच रहा है।’’डगलस पलाऊ के अनुसार, इफ्तार पार्टी के दौरान एक किलोमीटर तक फूड पैकेट की लाइन लगी थी। इसमें कहीं जगह नहीं छोड़ी गई थी। प्रत्येक पैकेट में 7 तरह के व्यंजन थे।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today पीटीसी की इफ्तार पार्टी।
    चांद पर 2024 तक इंसान भेजने के लिए 11 कंपनियों में होड़, यान के 316 करोड़ रु. तक के मॉडल बनाए

    चांद पर 2024 तक इंसान भेजने के लिए 11 कंपनियों में होड़, यान के 316 करोड़ रु. तक के मॉडल बनाए


    वॉशिंगटन. चांद पर2024 तक दोबारा इंसान भेजने के लिए नासा ने 11 कंपनियों को चुना है। अंतरिक्ष...

    वॉशिंगटन. चांद पर2024 तक दोबारा इंसान भेजने के लिए नासा ने 11 कंपनियों को चुना है। अंतरिक्ष यात्री के तौर महिला भी हो सकती है। नासा के अनुसार, अगले 6 महीने में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की 11 कंपनियों में से किसी एक पार्टनर का चयन किया जाना है, ताकि मिशन के लिए जरूरी उपकरणों को डिजाइन किया जा सके। मिशन के तहत नासा की योजना स्पेस स्टेशन के स्ट्रक्चर (कैप्सूल) बनाने की है, जो गेटवे का काम करेगा। यह चांद की सतह पर लैंडिग की जगह खोजेगा।

    अगले कुछ सालों में चंद्रमा की निचली कक्षा में लॉन्च होने वाले कैप्सूल के निर्माण का काम शुरू होगा। नासा द्वारा चुनी गई कंपनियों का मुख्य फोकस आर्टमिस मिशन के लिए तीन अलग तरह के पुर्जे बनाने पर होगा। इसमें वह कैप्सूल भी होगा जिसमें एस्ट्रोनॉट्स चांद तक जाएंगे और वहां से वापस आएंगे।

    पार्टनरशिप में हार्डवेयर के संचालन पर फोकस
    नासा मुख्यालय में मानव-चांग अन्वेषण कार्यक्रमों के निदेशक मार्शल स्मिथ ने कहा, "चंद्रमा पर अपनी वापसी को हम गति दे रहे हैं। इससे हम अपने पारंपरिक तरीके से किए जाने काम को भी चुनौती दे रहे हैं। हम हार्डवेयर के विकास और उनके संचालन को पार्टनरशिप में व्यवस्थित करेंगे। हमारी टीम जितनी जल्दी हो सके, चांद पर दोबारा उतरने को बेताब है। पब्लिक/प्राइवेट पार्टनरशिप की यह टीम चांद की सतह पर मानव कदम को उतारने वाले सिस्टम का भी अध्ययन कर रही है।

    20% फंड कंपनियों को लगाना है
    कंपनियों ने चांद पर भेजे जाने वाले रॉकेट के मॉडल भी बनाए हैं। इनमें से एक रॉकेट की कीमत 316 करोड़ रुपए है।इसके साथ ही प्रत्येककंपनी को कुल लागत का कम से कम 20% फंड खुद लगाना है। इस एक कदम से नासा की उम्मीद है कि भविष्य के मिशन पर लागत कम होगी, जिससे करदाताओं पर बोझ कम होगा।

    इन 11 कंपनियों में से होगा चयन
    1. एयरोजेट रॉकेटडाइन
    2. ब्लू ओरिजिन
    3.स्पेसएक्स
    4. बोइंग
    5. डायनेस्टिक
    6. लॉकहीड मार्टिन
    7. मास्टेन स्पेस सिस्टम्स
    8. नोथ्रोप ग्रूमन इनोवेशन सिस्टम्स
    9. ऑर्बिट बियॉन्ड
    10. सियरा नेवादा कॉरपोरेशन
    11. एसएसएल



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today एयरोजेट रॉकेटडाइन का मॉडल। ब्लू ओरजिन का मॉडल। बोइंग का मॉडल। स्पेसएक्स का मॉडल। डायनेस्टिक का मॉडल। मास्टेन स्पेस सिस्टम्स का मॉडल। नोथ्रोप ग्रूमन इनोवेशन सिस्टम्स का मॉडल। ऑर्बिट बियॉन्ड का मॉडल। सिएरा नेवादा कोर्पोरेशन का मॉडल। एसएसएल का मॉडल। लॉकहीड मार्टिन का मॉडल।
    महिला हाथ और पैर से घोड़े की तरह दौड़ती है, लोगों ने नाम दिया हार्स वुमन

    महिला हाथ और पैर से घोड़े की तरह दौड़ती है, लोगों ने नाम दिया हार्स वुमन


    नार्वे (यूरोप).नार्वे की आयला कर्स्टन घोड़े की तरह चलने की वजह से इन दिनों चर्चा में हैं। इनकी...

    नार्वे (यूरोप).नार्वे की आयला कर्स्टन घोड़े की तरह चलने की वजह से इन दिनों चर्चा में हैं। इनकी फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। आयला सिर्फ तेजी से चलती ही नहीं, बल्कि घोड़े के समान किसी बाधा को कूद भी सकती है।

    कर्स्टन ने इंस्टाग्राम पर तीन हफ्ते पहले अकाउंट खोला था, लेकिन उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। लोग ट्विटर पर भी उनकी जानकारी शेयर कर रहे हैं। एक यूजर ने वीडियो शेयर कर उन्हें हार्स वुमन नाम दिया। उन्होंने मीडिया को बताया कि जब वह चार साल की थी तब उसेकुत्ता की तरह चलना पसंद था।

    मुझे दर्द नहीं होता

    कर्स्टन ने उनके चलने के अनुभव को शेयर भी किया। उन्होंने कहा, "मुझे ऐसे चलने में कभी चोट नहीं लगी। ना ही कलाई में तकलीफ हुई।" कर्स्टन ने कहा कि लोग मेरी इस अनोखी आदत को पसंद कर रहे हैं। उधर, एक यूजर ने लिखा कि हाथ-पैर से चलने की आपके हुनर को सलाम। कर्स्टन ने कुछ वीडियो शेयर किए हैं। एक में वे कुत्ते के साथ दौड़ लगा रही हैं। वहीं, दूसरे में घोड़े की तरह सेतेजी से दौड़ और चलरही हैं। वह जिस तरह से जमीन पर हाथ पैर रखकर दौड़ती है। दूर से कोई भी अंदाजानहीं लगा सकता है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today A Norwegian womans running and jumping like a horse A Norwegian womans running and jumping like a horse
    अरबपति निवेशक स्मिथ 400 कॉलेज छात्रों का 280 करोड़ रुपए का लोन चुकाएंगे

    अरबपति निवेशक स्मिथ 400 कॉलेज छात्रों का 280 करोड़ रुपए का लोन चुकाएंगे


    वॉशिंगटन. अरबपति निवेशक और परोपकारी रॉबर्ट एफ स्मिथ अटलांटा के मोरहाउस कॉलेज से इस साल...

    वॉशिंगटन. अरबपति निवेशक और परोपकारी रॉबर्ट एफ स्मिथ अटलांटा के मोरहाउस कॉलेज से इस साल ग्रेजुएशन करने वाले करीब 400 छात्रों का 4 करोड़ डॉलर (280 करोड़ रुपए) का स्टूडेंट लोन चुकाएंगे। स्मिथ ने रविवार को कॉलेज के दीक्षांत समारोह में यह ऐलान किया। स्मिथ विस्टा इक्विटी पार्टनर्स के फाउंडर और सीईओ हैं। उनकी फर्म सॉफ्टवेयर, डेटा और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों में निवेश करती है।

    स्मिथ के ऐलान से कॉलेज फैकल्टी और स्टूडेंट चौंक गए। कॉलेज का कहना है कि यह अब तक का सबसे बड़ा तोहफा है। मोरहाउस अश्वतों का कॉलेज है। स्मिथ खुद भी अश्वेत हैं। उन्होंने कहा कि हम 8 पीढ़ियों से अमेरिका में रह रहे हैं। इसलिए मेरा परिवार कुछ योगदान देना चाहता है।

    एक छात्र ने पिछले दिनों गणना की थी कि उसे 2 लाख डॉलर का स्टूडेंट लोन चुकाने में 25 साल लग जाएंगे। इसके लिए उसे हर महीने अपनी आधी सैलरी देनी होगी। ऐसे में स्मिथ का ऐलान बेहद अहम है।

    दीक्षांत समोरोह के दौरान स्मिथ को मोरहाउस कॉलेज की ओर से डॉक्टरेट की मानद उपाधि दी गई। वो कॉलेज के लिए 15 लाख डॉलर (10.5 करोड़ रुपए) देने का ऐलान पहले ही कर चुके हैं। स्मिथ की नेटवर्थ 4.47 अरब डॉलर (31290 करोड़ रुपए) है।

    छात्रों के ऊपर लगातार बढ़ रहा कर्ज अमेरिका में राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश कर रहे कई डेमोक्रेट्स सांसदों ने इस पर चिंता जाहिर की है। रेटिंग एजेंसी फिच के मुताबिक अमेरिकी छात्रों पर 105 लाख करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today रॉबर्ट एफ स्मिथ पत्नी होप द्वोरेजिक के साथ।
    अश्वेत छात्रों का 280 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाएंगे अफ्रीकन कारोबारी, बोले- दूसरों की मदद करें

    अश्वेत छात्रों का 280 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाएंगे अफ्रीकन कारोबारी, बोले- दूसरों की मदद करें


    वॉशिंगटन. विस्ता इक्विटी पार्टनर्स के संस्थापक और अफ्रीकन-अमेरिकन कारोबारी रॉबर्ट एफ...

    वॉशिंगटन. विस्ता इक्विटी पार्टनर्स के संस्थापक और अफ्रीकन-अमेरिकन कारोबारी रॉबर्ट एफ स्मिथ ने जार्जिया स्थित एटलांटा के ब्लैक मोरहाउस कॉलेज के छात्रों का कर्ज चुकाने की घोषणा की है। इस कॉलेज के छात्रों पर तकरीबन 280 करोड़ रुपए का कर्ज है। स्मिथ ने छात्रों से कहा कि वे दूसरे अश्वेतों की मदद करें। मोरहाउस कॉलेज ने स्मिथ को मानद डिग्री से सम्मानित किया है।


    छात्रों और उनके अभिभावकों ने खुशी जाहिर की
    रविवार को स्मिथ ने जब यह घोषणा कॉलेज के समारोह के दौरान की तो वहां मौजूद 400 छात्रों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। छात्रों ने अपने-अपने तरीके से उनकी घोषणा का स्वागत किया। उनके अभिभावक भी इस घोषणा से खुश दिखे।

    साथियों की मदद से काफी खुशीः स्मिथ

    कॉलेज के ट्विटर अकाउंट ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि स्मिथ ने कहा है कि उनका परिवार छात्रों का कर्ज खत्म करना चाहता है। स्मिथ का कहना था कि वह खुद भी इसी क्लास के विद्यार्थी हैं और उन्हें अपने साथियों की मदद से काफी खुशी हो रही है।

    फोर्ब्स की लिस्ट में स्मिथ 2015 के सबसे अमीर अफ्रीकन-अमेरिकन कारोबारी थे
    प्रतिष्ठित फोर्ब्स मैगजीन ने 2015 की अपनी सूची में स्मिथ को सबसे अमीर अफ्रीकन-अमेरिकन कारोबारी माना था। उनकी कुल संपत्ति 30800 करोड़ रुपए आंकी गई है।

    स्मिथकॉलेज को 10.5 करोड़ रुपये की डोनेशन दे चुके हैं

    सूत्रों का कहना है कि स्मिथ इससे पहले इस कॉलेज को 10.5 करोड़ रुपये बतौर डोनेशन दे चुके हैं, लेकिन उनकी इस घोषणा से छात्रों के सिर से एक बड़ा बोझ उतर जाएगा। शिक्षा की लागत बढ़ने से छात्रों को लोन लेना पड़ रहा है और इसकी किश्तें न चुका पाने की वजह से यह रकम बढ़कर कई गुना हो चुकी है। कॉलेज के प्रवक्ता का कहना है कि स्कूल के लिए यह बड़ी सौगात है।

    मार्टिन लूथर किंग जूनियर इसी स्कूल के छात्र रहे
    मोरहाउस कॉलेज के पूर्व छात्रों में मार्टिन लूथर किंग जूनियर, फिल्म मेकर स्पाइक ली और एक्टर सैमुअल एल जैक्सन शामिल हैं। कॉलेज के एक छात्र के पिता चार्ल्स रेलेफोर्ड ने कहा कि स्मिथ की घोषणा उनके लिए बड़ी राहत है। उनका दूसरा बेटा भी इसी कॉलेज में पढ़ता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्मिथ फिर से कॉलेज में आएंगे।

    अमेरिका के छात्रों पर 105 लाख करोड़ रुपए का कर्ज
    छात्रों के ऊपर लगातार बढ़ता जा रहा कर्ज इस समय अमेरिका में राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन गया है। राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश कर रहे कई डेमोक्रेट्स सांसदों ने इस पर चिंता भी जाहिर की है। फिच एजेंसी की रेटिंग के मुताबिक- अमेरिका के छात्रों पर इस समय 105 लाख करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today रॉबर्ट एफ स्मिथ
    अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा तो तेल की सप्लाई बाधित होगी

    अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा तो तेल की सप्लाई बाधित होगी


    अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ा है। यह कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को प्रभावित कर सकता...

    अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ा है। यह कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को प्रभावित कर सकता है। यदि यह तनाव और बढ़ता है तो दुनिया में तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है। ब्रिटेन में ब्रेग्जिट को लेकर उथल-पुथल जारी है। अमेरिका के साथ ट्रेड वार के बीच चीन ने 4.20 लाख करोड़ रु. की अमेरिकी वस्तुओं के आयात पर 5-25% जवाबी आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की योजना बनाई है। यह शुल्क एक जून से लागू होगा। इस बीच, भारत ने अमेरिकी सामान पर जवाबी आयात शुल्क लगाने का फैसला 16 जून तक स्थगित कर दिया है। अमेरिका के 44 राज्यों ने 20 फार्मा कंपनियों के खिलाफ मुकदमा किया है। इनमें सात भारतीय फार्मा कंपनियां शामिल हैं। इनके शेयरों में तेज गिरावट आई। मुकदमे में इन कंपनियों पर ग्राहकों से अधिक कीमत वसूलने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।

    अप्रैल में व्यापार घाटा 12% बढ़कर 1,533 करोड़ डॉलर पर पहुंचा
    अप्रैल में व्यापार घाटा बढ़कर 1,533 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। पिछले साल अप्रैल में यह 1,372 करोड़ डॉलर था। निर्यात 0.64% मामूली बढ़कर 2,607 करोड़ डॉलर रहा। आयात 4.48% बढ़कर 4,144 करोड़ डॉलर रहा। सोने का आयात 56% बढ़कर 397 करोड़ रहा। तेल आयात 9.25% बढ़कर 1,140 करोड़ डॉलर रहा। खुदरा महंगाई दर अभी भी नरम ही है। लेकिन अप्रैल में यह 2.92% होने के साथ छह माह के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। यदि यह और बढ़ी तो आरबीआई के लिए जून की मौद्रिक समीक्षा में रेट कट की गुंजाइश कम हो जाएगी।

    एचडीएफसी का तिमाही मुनाफा 27% बढ़कर 2,861.58 करोड़ पर पहुंचा
    हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर की प्रमुख कंपनी एचडीएफसी को मार्च तिमाही में 27% बढ़ोतरी के साथ 2,861.58 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले समान तिमाही में यह 2,256.68 करोड़ रुपए था। मार्च तिमाही में एचडीएफसी की कुल आय बढ़कर 11,586.58 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। यह पिछले साल इसी तिमाही में 9,322.36 करोड़ रुपए थी। मार्च 2019 की तिमाही में कंपनी का ग्रॉस एनपीए (फंसे कर्ज) का आंकड़ा 4,777 करोड़ रुपए रहा। यह कंपनी के पूरे लोन पोर्टफोलियो के 1.18% के बराबर है। कंपनी ने प्रति शेयर 17.50 रुपए फाइनल डिविडेंड देने की पेशकश की है।

    इंडिगो के प्रमोटरों में मतभेद उभरना चिंता की बात
    देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के प्रमोटरों राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल के बीच मतभेद उभरना चिंता की वजह बन सकता है। दोनों को-प्रमोटरों ने राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल एग्रीमेंट कर रखा है। इसके तहत वे अपनी हिस्सेदारी एक-दूसरे को ही बेच सकते हैं। इस एग्रीमेंट की अवधि इस साल 9 नवंबर को खत्म हो रही है। इंडिगो ब्रांड पर मालिकाना हक रखने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन में भाटिया परिवार की 38.26% हिस्सेदारी है। जबकि गंगवाल परिवार की 36.68% हिस्सेदारी है।

    आईटीसी का मार्च तिमाही में मुनाफा 19% बढ़कर 3,482 करोड़ पर पहुंचा
    आईटीसी को मार्च तिमाही में 19% बढ़ोतरी के साथ 3,482 करोड़ रुपए मुनाफा हुआ है। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 12,206 करोड़ रुपए रहा। यह पिछले साल समान तिमाही में 10,586.80 करोड़ रुपए था। आईटीसी ने संजीव पुरी को नया चेयरमैन नियुक्त किया है। मार्च तिमाही में कंपनी के एफएमसीजी डिवीजन का ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 31% बढ़ा है।

    देवांग्शु दत्ता, कंट्रीब्यूटिंग एडिटर, बिजनेस स्टैंडर्ड



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today If US Iran tensions increase, supply of oil will be disrupted
    गूगल ने हुवावे के लिए एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म बंद किया, गूगल के ऐप्स भी नहीं चलेंगे

    गूगल ने हुवावे के लिए एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म बंद किया, गूगल के ऐप्स भी नहीं चलेंगे


    वॉशिंगटन. गूगल ने चीन की टेलीकॉम कंपनी हुवावे द्वारा एंड्रॉयड का इस्तेमाल करने पर पाबंदी...

    वॉशिंगटन. गूगल ने चीन की टेलीकॉम कंपनी हुवावे द्वारा एंड्रॉयड का इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगा दी है। हुवावे के स्मार्टफोन पर अब गूगल ऐप्स भी एक्सेस नहीं हो पाएंगे। अमेरिका द्वारा हुवावे को एनटिटी लिस्ट में शामिल करने की वजह से गूगल ने हुवावे पर रोक लगाई है। अमेरिका की एनटिटी लिस्ट में शामिल कंपनियां वहां की फर्मों से बिना लाइसेंस व्यापार नहीं कर सकती हैं।

    हुवावे की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, दो महीने पहले कंपनी के सीईओ (कंज्यूमर प्रोडक्ट डिविजन), रिचर्ड यू ने कहा था कि हुवावे प्लान बी के तहत मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम तैयार कर रही है।

    सीसीएस इनसाइट कंसल्टेंसी के बेन वुड का कहना है कि गूगल के फैसले से हुवावे को कंज्यूमर बिजनेस में दिक्कतें आएंगी। हालांकि, हुवावे ओपन सोर्स लाइसेंस के जरिए उपलब्ध एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का वर्जन इस्तेमाल कर सकती है।

    हुवावे दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम उपकरण निर्माता और दूसरी बड़ी स्मार्टफोन विक्रेता कंपनी है। अमेरिका को उस पर चीन के लिए जासूसी का शक है। हुवावे ने अपने उपकरणों से सुरक्षा के खतरे के आरोपों से इनकार किया है।

    अमेरिका के कहने पर पिछले साल हुवावे की सीएफओ मेंग वांगझू की कनाडा में गिरफ्तारी हुई थी। अभी वो जमानत पर हैं। अमेरिका मेंग के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहा है। हुवावे द्वारा ईरान पर लागू अमेरिकी प्रतिबंध तोड़ने के आरोप में मेंग की गिरफ्तारी हुई थी।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सिंबॉलिक इमेज।
    मोदी-राहुल जर्मनी आए तो युवा कांग्रेस-भाजपा से जुड़े, भारतीय गुटों में हिंदुस्तानी वाली फीलिंग

    मोदी-राहुल जर्मनी आए तो युवा कांग्रेस-भाजपा से जुड़े, भारतीय गुटों में हिंदुस्तानी वाली फीलिंग


    अंजनि कुमार राय (फ्रैंकफर्ट). दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव खत्म हो गए। इसकीहलचल...

    अंजनि कुमार राय (फ्रैंकफर्ट). दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव खत्म हो गए। इसकीहलचल यूरोप तक दिखाई दी। जर्मनी में डेढ़ लाख से ज्यादा भारतीय या भारतीय मूल के लोग हैं, जिनमें से ज्यादातर बर्लिन, म्यूनिख, हैम्बर्ग और डॉर्टमंड में रहते हैं। लेकिन भारतीय चुनाव की कई जगह चर्चा है।

    अगस्त 2018 में राहुल गांधी, शशि थरूर और अन्य नेता 3-4 दिन के लिए हैम्बर्ग आए थे तो यहां रहने वाले भारतीयों खास तौर पर युवाओं पर उनके भाषण और विचारों का काफी असर दिखा। कई युवा कांग्रेस से जुड़े। राहुल यहां की यंग जनरेशन में जोश भरने में कामयाब रहे। ऐसा ही कुछ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने की वजह से हुआ। कई युवा भाजपा और मोदी के साथ जुड़े।

    ‘अब यहां के गुटों की सोचमें बदलाव’
    राय कहते हैं- मैं असाफनबर्ग में रहता हूं, लेकिन ज्यादातर वक्त फ्रैंकफर्ट में ही गुजरता है। यहां जर्मनी का सबसे पुराना कल्चरल इंस्टीट्यूट भारतीय संस्कृति संस्थान भारतीयों के मेल-मिलाप का बड़ा केंद्र है। करीब 30 साल पहले डॉ. इंदुप्रकाश ने इसकी स्थापना की थी। यहां भी विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान चर्चा का विषय भारत का लोकसभा चुनाव ही रहा।

    दिलचस्प बात यह कि पहले यहां भारतीयों के कई राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य समूह बने हुए थे मसलन केरला कल्चरल ग्रुप, पंजाबी ग्रुप, बंगाली ग्रुप। वे अब भी हैं, लेकिन 2014 के बाद से इसमें काफी बदलाव दिखता है। अलग-अलग लोगों के समूहों में अब सबसे बड़ी फीलिंग एक हिंदुस्तानी होने की है। उन्हें पंजाबी, बंगाली, मराठी होने से ज्यादा इस बात पर गर्व है कि वे भारतीय हैं। इसका असर जर्मनी में होने वाली विभिन्न आयोजनों में भी दिखता है।

    ‘जर्मन मीडिया की भी भारतीय चुनाव पर नजरें’
    जर्मन मीडिया भी भारतीय चुनाव को लेकर खबरें प्रकाशित कर रहे हैं। असाफनबर्ग में वैसे तो भारतीयों की संख्या कम है, लेकिन स्थानीय अखबार भारतीय चुनाव के नतीजों पर नजरें गड़ाए हैं। एक अखबार ने लिखा- भारत में भाजपा और नरेंद्र मोदी का माहौल तो है, लेकिन 2014 की जैसी स्थिति नहीं है।

    हालांकि एनडीए और यूपीए के मामले में अखबार एनडीए के आने की ही भविष्यवाणी कर रहे हैं। जर्मनी का बड़ा अखबार साइट लिखता है- भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूसरा कार्यकाल मिलने के अच्छे आसार हैं। हालांकि उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती राहुल गांधी हैं।

    (अंजनि कुमार राय फ्रेंकफर्ट स्थित भारतीय संस्कृति संस्थान के अध्यक्ष हैं)



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today नरेंद्र मोदी और एंजेला मर्केल।
    600 किमी लंबी कबूतरों की मैकआर्थर रेस, लोगों का शौक 90% पक्षियों की ले लेता है जान

    600 किमी लंबी कबूतरों की मैकआर्थर रेस, लोगों का शौक 90% पक्षियों की ले लेता है जान


    मनीला. फिलीपींस में कबूतरों की रेस की मैकआर्थर प्रतियोगिता होती है।600 किलोमीटर की यह रेस...

    मनीला. फिलीपींस में कबूतरों की रेस की मैकआर्थर प्रतियोगिता होती है।600 किलोमीटर की यह रेस जानलेवा है। लंबा समुद्री मार्ग, गर्मी, शिकारी पक्षियों और अपहरणकर्ता से कबूतरों की जान का खतरा भी इसमें बना रहता है। रेस के आयोजक नेलसन चुआ बताते हैं कि रेस फिलीपींस का चार्म है। यह तेजी से बाकी एशियाई देशों में भी बढ़ रही है। इनमें भारत, चीन और ताइवान प्रमुख हैं।

    रेस लेइटे द्वीप से मैकआर्थर शहर तक होती है। केवल 10% कबूतर ही पूरा करते हैं। 50 से 70% जालों में फंस जाते हैं या शिकारियों द्वारा मारे जाते हैं। रेस को पसंद करने वालोंआज फिलीपींस मेंहजारों सदस्यों वाले 300 क्लब हैं।

    9.8 करोड़ रुपए तक कबूतर की कीमत
    देश की सबसे लंबी इस रेस का समय कबूतरों और उन्हें पालने वालों के लिए भी टेंशन से भरा होता है। कबूतर पालने वाले जाइमे लिन कहते हैं कि यहां यूरोप और अमेरिका की तुलना में ज्यादा शिकारी हैं।वे कहते हैं,फिलीपींस में लोग कबूतरों को लोग गोली मार देते हैं।कबूतरों की बोली डॉलर में लगती है, इसलिए उन्हें पहाड़ों पर जाललगाकर फंसाया जाता है। इनकाअपहरण भी आम बात है। फिर कम दाम में कबूतर शौकीनों को बेच दिया जाता है। मार्च में एकचीनी खरीदार ने नीलामी में बेल्जियम के सर्वश्रेष्ठ लंबी दूरी वाले रेसिंग कबूतर को रिकॉर्ड 9.8 करोड़ रुपए में खरीदा था।


    बेल्जियम कबूतरों की रेस का गढ़
    कबूतरों की रेस की शुरुआत बेल्जियम से मानी जाती है। ऐसी पहली रेस 1818 में हुई थी। अब भी बेल्जियम इस रेस के शौकीनों का गढ़ है। एक हजार सदस्यों वाले मेट्रो मनीला फैन्सियर्स क्लब के अधिकारीएडी नोबेल बताते हैं कि कुछ लोग इसे जुआ के तौर पर भी देखते हैं। लेकिन लोगों में इस बात को लेकर उत्साह रहता है कि आखिर कबूतर अपना घर वापस आकर कैसे खोज लेते हैं।

    कबूतरों की याददाश्त पर वैज्ञानिक थ्योरी
    कबूतरों के रास्तों को याद रखने पर विज्ञान की थ्योरी कहती है-कबूतर धरती के मेग्नेटिक फील्ड को चुनते हैं। उनमें गंध पहचानने का गुण भी होता है। वहीं एक दूसरी थ्योरी कहती है कि पक्षी अल्ट्रा-लो फ्रीक्वेंसी वालेसाउंड वेब्सका इस्तेमाल कर मैपिंग करते हैं। मैकआर्थर रेस में उनकी इसी खूबी की परीक्षा होती है। रेस के पूरा होने में कम से कम 10 घंटे लगते ही हैं, जो कबूतर वापस लौटने में सफल होता है, वह सीधे अपने घर जाता है। फिर उसका मालिक उसके पैरों में बंधा कोड आयोजनकर्ताओं को देता है। इसके बाद ट्रॉफी दी जाती है


    ट्रॉफी के लिए कबूतरों ली जा रही जान
    पशु पक्षियों के लिए काम करने वाले मनीला के संगठन, 'पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनीमल्स' की ऐश्ले फ्रूनोकहती हैं, रेस में 90% पक्षियों की मौत के जिम्मेदार आयोजक हैं। जो तीन-तीन समुद्र पार करने वाली कठिन रेस करवातेहैं। यह जानलेवा रेस है। इसमें खेल जैसी कोई बात नहीं। लोग सिर्फ ट्रॉफी के लिए कबूतरों की जान लेते हैं।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today रेस में भाग लेने वाले कबूतर के साथ आयोजक। नेट में फंसे कबूतर को निकालता क्लब का सदस्य। उड़ान के पहले कबूतर के पंखों पर मार्किंग करते आयोजक।
    ट्रम्प की ईरान को चेतावनी- युद्ध करने का दुस्साहस किया तो आधिकारिक अंत हो जाएगा

    ट्रम्प की ईरान को चेतावनी- युद्ध करने का दुस्साहस किया तो आधिकारिक अंत हो जाएगा


    वॉशिंगटन.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने...

    वॉशिंगटन.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने ट्वीट किया कि अगर ईरान हमारे साथ युद्ध का दुस्साहस करता है तो यह उसका आधिकारिक अंत होगा। अमेरिका को फिर कभी धमकी न दें! अमेरिकी सैनिकों की पश्चिमी एशिया में मौजूदगी बढ़ने से दोनों देशों के बीच तनाव है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरानी शासन को स्पष्ट संदेश दिया है।

    ये भी पढ़ें

    ट्रम्प ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए, लोहा-स्टील समेत 4 धातुओं का निर्यात नहीं कर सकेगा

    अमेरिका के रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तैनात जंगी बेड़े में पैट्रियट मिसाइलें, बी-52 बमवर्षक और एफ-15 लड़ाकू विमान शामिल हैं।

    अमेरिका को शक- तेल के जहाजों को नुकसान पहुंचाने में ईरान का हाथ

    12 मई को यूएई तट के पास दो सऊदी जहाजों और दो तेल टैंकरों को भारी नुकसान पहुंचाया गया था। किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन अमेरिका का मानना है कि उसके क्षेत्रीय सहयोगियों पर हमले के पीछे प्रतिबंध प्रभावित ईरान का हाथ हो सकता है।

    ईरान के सर्वोच्च नेताखामनेई नेट्रम्प को दिया था जवाब

    ट्रम्प ने कुछ दिन पहले कहा था कि आशा है कि वह ईरान के साथ युद्ध से बचेंगे। इसके जवाब में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कहा कि ईरान का अमेरिका के साथ युद्ध करने का इरादा नहीं, लेकिन वह अमेरिका का विरोध जारी रखेगा।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प। -फाइल
    बंदूकधारियों ने बार में अंधाधुंध गोलियां चलाईं, छह महिलाओं समेत 11 की मौत

    बंदूकधारियों ने बार में अंधाधुंध गोलियां चलाईं, छह महिलाओं समेत 11 की मौत


    रियो डी जेनेरियो.ब्राजील के एक बार में रविवार को बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं।...

    रियो डी जेनेरियो.ब्राजील के एक बार में रविवार को बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इसमें छह महिलाओं समेत 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से जख्मी हो गया। घटना दोपहर करीब 3.30 बजे पारा राज्य की राजधानी बेलेम में हुई। पुलिस ने एक हमलावर को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस के मुताबिक, सात हमलावर कार और बाइक पर सवार होकर बार पहुंचे थे। यहां गोलीबारी के बाद छह मौके से फरार हो गए। पुलिस एक हमलावर से पूछताछ की जा रही है। फायरिंग के बाद बार के बाहर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    सरकार ने घटना को नरसंहार करार दिया
    पारा की प्रवक्ता नतालिया मेलो ने बताया कि अभी हमले के कारणों का पता नहीं लग सका है, लेकिन राज्य में यह नरसंहार जैसा है। बार में मौजूद लोगों ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किया है। जिसमें फर्श पर फैला खून और शव नजर आए।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 7 हमलावर कार और बाइक पर सवार होकर आए थे। घटना के बाद बार के बाहर मौजूद लोग।
    जन्म से ही नहीं थे हाथ, पैरों से सीखे सभी काम; अब विमान उड़ाती हैं, स्कूबा डाइविंग में भी एक्सपर्ट

    जन्म से ही नहीं थे हाथ, पैरों से सीखे सभी काम; अब विमान उड़ाती हैं, स्कूबा डाइविंग में भी एक्सपर्ट


    वॉशिंगटन.अमेरिका कीजेसिका कॉक्स कोई साधारण महिला नहीं हैं। जन्म से हाथ न होने के बावजूद वे...

    वॉशिंगटन.अमेरिका कीजेसिका कॉक्स कोई साधारण महिला नहीं हैं। जन्म से हाथ न होने के बावजूद वे कई ऐसी चीजों में माहिर हैं, जिसके बारे में सामान्य लोग भी नहीं सीख सकते। खास बात यह है कि वे विमान तक उड़ा सकती हैं। वह भी दोनों पैरों की मदद से। बचपन से ही जेसिका के पास कृत्रिम (प्रोस्थेटिक) हाथ लगवाने का विकल्प मौजूद था। लेकिन इसके बावजूद अपनी कमी को कभी उन्होंने कमजोरी नहीं बनने दिया और अपने पैरों के इस्तेमाल से ही अपने सपनों की हर चीज सीख ली।

    जेसिका की मां इनेज की प्रेग्नेंसी सामान्य थी। इसके बावजूद जन्म के समय जेसिका के हाथ नहीं थे। बेटी की इस स्थिति इनेज काफी दुखी थीं, लेकिन उन्होंने कभी इसे जाहिर नहीं होने दिया। खुद जेसिका के मुताबिक, बड़े होने के दौरान परिवार ने उन्हें कभी सीमित नहीं महसूस होने दिया गया। वह अपनी हिम्मत और मजबूती का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं।

    हिम्मत से पूरे किए सभी सपने

    बड़ा होना जेसिका के लिए आसान नहीं था।जो चीजें दूसरों के लिए आसान होती थीं, उनमें अधिकतर जेसिका के लिए कठिन। इसके बावजूद उन्होंने प्रोस्थेटिक हाथों के इस्तेमाल से इनकार कर दिया और पैरों से ही सारी कलाएं सीखने की हिम्मत दिखाई। कॉलेज में रहते हुए उन्होंने टैप डांस (पैरों की धमक से किया जाने वाला डांस), स्वीमिंग और मॉडलिंग सीखी। इसके बाद ताइक्वांडो में थर्ड डिग्री ब्लैक बेल्ट हासिल किया। स्कूबा डाइविंग में भी जेसिका के पास सर्टिफाइड डाइवर का तमगा है। वे अब तकमोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर 20 से ज्यादा देशों का दौरा कर चुकी हैं।

    आसान नहीं था ट्रेन्ड पायलट के तौर पर प्लेन उड़ाना
    जेसिका का कहना है कि प्लेन उड़ाने की हिम्मत उन्हें एक पायलट से ही मिली थी। उनके मुताबिक, “बचपन में मैं जब भी विमान में सवार होती थी तब भगवान से सही सलामत रहने की दुआ करती थी। लेकिन एक बार एक पायलट ने मुझे डरते देख कॉकपिट में बुला लिया। उसने मुझे साथ में बैठाया और मुझे प्लेन उड़ाने के लिए कहा इस वाकये के बाद उन्हें पहली बार प्लेन उड़ाने का ख्याल आया।।”

    2005 में यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने पायलट की ट्रेनिंग शुरू की, लेकिन यह बिल्कुल आसान नहीं था। ट्रेनरों को काफी मुश्किल हुई। आखिरकार 2008 में जेसिका एक ट्रेन्ड पायलट के तौर पर तैयार हो गईं। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने उन्हें लाइट स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट उड़ाने की अनुमति दी।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today जेसिका कॉक्स। Arizona woman Jessica Cox becomes first woman to get licensed pilot without arms Arizona woman Jessica Cox becomes first woman to get licensed pilot without arms Arizona woman Jessica Cox becomes first woman to get licensed pilot without arms
    श्वार्जनेगर को युवक ने पीछे से लात मारी, अभिनेता ने वीडियो शेयर करके मजाक उड़ाया

    श्वार्जनेगर को युवक ने पीछे से लात मारी, अभिनेता ने वीडियो शेयर करके मजाक उड़ाया


    जोहानेसबर्ग. दक्षिण अफ्रीका में अपने स्पोर्ट्स इवेंट के प्रचार में जुटे हॉलीवुड स्टार...

    जोहानेसबर्ग. दक्षिण अफ्रीका में अपने स्पोर्ट्स इवेंट के प्रचार में जुटे हॉलीवुड स्टार अरनॉल्ड श्वार्जनेगर को एक व्यक्ति ने पीछे से लात मार दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दिखाई दे रहा है कि जिस वक्त अरनॉल्ड अपने फैंस के साथ बात कर रहे थे, तभीअचानक एक युवक पीछे से कूदकर उन्हें लात मार देता है। हालांकि, हमले के बाद भी अरनॉल्ड पर इसका कुछ खास असर नहीं दिखता और जब तक वे पीछे पलटे सिक्योरिटी गार्ड ने हमलावर को पकड़ लिया।

    ‘ऐसा लगा पीछे से भीड़ आ गई हो’

    अरनॉल्ड ने इस घटना का वीडियो अपने ट्विटर से भी शेयर किया। इसमें उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, “घबराने की कोई जरूरत नहीं। मुझे तो लगा जैसे पीछे से भीड़ ने मुझे झटका दिया, जो कि आमतौर पर काफी होता है। मुझे तो आपकी तरह ही वीडियो देखने के बाद पता चला कि किसी ने मुझे लात मारी है।”

    एक दूसरे ट्वीट में श्वार्जनेगर ने लिखा, “अगर आप वीडियो शेयर करना चाहते हैं तो हमलावर जो बोल रहा था उसे हटा दें, ताकि उसका प्रचार न हो,लेकिन यह बताइए मुझे करना क्या था? रोकना था या उसको पीटना था?”

    दक्षिण अफ्रीका में हर साल अरनॉल्डके नाम से होते हैं इवेंट

    इवेंट ऑर्गनाइजर्स के मुताबिक, घटना के ठीक बाद हमलावर को पुलिस के हवाले कर दिया गया। अरनॉल्ड ने फैंस से अपील की है कि वे इस घटना को नजरअंदाज करें और अपना ध्यान इवेंट्स में शामिल होने वाले प्रतिभाशाली एथलीट्स पर लगाएं।दक्षिण अफ्रीका में हर साल मई में अरनॉल्ड के नाम से अरनॉल्ड क्लासिक अफ्रीका इवेंट होता है। इसमें बॉडी बिल्डिंग से लेकर अन्य कई कॉम्बैट स्पोर्ट्स का आयोजन भी किया जाता है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Arnold Schwarzenegger gets kicked from behind by a man in South Africa, shares video himself
    प्रधानमंत्री मॉरिसन की पार्टी बहुमत से 2 सीट दूर, सत्ता में वापसी तय

    प्रधानमंत्री मॉरिसन की पार्टी बहुमत से 2 सीट दूर, सत्ता में वापसी तय


    मेलबर्न. ऑस्ट्रेलिया में रविवार को आम चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए। प्रधानमंत्री स्कॉट...

    मेलबर्न. ऑस्ट्रेलिया में रविवार को आम चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए। प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के नेतृत्व वाले सत्ताधारी लिबरल गठबंधन ने एग्जिट पोल को नकारते हुए जीत हासिल की। 75% वोटों की गिनती पूरी होने तक लिबरल पार्टी 74 सीटों पर निर्णायक बढ़त ले चुकी है। 151 सीटों वाले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में उसे बहुमत के लिए दो और सीटों की जरूरत है। दूसरी तरफ विपक्षी लेबर पार्टी को 66 सीटों में बढ़त मिली है।

    देश में पांच हफ्तों तक चले चुनाव प्रचार अभियान में जलवायु परिवर्तन का मुद्दा गर्माया रहा। 1.6 करोड़ मतदाताओं ने प्रधानमंत्री चुनने के लिए शनिवार को मतदान किया। इसके तुरंत बाद ही वोटों की गिनती शुरू हो गई थी। एग्जिट पोल में 151 सीटों वाले सदन में विपक्षी लेबर पार्टी को 82 सीटें मिलती दिख रहीं थीं। लेकिन नतीजों में मॉरिसन अगली सरकार बनाने के करीब हैं।

    इस मौके पर मॉरिसन ने ऑस्ट्रेलिया के साइलेंट (शांत) वोटर्स का शुक्रिया जताते हुए कहा कि वह हमेशा से चमत्कारों में भरोसा रखते आए हैं।मॉरिसन की पार्टी अभी स्पष्ट बहुमत से दूर है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि गिनती पूरी होने तक कोई भी दल गठबंधन के लिए आगे नहीं आएगा।

    मॉरिसन ने संकेत दिए हैं कि वोटों की गिनती पूरी होने पर भी अगर उन्हें बहुमत नहीं मिलता तो वे निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क करेंगे। अगर यह मुमकिन हुआ तो मॉरिसन ऑस्ट्रेलिया के31वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे।

    लेबर पार्टी के नेता बिल शॉर्टन ने परिणामों को चौकाने वाला बताया। उन्होंने समर्थकों से कहा- जाहिर है कि लेबर अगली सरकार नहीं बना पाएगी। मैं हार स्वीकारते हुए पार्टी के नेता के पद से इस्तीफा दूंगा। उन्होंने जीत के लिए प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन को बधाई दी।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today नतीजे आने के बाद प्रधानमंत्री मॉरिसन अपनी बेटियों के साथ।
    पाक को अपने एफ-16 विमानों की सुरक्षा की चिंता, देश के भीतरी एयरबेसों पर तैनात किए गए

    पाक को अपने एफ-16 विमानों की सुरक्षा की चिंता, देश के भीतरी एयरबेसों पर तैनात किए गए


    इस्लामाबाद. बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयरस्ट्राइक के 75 दिन बाद भी पाकिस्तान को अपने...

    इस्लामाबाद. बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयरस्ट्राइक के 75 दिन बाद भी पाकिस्तान को अपने फ्रंट लाइन फाइटर जेट एफ-16 की सुरक्षा की फिक्र सता रही है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक,सूत्रों ने बताया कि पाक वायुसेना ने अपने तीन होम एयरबेस से एफ-16 विमान हटा दिए हैं और इन्हें अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया है।

    सरगोधा, पंजाब और सिंध एयरबेस से एफ-16 विमानों को हटा दिया गया है। इन्हें देश के भीतरी एयरबेस पर तैनात कर दिया गया है। एफ-16 को अलग-अलग जगहों पर रखा गया है। पाक की योजना है कि हमले की स्थिति में नुकसान कम से कम हो।

    सूत्रों ने बताया कि पाक वायुसेना को आशंका है कि अगर भारत ने हमला किया तो उनको एक बार में ही बड़ा नुकसान हो सकता है। ऐसे में नुकसान को कम करने के लिए एफ-16 विमानों को फॉरवर्ड एयरबेसों से हटा दिया गया है।

    बालाकोट स्ट्राइक और इसके बाद जवाबी कार्रवाई में भारत से शिकस्त खाने के बाद इंटरनेशनल बॉर्डर और लाइन ऑफ कंट्रोल के पास वायुसेना हर वक्त सचेत है और निगरानी बरत रही है।

    पाक थल सेना ने भी जम्मू इलाके के करीब स्थित सियालकोट में टैंकों और आर्मर्ड रेजीमेंट की तैनाती की है। हालांकि, भारतीय सेना लगातार उनकी हरकतों पर नजर रख रही है।

    भारत ने भी पाक के इस कदम को देखते हुए अपनी सीमा में तैनाती शुरू कर दी है। इनमें एडवांस आर्म्ड फोर्स की तैनाती भी शामिल है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Balakot air strike: Pakistan still wary about safety of its F-16 assets
    पहली बार रिपब्लिकन सांसद ने कहा- ट्रम्प जो काम कर रहे, उन पर महाभियोग चलाना चाहिए

    पहली बार रिपब्लिकन सांसद ने कहा- ट्रम्प जो काम कर रहे, उन पर महाभियोग चलाना चाहिए


    वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति का अब अपनी खुद की पार्टी (रिपब्लिकन) में भी विरोध के स्वर उठने...

    वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति का अब अपनी खुद की पार्टी (रिपब्लिकन) में भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं। पहली बार रिपब्लिकन सांसद जस्टिन अमाश ने कहा है कि ट्रम्प जो काम कर रहे, उस लिहाज से उन पर महाभियोग (इम्पीचमेंट) चलाना चाहिए।

    मिशिगन से सांसद अमाश ने अटॉर्नी जनरल विलियम बार को भी म्यूलर मुद्दे पर जानबूझकर लोगों को गुमराह करने का आरोपी बताया। विशेष वकील रॉबर्ट म्यूलर ने अमेरिकी चुनाव में रूसी दखलंदाजी को लेकर रिपोर्ट पेश की थी।

    ‘कांग्रेस के सदस्यों ने भी रिपोर्ट पढ़ी’
    अमाश अल्ट्रा-कंजरवेटिव फ्रीडम कॉकस के सदस्य हैं। उन्होंने कई ट्वीट्स किए। इसके मुताबिक- कुछ कांग्रेस (अमेरिकी संसद) सदस्यों ने भी म्यूलर रिपोर्ट पढ़ी है। रिपोर्ट में ऐसे कई उदाहरण है, जिससे कहा जा सकता है कि कानून का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। इसमें कोई संदेह नहीं कि ऐसा कोई भी व्यक्ति जो अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं है, उसे ऐसे सबूतों के आधार पर दोषी ठहराया जाएगा। राष्ट्रपति ट्रम्प कुछ खास कामों में लगे हुए हैं, साथ ही उनका बर्ताव बताता है कि उन पर महाभियोग चलाया जा सकता है।

    डेमोक्रेट सांसद ने की अमाश से साथ आने की अपील
    मिशिगन से डेमोक्रेट सांसद रशीदा तलैब ने अमाश से अपने इम्पीचमेंट रेजोल्यूशन में भागीदार बनने की अपील की। रशीदा ने ट्वीट किया, ‘‘मैं महाभियोग के लिए इन्वेस्टीगेशन रेजोल्यूशन ला चुकी हूं। मैं चाहती हूं कि आप इसके सह-समर्थक बन जाएं।’’ उधर, ट्रम्प ने कहा था कि म्यूलर की रिपोर्ट को आधार बनाकर उन्हें परेशान किया गया।

    ‘राष्ट्रपति ने कई मौकों पर न्याय में बाधा डाली’
    कुछ डेमोक्रेट्स का तर्क है कि दस्तावेज से पता चलता है कि राष्ट्रपति ने कई मौकों पर न्याय प्रक्रिया में बाधा डाली। 2020 के लिए प्रेजिडेंशियल कैंडिडेट मानी जा रही सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने भी ट्रम्प पर महाभियोग चलाने की मांग की थी। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पैलोसी समेत कई वरिष्ठ डेमोक्रेट्स ने आगाह किया है कि महाभियोग जैसी कार्रवाई 32 करोड़ लोगों के देश को विभाजित कर सकती है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Amash becomes first Republican lawmaker to call for Trump impeachment Update Amash becomes first Republican lawmaker to call for Trump impeachment Update
    15 साल की मां ने खेत में जिंदा दफनाया नवजात, कुत्ते ने मिट्‌टी हटाकर बचाई जान

    15 साल की मां ने खेत में जिंदा दफनाया नवजात, कुत्ते ने मिट्‌टी हटाकर बचाई जान


    बैंकॉक. थाईलैंड में एक नवजात की जानबचाने वाले कुत्ते को हीरो करार दिया जा रहा है।बच्चे कोएक...

    बैंकॉक. थाईलैंड में एक नवजात की जानबचाने वाले कुत्ते को हीरो करार दिया जा रहा है।बच्चे कोएक खेत में दफनाया गया था। मामले की जानकारी होने पर 15 साल की लड़की को अपने जिंदा बच्चे को दफनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

    उत्तर-पूर्व थाईलैंड के कोराट में जब 41 साल के उस्सा निसिका खेत पहुंचे तो उनका कुत्तापिंगपॉन्ग कुछ दूर जाकर खेत के किनारे मिट्‌टी हटाने लगा। जब वे उस जगह पहुंचे तो मिट्‌टी के बाहर शिशुका पैर निकल आया।उस्सा ने बच्चे को मिट्‌टी से निकाला तो वह जिंदा और स्वस्थ लग रहा था। वे बच्चे को सीधे अस्पताल ले गए। उसे किसी तरह की कोई चोट नहीं आई थी। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई।

    सबका हीरो बन गया पिंगपॉन्ग
    उस्सा ने बताया- पिंग काजन्म हुआ तबसे ही वह मेरे साथ है। वह हमेशा ही अपने काम के प्रति वफादार रहा है। उसके तीन पैर ही काम करते हैं, क्योंकि कार हादसे में उसका एक पिछला पैर टूट गया था। इसके बाद भी वहमेरी पूरी मदद करता है। उसके साथ होने पर मैं अपनी गायों को ठीक से पाल रहा हूं। अब जब उसने बच्चे की जान बचाई है, तो सभी उसके काम को लेकर चकित हैं। वह सबका हीरो बन गया है।


    ‘डर के चलते बच्चे को दफनाया’

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने शुरुआत पूछताछ स्थानीय लोगों से की, लेकिन कोई जानकारी हाथ नहीं लगी। इस दौरान एक दुकानदार ने बताया कि उसके पास एक किशोरी आई थी, जिसमें बहुत सारी सैनिटरी टॉवेल खरीदी हैं। इसके बाद पुलिस ने गुरुवार को किशोरी को गिरफ्तार कर लिया। किशोरी ने जन्म के कुछ देर बाद ही बच्चे को दफना दिया था। पुलिस को किशोरी ने बताया कि उसे अपने माता-पिता का डर था, इसलिए बच्चे को दफना दिया।

    आरोपीकिशोरी पर केसचल सकता है
    मामले में गिरफ्तारी होने पर किशोरी के माता-पिता ने बच्चे की देखभाल करने की पेशकश की। हालांकि, अधिकारियों और बच्चे के परिजनके बीच सहमति नहीं बन पाई। अधिकारियों ने पुलिस और सरकारी कल्याण विभाग के कर्मचारियों को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी है। गवर्नर ने कहा, पुलिस किशोरी पर मुकदमा चलाने की तैयारी कर रही है, लेकिन हमें बच्चे कीदेखभाल के बारे में भी सोचना है।

    23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अस्पताल में स्वस्थ नवजात। खेत मालिक उस्सा के साथ हीरो डॉग पिंगपॉन्ग। मौके पर जांच करते पुलिस अधिकारी।
    एशिया पेसिफिक रोबोकप टूर्नामेंट शुरू, इसमें दुनिया की 103 टीमें भाग ले रहीं

    एशिया पेसिफिक रोबोकप टूर्नामेंट शुरू, इसमें दुनिया की 103 टीमें भाग ले रहीं


    बीजिंग. चीन के तियांजिन शहर में एशिया पेसिफिक रोबोकप टूर्नामेंट 2019 शुरू हो गया है। दो दिन...

    बीजिंग. चीन के तियांजिन शहर में एशिया पेसिफिक रोबोकप टूर्नामेंट 2019 शुरू हो गया है। दो दिन चलने वाले इवेंट में दुनियाभर की 103 टीमें भाग ले रही हैं। इसमें चीन, अमेरिका, रूस और इटली समेत कई देश शामिल
    हैं।

    इस टूर्नामेंट में पहले दिन फुटबॉल का मैच हुआ। इसमें कई कैटेगरी के रोबोट्स ने मैच खेले। फुटबॉल खेल रही दोनों टीमों में से 6-6 रोबोट्स मैदान में उतरे थे। ये सभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड थे।आयोजकों के मुताबिक, यह टूर्नामेंट रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एजुकेशन और रिसर्च के क्षेत्र में काम करनेवालों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित कराया जाता है। टूर्नामेंट का यह तीसरा साल है।

    इस टूर्नामेंट में रोबोट्स की कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग प्रकार के मैदान बनाए गए हैं। मैच के दौरान जब रोबोट डिस्चार्ज हो जाते हैं, तब उनके ऑपरेटर उन्हें मैदान के बाहर ले जाकर चार्ज करते हैं।

    इस अनोखे टूर्नामेंट को देखने के लिए रोबोटिक इंडस्ट्री से जुड़े दुनियाभर के लोग पहुंच रहे हैं, क्योंकि टूर्नामेंट में हर साल 100 से ज्यादा प्रकार के रोबोट्स देखने को मिलते हैं।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Asia Pacific RoboCup opens 2019 in Tianjin in china
    शो गेम ऑफ थ्रोन्स के फिनाले के पहले आयरन थ्रोन जब्त, कहा- अवैध तरीके से लगाया था

    शो गेम ऑफ थ्रोन्स के फिनाले के पहले आयरन थ्रोन जब्त, कहा- अवैध तरीके से लगाया था


    हॉलीवुड डेस्क.अमेरिकी वेब सीरीज गेम ऑफ थ्रोन्स का आखिरी एपिसोड रविवार को प्रसारित होगा।...

    हॉलीवुड डेस्क.अमेरिकी वेब सीरीज गेम ऑफ थ्रोन्स का आखिरी एपिसोड रविवार को प्रसारित होगा। इससे पहले सीरीज में फिल्माए जा रहे लोहे के सिंहासन को रूसी प्रशासन ने जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिंहासन अवैध तरीके से लगाया गया था। जब्ती के बाद सिंहासन गुप्त स्थान पर रखा गया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन शो के प्रोड्यूसरों को यह सिंहासन लौटाएगा या नहीं।

    प्रोड्यूसरों का कहना है कि सिंहासन जब्त होने का असर शो के प्रसारण पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि शूटिंग पहले ही पूरी हो चुकी है। यह सिंहासन सेंट पीटर्सबर्ग शहर के मुख्य चौक में लगाया गया था। यहां राहगीरों को इसके साथतस्वीरें खिंचाते देखा जा सकता था। सेंट पीटर्सबर्ग राजशाही के दौरान राजधानी भी रही थी।

    लोकप्रिय है यह शो

    अब तक इसके 72 एपीसोड प्रसारित हो चुके हैं। पहला एपीसोड 17 अप्रैल 2011 को आया था। सामाजिक मामलों पर रिसर्च करने वाली कंपनी वीटीएसआईओएम के सर्वे के मुताबिक दस में से एक रूसी यह ड्रामा देख रहा है।

    डोनाल्ड ट्रम्प भी गेम ऑफ थ्रोन्स के फैन हैं

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी गेम ऑफ थ्रोन्स वेब सीरीज पसंद करते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में रूस की दखल के मामले में रॉबर्ट मुलर समिति से मिली क्लीनचिट के बाद ट्रम्प इतने उत्साहित थे कि उन्होंने गेम ऑफ थ्रोन्स के पोस्टर की स्टाइल में अपना फोटो ट्वीट किया था। साथ में लिखा था- गेम ओवर।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Russia seizes Iron Throne ahead of Game of Thrones finale
    पैतृक अवकाश लेने वाले पुरुष ज्यादा बच्चे नहीं चाहते, परवरिश को कठिन काम मानते हैं

    पैतृक अवकाश लेने वाले पुरुष ज्यादा बच्चे नहीं चाहते, परवरिश को कठिन काम मानते हैं


    मैड्रिड. स्पेन में पैतृक अवकाश लेने वाले ज्यादातर पिता भविष्य में और ज्यादा बच्चे नहीं पैदा...

    मैड्रिड. स्पेन में पैतृक अवकाश लेने वाले ज्यादातर पिता भविष्य में और ज्यादा बच्चे नहीं पैदा करना चाहते। एक शोधमें इसका खुलासा हुआ है। दरअसल, स्पेन में 2007 में बने कानून के तहत पुरुष बच्चा पैदा होने के बाद पांच हफ्तों तक हर हफ्ते दोछुट्टियां ले सकते हैं। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन पिता ने यह छुट्टियां लीं। उनमें से ज्यादातर दो साल के बाद ही परवरिश को कठिन काम मानने लगते हैं और आगे बच्चे पैदा करने की ख्वाहिश नहीं रखते।

    यूनिवर्सिटी ऑफ बार्सिलोना की डाक्टर लिडिया फार और यूनिवर्सिटी ऑफ पोम्पियु फाब्रा के लिबरटैड गोंजालेज ने यह अध्ययन किया है। उनके मुताबिक, पैतृक छुट्टियों वाला कानून आने के बाद पुरुषोंकी फर्टिलिटी में काफी कमी देखी गई। एक बच्चा पैदा होने और उम्र बढ़ने के साथ ही दंपतियों में माता-पिता बनने की चाहत कम होने लगी।

    खुद को ज्यादा जिम्मेदार समझते हैं पुरुष

    फार के मुताबिक, पिताओं के लिए छुट्टियों का सिस्टम लागू होने के बाद से ही वे बच्चों की संख्या की जगह उनकी गुणवत्ता पर जोर देने लगे। यानी बच्चे के विकास के प्रति उनकी जिम्मेदारी में काफी इजाफा हुआ। पारिवारिक दायित्व समझते हुए आदमियों में अपने बच्चों को बेहतर युवा बनाने के प्रयास भी शुरू हुए।

    महिलाओं की सोच में बदलाव नहीं
    दूसरी तरफ पैतृक अवकाश बढ़ने के बावजूद महिलाओं में अगले बच्चे की ख्वाहिश में कोई खास फर्क नहीं देखा गया। इसकी एक वजह यह रही कि पतियों/साथियों की छुट्टियों की वजह से बच्चे के पालन-पोषण में महिलाओं को काफी सहूलियत मिलती है। साथ ही पिता के बच्चों से जुड़ने की वजह से उन्हें पारिवारिक जीवन बेहतर करने में आसानी होती है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक चित्र।
    अमेरिका में रैलियां और चाय पे चर्चा हुई, राष्ट्रीय सुरक्षा और धार्मिक आजादी मुख्य मुद्दे

    अमेरिका में रैलियां और चाय पे चर्चा हुई, राष्ट्रीय सुरक्षा और धार्मिक आजादी मुख्य मुद्दे


    रूपांजलि दुबे (कैलिफोर्निया). दक्षिणी कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स और सैन फ्रांसिस्को में...

    रूपांजलि दुबे (कैलिफोर्निया). दक्षिणी कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स और सैन फ्रांसिस्को में भाजपा समर्थकों ने रैलियों और चाय पे चर्चा के जरिए भाजपा का प्रचार किया। इसमें सबसे बड़ी भूमिका ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी की रही। यह पश्चिमी देशों में काफी बड़ा संगठन बन गया है। अमेरिका में इसके 4 हजार से ज्यादा सदस्य हैं और 3 लाख से ज्यादा समर्थक इन आयोजनों में शामिल हो चुके हैं। स्थानीय अखबारों से लेकर सोशल मीडिया तक में उनके कैम्पेन जारी हैं। अमेरिकी भारतीयों में इस बार भारतीय चुनावों को लेकर जो माहौल है वह पहले शायद ही देखने को मिला हो।

    अमेरिका में सैन फ्रांसिस्को के जिस इलाके में हम रहते हैं वह बे-एरिया कहलाता है। कैलिफोर्निया के इसी इलाके में सिलिकॉन वैली भी है, जहां गूगल, एपल, सिस्को, एचपी जैसी आईटी और टेक्नोलॉजी कंपनियों के मुख्यालय हैं। करीब 88 लाख की आबादी में 32% से ज्यादा लोग दूसरे देशों के हैं, जिनमें 33% से ज्यादा एशियाई मूल के हैं। एच1-बी वीजा पाने वालों में भारतीय सबसे आगे हैं जिनकी बड़ी संख्या इसी इलाके में है।

    ‘चर्चा में केवल नरेंद्र मोदी और राहुल’
    मैं घर से थोड़ी दूर एक भव्य मंदिर में लगभग रोज ही जाती हूं जहां भक्ति के साथ भारत में हो रहे लोकसभा चुनाव की चर्चाएं भी सुनने को मिलीं। बहस के केंद्र में राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी ही रहे। इस बार भारतीय अर्थव्यवस्थाके अलावा दो महत्वपूर्ण मुद्दे भी देखने को मिले- राष्ट्रीयसुरक्षा और धार्मिक आजादी। कश्मीर में सेना पर हुए आतंकीहमले के बाद से लोगों में यहां भी गुस्सा है। कई भारतीय औरभाजपा समर्थकों ने मोदी, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और वर्ल्ड लीडर्स से पाकिस्तान को सबक सिखाने की अपील की।

    ‘अमेरिका में भारत जैसी सरगर्मी नहीं’
    अमेरिका में 20 साल से रह रहे आईटी प्रोफेशनल मनोज शर्माकहते हैं- भारत में चुनाव बेहद दिलचस्प होते हैं। अमेरिका मेंऐसी सरगर्मी मिस करता हूं। इस बार के चुनाव थोड़े अलग हैं।वैसे तो भारत में पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी (संसदीय लोकतंत्र) हैलेकिन इस बार वहां अमेरिका जैसी प्रेसिडेंशियल डेमोक्रेसी के रंगनजर आए। ऐसा लग रहा है जैसे चयन ममता बनर्जी, मायावतीऔर राहुल का या फिर मोदी या भाजपा का है। वैसे तो चुनाववोट देने के अधिकार की बात कहता है लेकिन भारत में यह मतका दान ही बनकर रह गया है।

    ‘नोटबंदी से नाराजगी’
    अमेरिका में ही रह रहीं एक और भारतीय मीता नोटबंदी कीवजह से मोदी से नाराज हैं। वे पहले मोदी को पसंद करती थीं।मीता के मुताबिक- मोदी ने नोटबंदी के बाद कहा कि जिन नोटोंको बंद किया गया है, उन्हें बदलने में कोई परेशानी नहीं होगी।हम समय निकालकर नोट बदलवाने गए, लेकिन बहुत इंतजारऔर परेशानियों के बावजूद काम नहीं हुआ। मेहनत से कमायापैसा बर्बाद हो गया।

    रिश्तेदारों से वोट डालने की अपील
    अमेरिका में ज्यादातर भारतवंशियों के पास भारतीय नागरिकतानहीं है। लिहाजा वे भारत में वोट नहीं डाल सके, लेकिन उत्साहइतना है कि भारत में अपने दोस्तों, रिश्तेदारों को फोन कर वोटडालने की अपील कर रहेहैं। इसके लिए वे सोशल मीडिया काभी जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं।

    (रूपांजलि कैलिफोर्निया में आईटी प्रोफेशनल हैं)



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Lok Sabha Election NRIs involved in rallies and chai pe charcha in US
    39 साल पहले चीन के राजा का कटोरा 365 रु. में खरीदा था, अब 35 लाख रुपए में बिका

    39 साल पहले चीन के राजा का कटोरा 365 रु. में खरीदा था, अब 35 लाख रुपए में बिका


    न्यूयॉर्क (अमेरिका). न्यूयॉर्क में बेहद दुर्लभ कटोरा नीलामी में 35 लाख रुपए में बिका। इसे 39 साल...

    न्यूयॉर्क (अमेरिका). न्यूयॉर्क में बेहद दुर्लभ कटोरा नीलामी में 35 लाख रुपए में बिका। इसे 39 साल पहले एक ब्रिटिश व्यक्ति ने 20 पाउंड (1980 के हिसाब से करीब 365 रुपए) में चीन में एक एंटिक शॉप से खरीदा था। सफेद रंग का यह कटोरा 4 इंच का है।

    यह कटोरा 1723-35 के वक्त के राजा योंगजेंग के कार्यकाल से जुड़ा है। इसके ऊपर योंगजेंग लिखा हुआ है। ऐसा बताया जा रहा है कि इसका निर्माण राजा के लिए किया गया था। इस कटोरे की न्यूनतम बोली 8,000 पाउंड (करीब 7.15 लाख रुपए) रखी गई थी। लेकिन वह तय कीमत से 5 गुना महंगा नीलाम हुआ।

    जानकारों का कहना है कि ऑक्शन के वक्त यह लोगों के आकर्षक का केंद्र रहा है। स्वॉर्डर्स फाइन आर्ट ऑक्सनियर्स की गैलरी में इसे देखने के लिए लोगों की लंबी लाइन देखी गई। कई लोगों ने इसे देखने में काफी वक्त दिया। इसमें इस्तेमाल किया गया मटैरियल काफी अच्छा है और यह आज भी अच्छी स्थिति में है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Chinese tea bowl sells for a whopping 40000 dollar at auction in us
    पिता 16 साल की उम्र में क्यूबा से अकेले अमेरिका आए, उनकी हिम्मत से प्रेरणा मिलती है: बेजोस

    पिता 16 साल की उम्र में क्यूबा से अकेले अमेरिका आए, उनकी हिम्मत से प्रेरणा मिलती है: बेजोस


    वॉशिंगटन. दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस ने पिता माइक बेजोस के...

    वॉशिंगटन. दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस ने पिता माइक बेजोस के संघर्ष की कहानी शेयर की है। जेफ ने बताया कि पिता 16 साल की उम्र में क्यूबा से अकेले फ्लोरिडा आए थे। 1962 में जब वो अमेरिका आए थे, तब स्पेनिश बोलते थे। उन्हें अंग्रेजी थोड़ी-बहुत आती थी, लेकिन ऐसी दिक्कतें उन्हें रोक नहीं पाईं। उनकी हिम्मत, दृढ़ निश्चिय और आशावाद प्रेरणादायक हैं।

    जेफ कहते हैं कि उन दिनों की कल्पना करना भी मुश्किल है। पिता तीन शर्ट और तीन पैंट लेकर अमेरिका आए थे। उनके परिजनों ने इसलिए यूएस भेजा क्योंकि फिदेल कास्त्रो के शासन में वो सुरक्षित महसूस नहीं करते थे।

    जेफ बेजोस ने पिता के सफर का वीडियो शेयर कर बताया है कि लोग कैसे साथ आकर एक-दूसरे की मदद करते हैं। स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी के नए म्यूजियम के उद्घाटन के मौके पर बेजोस ने वीडियो शेयर किया। 15 मई को म्यूजियम कीओपनिंग सेरेमनी में जेफ बेजोस के पिता को लिबर्टी स्टार का सम्मान मिला।

    माइक, जेफ के जैविक पिता नहीं हैं, लेकिन अमेजन के फाउंडर की कामयाबी में उनका अहम योगदान है। जेफ की मां जैकलिन गाइज ने 1968 में माइक बेजोस से शादी की थी उस वक्त जेफ 4 साल के थे। जैकलिन ने पहले पति टेड जॉर्गनसन से 1965 में तलाक लिया था।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today जेफ बेजोस (दाएं) पिता के साथ। Jeff Bezos said father emigrated from Cuba alone at 16 His Grit Is Inspiring
    हुवावे के ब्लैकलिस्ट होने से अमेरिकी कंपनियों को 77000 करोड़ रु. का सालाना नुकसान हो सकता है

    हुवावे के ब्लैकलिस्ट होने से अमेरिकी कंपनियों को 77000 करोड़ रु. का सालाना नुकसान हो सकता है


    सैन फ्रांसिस्को. चीन की टेलीकॉम कंपनी हुवावे को अमेरिका द्वारा ब्लैकलिस्ट करने से यूएस की...

    सैन फ्रांसिस्को. चीन की टेलीकॉम कंपनी हुवावे को अमेरिका द्वारा ब्लैकलिस्ट करने से यूएस की कंपनियों को 11 अरब डॉलर (77,000 करोड़ रुपए) का सालाना नुकसान हो सकता है। हुवावे दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम उपकरण निर्माता और दूसरी बड़ी स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनी है। वह कई प्रमुख पार्ट्स अमेरिकी कंपनियों से खरीदती थी।

    अमेरिकी मीडिया के मुताबिक हुवावे ने पिछले साल 13,000 सप्लायरों से 70 अरब डॉलर (4.90 लाख करोड़ रुपए) के प्रोडक्ट खरीदे थे। इसमें से 11 अरब डॉलर की खरीदारी अमेरिकी कंपनियों से की गई थी। इनमें क्वॉलकॉम, ब्रॉडकॉम, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियां शामिल हैं।

    अमेरिका ने तीन दिन पहले (15 मई को) हुवावे को एनटिटी लिस्ट में डाल दिया। यानी हुवावे अमेरिकी सरकार के लाइसेंस के बिना वहां की कंपनियों से कंपोनेंट और तकनीक नहीं खरीद पाएगी।

    विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका में ब्लैकलिस्ट होने से हुवावे अपने सॉफ्टवेयर अपग्रेड नहीं कर पाएगी। रुटीन मेंटेनेंस और हार्डवेयर रिप्लेसमेंट भी प्रभावित होगा। हुवावे के स्मार्टफोन यूजर एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट नहीं कर पाएंगे क्योंकि हुवावे के पास कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सिंबॉलिक इमेज।
    दुनिया की सबसे अमीर बिल्ली की मौत, 700 करोड़ रु. की मालकिन थी

    दुनिया की सबसे अमीर बिल्ली की मौत, 700 करोड़ रु. की मालकिन थी


    न्यूयॉर्क. दुनिया की सबसे अमीर और चर्चित सात साल की बिल्ली ग्रुंपी की मौत हो गई है। ग्रुंपी...

    न्यूयॉर्क. दुनिया की सबसे अमीर और चर्चित सात साल की बिल्ली ग्रुंपी की मौत हो गई है। ग्रुंपी कैट 100 मिलियन डॉलर (करीब 700 करोड़ रुपए) की मालकिन थी। उसकी मौत पर लोग सोशल मीडिया पर शोक मना रहे हैं।

    स्थानीय मीडिया के मुताबिक, ग्रुंपी की गिनती दुनिया की सबसे चिड़चिड़ी बिल्लियों में की जाती थी, जो नाक और भौंहें सिकोड़ने में माहिर थी। उसे लेकर सबसे अधिक बिकने वाली किताबों की एक सीरीज भी है। ग्रुंपी कैट को लेकर एक फिल्म भी बनाई जा चुकी है।

    मौत यूरिनल इंफेक्शन की वजह से हुई:मॉरिसटाउन के तबाथा बुंडेसन ने ग्रुंपी कैट को खरीदा था। उन्हें 2012 में एक यूट्यूब वीडियो में प्रसिद्धि के लिए गोली मार दी थी, जिसे 15.7 मिलियन लोगों ने देखा था। शुक्रवार को बुंडेसन के परिवार ने ग्रुंपी की मौत की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि ग्रुंपी की मौत यूरिनल इंफेक्शन के कारण हुई।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Grumpy Cat internet legend dies
    उत्तर कोरिया की अपील- गैंगस्टर अमेरिका से जब्त शिप छुड़ाने में मदद करे संयुक्त राष्ट्र

    उत्तर कोरिया की अपील- गैंगस्टर अमेरिका से जब्त शिप छुड़ाने में मदद करे संयुक्त राष्ट्र


    प्योंग्यांग. उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस से अपील की है कि वह...

    प्योंग्यांग. उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस से अपील की है कि वह ‘गैंगस्टर अमेरिका’ से उनका कार्गो शिप छुड़ाने में मदद करें। उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, यूएन में मौजूद देश के राजदूत ने शुक्रवार को इससे जुड़ा एक पत्र गुटेरेस को सौंप दिया। इसमें कहा गया है कि यूएन सेक्रेटरी जनरल अमेरिका की दादागिरी का मुद्दा अपने मंच से उठाएं।

    पत्र में यह भी कहा गया है कि अमेरिका एक गैंगस्टर देश है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों की परवाह नहीं करता है। उसने कार्गो शिप जब्त कर उत्तर कोरिया की स्वायत्ता का उल्लंघन किया। साथ ही संयुक्त राष्ट्र के विशेषाधिकार को भी तोड़ा है।

    फिर बढ़ी अमेरिका-उत्तर कोरिया की तनातनी

    उत्तर कोरिया के मिसाइल दागने के बाद शुरू हुआ विवाद
    दरअसल, उत्तर कोरिया ने पिछले हफ्ते लंबी दूरी की मिसाइलों का युद्धाभ्यास किया। इस दौरान तानाशाह किम जोंग उन खुद मौजूद थे। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के मुताबिक, लंबी दूरी की मिसाइलें दागने से पहले उत्तर कोरिया ने कम दूरी की मिसाइलों का परीक्षण किया था।इसका मकसद उत्तर कोरियाई सेना को मजबूत बनाना और अपनी वेस्टर्न फ्रंट डिफेंस यूनिट को हमले को लिए तैयार करना था।

    प्रतिबंधों का हवाला देकर अमेरिका ने जब्त किया जहाज

    इसके बाद ही अमेरिका ने प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उत्तर कोरियाई कार्गो शिप को पकड़ लिया था। जहाज की पहचान 17 हजार टन वजनी वाइज ऑनेस्ट के तौर पर हुई थी। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, यह जहाज उत्तर कोरिया से अवैध रूप से कोयला दूसरे देशों में पहुंचाता है और वहां से अपने देश के लिए भारी मशीनरी लाता है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today U.S. Seizes Cargo Ship: North Korea demands demands immediate return of cargo ship seized by US
    सीआईए के पूर्व एजेंट को 20 साल की जेल, चीन के लिए जासूसी करने का आरोप

    सीआईए के पूर्व एजेंट को 20 साल की जेल, चीन के लिए जासूसी करने का आरोप


    वॉशिंगटन. अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए)के एक पूर्व एजेंट को शुक्रवार को 20 साल...

    वॉशिंगटन. अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए)के एक पूर्व एजेंट को शुक्रवार को 20 साल जेल की सजा सुनाई गई। अमेरिका केखुफिया अफसरोंनेकार्रवाई को ‘अलार्मिंग ट्रेंड’ बताया। 62 वर्षीयकेविन मेलोरी को जासूसी कानून के तहत सजा सुनाई गई। मेलोर पररक्षा सूचनाएं चीनके साथ साझा करने का आरोप था। दरअसल,केविन ने 2017 मेंशंघाई की यात्रा की थी। इस दौरान 25 हजार डॉलर (करीब साढ़े 17 लाख रुपए) के लिए उसने रक्षा से जुड़ी खास सूचनाएं चीनी अफसरों के साथ साझा की।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 5 मई 2017 को मेलोरी ने एक संदेश में चीनी एजेंट से कहा, ‘‘आपका उद्देश्य सूचना पाना है और मेरा पैसा कमाना।’’ अमेरिकी सेना का हिस्सा रह चुके केविन को स्टेट डिपार्टमेंट की सिक्योरिटी सर्विस में स्पेशल एजेंट बनाया गया था। बाद में वह सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी में ऑफिसर बना।

    हालांकि मेलोरी पहला अधिकारी नहीं है, जिसे जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले भूतपूर्व डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी अधिकारी रॉन हेन्सन को 15 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। उस पर भीचीन के साथ सूचनाएं साझा करने का आरोप था।

    अप्रैल में भूतपूर्व डिप्लोमेट सीएमक्लाइबोर्न को जांचकर्ताओं से झूठ बोलने का आरोपी माना गया था। उसने अमेरिकी दस्तावेज चीनी एजेंट को सौंपने के बदले में मिले पैसों को लेकर झूठ बोला था।1 मई को भूतपूर्व सीआईए अधिकारी जैरी चुन शिंग ली को भी चीन के लिए जासूसी करने का आरोपी माना गया था।

    ली (54) को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। उसे जनवरी 2018 में गिरफ्तार किया गया। उस पर 2010-12 के दौरान बीजिंग के साथ सूचनाएं साझा करने का आरोप था। वह सीआईए नेटवर्क को चीन के मुकाबले कमजोर करने के लिए काम कर रहा था।

    मेलोरी केस में असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल जॉन डीमर्स ने कहा, ‘‘यह केस हमारे लिए एक तरह से अलार्म है। भूतपूर्व अमेरिकी इंटेलिजेंस अधिकारियों को चीन के द्वारा इस तरह निशाना बनाया जा रहा है, ताकि वे अपने देश को धोखा दे सकें।’’



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today US intelligence community asked 20-year sentence to Ex-CIA agent
    अरबपति उम्मीदवार ने प्रचार में खर्च किए 289 करोड़ रु, 2 पार्टियों के कुल खर्च से ज्यादा

    अरबपति उम्मीदवार ने प्रचार में खर्च किए 289 करोड़ रु, 2 पार्टियों के कुल खर्च से ज्यादा


    मेलबर्न. ऑस्ट्रेलिया में आजआम चुनाव हैं। इस साल कई जाने-माने राजनीतिज्ञ प्रधानमंत्री पद की...

    मेलबर्न. ऑस्ट्रेलिया में आजआम चुनाव हैं। इस साल कई जाने-माने राजनीतिज्ञ प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पेश कर रहे हैं। हालांकि इन सबके बीच एक अलग नाम अरबपति क्लाइव पामर का है। खास बात यह है कि राजनीति में रुचि रखने वाले पामर दूसरी बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। इसमें उन्होंने खुद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरह पेश किया है। वह अपने प्रचार का ज्यादातर खर्च अपनी जेब से ही उठा रहे हैं। साथ ही उनके अभियान का तरीका भी काफी हद तक ट्रम्प के जैसा ही है।

    पामर और ट्रम्प के बीच खर्च को लेकर सबसे बड़ी समानता यह है कि दोनों ही चुनाव में प्रचार के लिए खुद का पैसा लगा रहे हैं। जहां ट्रम्प ने अमेरिकी चुनाव में अपनी कमाई से 6 करोड़ डॉलर (422 करोड़ रुपए) प्रचार पर खर्च किए थे, वहीं पामर भी टीवी ऐड, पोस्टरों, मोबाइल पब्लिसिटी और पोस्टर-होर्डिंगके जरिए अभियान पर 6.6 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 289 करोड़ रुपए) लगा रहे हैं। यह ऑस्ट्रेलिया की दो बड़ी पार्टियों के कुल खर्च से भी ज्यादा है।

    ट्रम्प की तरह ही चीन के भी खिलाफ पामर

    इसके अलावा पामर चीन के भी बड़े विरोधी के तौर पर उभरे हैं। पामर मानते हैं कि चीन देश के कारोबार को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। इसी के चलते वह सरकार से जुड़ी एक चीनी कंपनी के खिलाफ भी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। ट्रम्प ने भी 2016 में आरोप लगाया था कि चीन व्यापार में अमेरिका को चूना लगा रहा है और वह सरकार में आने के बाद इसे बदलेंगे।

    पहले भी राजनीति में हाथ आजमा चुके हैं पामर
    पामर ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में नया चेहरा नहीं हैं। 2013 में उन्होंने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुनाव लड़ा था और 53 सीट के छोटे अंतर से जीत हासिल की थी। इसी साल उनकी पार्टी के 3 अन्य उम्मीदवारों ने सीनेट में जगह बनाई थी। लेकिन पामर राजनीति में महज 3 साल ही टिके। इस दौरान उन पर कई बार संसद में कम उपस्थिति का आरोप लगा।

    टाइटैनिक जहाज की नकल भी तैयार करा रहे पामर
    फोर्ब्स मैगजीन के हिसाब से पामर की कुल संपत्ति 2.6 अरब डॉलर (करीब 1253 करोड़ रुपए) है। वह लोकप्रिय टाइटैनिक जहाज की एक रेप्लिका (नकल) भी बना रहे हैं। पामर इस जहाज को उसी रूट पर उतारना चाहते हैं, जहां टाइटैनिक दुर्घटना का शिकार हुआ था। आम चुनाव में उनकी यूनाइटेड ऑस्ट्रेलियापार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 151 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं। पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए इस बार भी जानकार उनके बारे में कोई आशंका जताने से बच रहे हैं।

    23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ऑस्ट्रेलिया के क्लाइव पामर (दाएं) चुनाव अभियान में डोनाल्ड ट्रम्प के तरीके अपना रहे हैं। Australia's Trump 'Clive Palmer ': Billionaire candidate spends Rs 289 crore on campaigning, more than total expenditure
    70 वर्षीय जापानी व्यक्ति को जासूसी के आरोप में सजा, मार्च 2017 में हुई थी गिरफ्तारी

    70 वर्षीय जापानी व्यक्ति को जासूसी के आरोप में सजा, मार्च 2017 में हुई थी गिरफ्तारी


    बीजिंग. चीन की अदालत ने एक 70 वर्षीय जापानी व्यक्ति को जासूसी के आरोप में साढ़े पांच साल की सजा...

    बीजिंग. चीन की अदालत ने एक 70 वर्षीय जापानी व्यक्ति को जासूसी के आरोप में साढ़े पांच साल की सजा सुनाई। शुक्रवार को यह जानकारीजापान के विदेश मंत्रालय ने साझा की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिकजापानी व्यक्ति को चीन के शेंडोंग से मार्च 2017 में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी पर 4300 डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसारआरोपी एक चीनी कंपनी के लिए उस क्षेत्र विशेष में सर्वे कर रहा था।

    सरकार की अनुमति के बिना सर्वे कर रहा था आरोपी- रिपोर्ट

    आरोपी पर जांच एजेंसी ने कौन से आरोप लगाए हैं, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।हालांकि चीन की स्टेट मीडिया ने 2017 में ही बताया था कि एक जापानी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। वहसरकार की अनुमति के बिना सर्वे कर रहा था। उसकी पहचान नहीं हो पाई है।

    जासूसी विरोधी कानून के अंतर्गत 9 लोग गिरफ्तार हुए

    2014 में चीन एक जासूसी विरोधी कानून लाया था। इसके बाद 9 जापानी व्यक्तियों को इस आरोप में गिरफ्तार किया गया। इनमें से 6 को सजा सुनाई गई।5 लोगों को सर्वे करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 4 को छोड़ दिया गया जबकि एक की पहचान की गई।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक फोटो।
    कैनेडी एयरपोर्ट के बंद टर्मिनल पर होटल बनाया गया, स्वीमिंग पूल के बगल में खड़े होंगे विमान

    कैनेडी एयरपोर्ट के बंद टर्मिनल पर होटल बनाया गया, स्वीमिंग पूल के बगल में खड़े होंगे विमान


    वॉशिंगटन. अमेरिका के जॉन एफ कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एक टर्मिनल पर एक होटल टीडब्ल्यूए...

    वॉशिंगटन. अमेरिका के जॉन एफ कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एक टर्मिनल पर एक होटल टीडब्ल्यूए बनाया गया है। यह 15 मई से शुरू हो चुका है। शुरू होने के पहले ही होटल के सारे रूम बुक हो गए थे। जिस टर्मिनल में यह होटल बनाया गया है, वहां 1962 में टीडब्ल्यूए फ्लाइट सेंटर था।

    होटल को मशहूर आर्किटेक्ट ईरो सारिनेन ने डिजाइन किया है। इसमें आधुनिक और प्राचीन शैली को ध्यान में रखा गया है। होटल में 512 कमरे, एक शानदार स्वीमिंग पूल और छत पर लाउंज है। यहां डेट्रॉइट का घड़ियों का शोरूम शिनोला,50 हजार वर्गफुट का मीटिंग एरिया और शेफ ज्यां-जॉर्ज वोंगरिखटन का200 सीट वाला ओपन एयर रेस्त्रां भी है। होटल कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है कि स्वीमिंग पूल के बगल में खड़े विमानों का नजारा ले सकेंगे। इसे बनाने में 2100 करोड़ रुपए खर्च हुए।

    ताकि यात्रियों को होटल के लिए दूर न जाना पड़े
    इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के मुताबिक- 2037 तक हवाई यात्रियों की संख्या करीब 8.2 अरब हो जाएगी। ऐसे में एयरपोर्ट्स पैसेंजर्स को टर्मिनल पर बने अपने होटल में ठहराने की सुविधा देना चाहते हैं ताकि इससे राजस्व आ सके। इसके पीछे मकसद भी साफ है कि सफर से थके यात्री को एयरपोर्ट पर ही बेहतर सुविधा वाला होटल मुहैया कराना ताकि उसका यात्रा का तनाव कम किया जा सके। अगर यात्री को जल्द वापस लौटना हो तो दूर स्थित होटल से एयरपोर्ट आने में वक्त वक्त न बर्बाद हो।

    ट्रैवल इंडस्ट्री के विश्लेषक हेनरी हार्तेवेल्त का कहना है कि अब एयरपोर्ट्स को लगता है कि उनका कस्टमर किसी होटल में जाता है तो उनको मिलने वाला पैसा शून्य हो जाता है। आने वाले वक्त में आप एयरपोर्ट्स पर ज्यादा से ज्यादा होटल देखेंगे।

    सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट पर सितंबर में शुरू होगा होटल
    सैन फ्रांसिस्को इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सितंबर में ग्रेंड हयात होटल शुरू हो जाएगा। यह पुराने हिल्टन का स्थान लेगा। हिल्टन को 1998 में गिरा दिया गया था। 351 रूम वाले हयात में जिम, योग स्टूडियो, स्पा और बार होंगे।

    23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today New TWA Hotel at John F. Kennedy International Airport in US New TWA Hotel at John F. Kennedy International Airport in US New TWA Hotel at John F. Kennedy International Airport in US
    द्वीप पर मौज करने गए लोग कूड़ा फैलाकर आए; वहां से 10 लाख जूते और 3.7 लाख टूथब्रथ मिले

    द्वीप पर मौज करने गए लोग कूड़ा फैलाकर आए; वहां से 10 लाख जूते और 3.7 लाख टूथब्रथ मिले


    सिडनी.एक नई रिसर्च के मुताबिक, हिंद महासागर में स्थित कोकोस (कीलिंग) द्वीप समूह के बीचों पर 10...

    सिडनी.एक नई रिसर्च के मुताबिक, हिंद महासागर में स्थित कोकोस (कीलिंग) द्वीप समूह के बीचों पर 10 लाख जूते और 3 लाख 70 हजार टूथब्रश मिले। कुल मिलाकर यहां से 41 करोड़ 40 लाख प्लास्टिक पीस मिले। यह द्वीप समूह पर घूमने गए लोगों द्वारा गंदगी फैलाए जाने की कहानी बयां करता है।

    यह शोध गुरुवार को साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित हुआ। इसके मुताबिक- ऑस्ट्रेलिया के अधिकार में आने वाले इस द्वीप समूह से 238 टन प्लास्टिक इकट्ठा किया गया। जबकि द्वीप समूह पर महज 500 लोग ही रहते हैं।

    द्वीप समूह में कुल 27 आईलैंड
    कोकोस द्वीप समूह में 27 द्वीप है, जिनमें से ज्यादातर पर लोग नहीं रहते। द्वीप समूह पर्थ (पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया) से 2750 किमी दूर स्थित है। पर्यटकों के बीच इसे ऑस्ट्रेलिया के स्वर्ग के तौर पर प्रचारित किया जाता है।

    कोकोस के कचरे पर तस्मानिया यूनिवर्सिटी ने शोध किया है।

    प्रमुख शोधकर्ता जेनिफर लावर्स के मुताबिक, द्वीपों से मिला ज्यादातर कूड़ा एक बार इस्तेमाल किया जाने वाला आइटम मसलन बॉटल के ढक्कन, स्ट्रॉ (नली), जूते-सैंडल्स मिले। जेनिफर कहती हैं, ‘‘हमारे समुद्रों में प्लास्टिक प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। निर्जन द्वीप पर कचरा फैलाने की सबसे बढ़िया जगह हैं। यही कूड़ा समुद्र में जाकर पूरी दुनिया में घूमता रहता है।’’

    दो साल पहले भी हुआ था एक शोध
    जेनिफर और उनकी टीम ने 2017 में बताया था कि प्रशांत महासागर में स्थित हैंडरसन द्वीप में दुनिया का सबसे ज्यादा प्लास्टिक मलबा था। कोकोस में हैंडरसन की तुलना में कचरे का घनत्व कम निकला। लेकिन हैंडरसन पर प्लास्टिक के महज 3 करोड़ 80 लाख पीस मिले, जिनका वजन 17 टन था। यह कोकोस पर मिले कचरे से काफी कम है।

    जेनिफर की सहयोगी विक्टोरिया यूनिवर्सिटी की एनेट फिंगर का कहना है- एक आकलन के मुताबिक 2010 तक समुद्रों में एक करोड़ 27 लाख टन प्लास्टिक पहुंच चुका है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Study Says 414 million pieces of plastic found on remote Australian islands Study Says 414 million pieces of plastic found on remote Australian islands Study Says 414 million pieces of plastic found on remote Australian islands
    आज आम चुनाव: 95 साल पहले बना अनिवार्य मतदान का नियम, कभी 91% से कम वोट नहीं पड़े

    आज आम चुनाव: 95 साल पहले बना अनिवार्य मतदान का नियम, कभी 91% से कम वोट नहीं पड़े


    मेलबर्न. ऑस्ट्रेलिया में शनिवार को आम चुनाव होने हैं। जहां दुनियाभर के लोकतंत्रों में...

    मेलबर्न. ऑस्ट्रेलिया में शनिवार को आम चुनाव होने हैं। जहां दुनियाभर के लोकतंत्रों में वोटिंग प्रक्रिया जनता की भागीदारी पर निर्भर है, वहीं ऑस्ट्रेलिया समेत कुल 23 देशों में अनिवार्य वोटिंग का प्रावधान है। यानी इन देशों में नागरिकों के लिए वोटिंग करना जरूरी है वरना उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

    ऑस्ट्रेलिया में 1924 में पहली बार अनिवार्य मतदान के नियम बनाए गए थे। इसके बाद कभी देश का वोटर टर्नआउट 91% से नीचे नहीं गया है। अध्ययनके मुताबिक, इन प्रावधान के बाद लोगों ने भी बढ़-चढ़ कर देश की राजनीति में हिस्सा लेना शुरू किया है।

    वोट नहीं दिया तो कोर्ट के चक्कर काटने पड़ सकते हैं
    ऑस्ट्रेलिया में वोटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन औरवोटिंग करना दोनों ही कानूनी कर्तव्यों में शमिल है। इसका मतलब 18 साल से ऊपर के किसी भी व्यक्ति के लिए वोट करना जरूरी है। वोटिंग न करने पर सरकार मतदाता से जवाब मांग सकती है। संतोषजनक जवाब या कारण न मिलने पर उस पर 20 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 1000 रुपए) का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा उसे कोर्ट के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं।

    अनिवार्य वोटिंग को आजादी के खिलाफ मानते हैं विरोधी
    अनिवार्य वोटिंग के विरोधियों का कहना है कि यह लोकतंत्र के मूलभूत आधार- आजादी के खिलाफ है, यानी इसमें नागरिक की मर्जी नहीं चलती। हालांकि, इस सिस्टम के समर्थक कहते हैं कि नागरिकों को देश के राजनीतिक हालात से जरूर परिचित होना चाहिए। इसके अलावा सरकार चुनने में जनता की भागीदारी भी काफी अहम है।

    खास बात यह है कि नागरिक भी अनिवार्य वोटिंग को गंभीरता से लेते हैं। इसी के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (55%) और यूके (70%) के मुकाबले वहां वोटिंग प्रतिशत काफी बेहतर रहता है। 1994 में तो देश का वोटर टर्नआउट 96.22% तक जा चुका है। 95 सालों के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया में वोटर टर्नआउट कभी 91% के नीचे नहीं गया।

    वोटर्स के लिए व्यवस्थाओं में भी सबसे आगे है ऑस्ट्रेलिया
    ऑस्ट्रेलिया में अनिवार्य वोटिंग के मायनों को देखते हुए अलग-अलग सरकारों ने भी समय-समय पर मतदाताओं के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी की है। मसलन जिनके पास घर नहीं है वह मतदाता यात्री वोटर के तौर पर खुद को रजिस्टर करा सकता है। इसके अलावा दिव्यांग, दिमागी बीमारी से पीड़ित या अन्य दिक्कतों से जूझ रहे लोगों के लिए भी अलग-अलग इंतजाम किए जाते हैं। अपने मतदान केंद्र से दूर या किसी बीमारी की वजह से अस्पताल में भर्ती वोटर्स पोस्टल बैलट और अर्ली वोटिंग (समय पूर्व मतदान) जैसी सुविधाओं के जरिए भी वोट डाल सकते हैं।

    23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Australia election 2019: facts about voting process news and updates
    2 भारतीय पर्वतारोहियों की मौत, एक जवान भी शामिल

    2 भारतीय पर्वतारोहियों की मौत, एक जवान भी शामिल


    काठमांडू. नेपाल में पर्वतश्रेणियोंकी चढ़ाई कर रहेजवान समेत चार भारतीयों की पिछले दो दिनों...

    काठमांडू. नेपाल में पर्वतश्रेणियोंकी चढ़ाई कर रहेजवान समेत चार भारतीयों की पिछले दो दिनों में मौत हो गई है। भारतीय जवान नारायण सिंह की माउंट मकालू पर चढ़ाई करने के दौरानमौत हो गई। यह दुनिया कीसबसे खतरनाक पर्वत श्रेणियों में से एक है।

    नई दिल्ली में सेना के प्रवक्ता ने कहा कि माउंट मकालू (8485 मी) के लिए सेना के 18 सदस्यों ने16 मई को सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी। उतरते समय टीम के सदस्य नायक नारायण सिंह की मौत हो गई। वे उत्तराखंड में पितौड़गढ़ के रहने वाले थे। वे 2002 में सेना में भर्ती हुए थे।

    गुरुवार को 2 पर्वतारोहियों की मौत हुई

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार सुबह रवि ठाकर की मौत हो गई। वे गुरुवार सुबह माउंट एवरेस्ट शिखर पर पहुंचे थे। इसके पहले बिप्लब बैद्य (48) और कुंतल कंवर (46) की मौत हो गई थी। पर्वतारोहण से जुड़ी कंपनी के पसांग शेरपा ने बताया कि बैद्य बुधवार को कंचनजंगा पर्वतश्रेणी की 28,169 फीट की चढ़ाई करने के बाद लौट रहे थे, जबकि कंवर शीर्ष पर पहुंचने वाले थे। इसी दौरान ऊंचाई पर आने वाली परेशानियों के चलते दोनों की जान चली गई।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक फोटो।
    भारतीय रेस्तरां में साफ-सफाई नहीं मिली, प्रशासन ने 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया

    भारतीय रेस्तरां में साफ-सफाई नहीं मिली, प्रशासन ने 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया


    पर्थ.ऑस्ट्रेलिया में भारतीय रेस्तरां पर साफ-सफाई नहीं रखने के आरोप में 12 लाख रुपए (25...

    पर्थ.ऑस्ट्रेलिया में भारतीय रेस्तरां पर साफ-सफाई नहीं रखने के आरोप में 12 लाख रुपए (25 ऑस्ट्रेलियन डॉलर) का जुर्माना लगाया गया है। यहरेस्तरां पर्थ के साउथ स्ट्रीट में स्थित है। कार्रवाई ऑस्ट्रेलियाई खाद्य नियमों के तहत की गई है। आरोप है कि भारतीय रेस्तरां में हाथ धोने की उचित व्यवस्था नहीं थी।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जुर्माना द करी क्लब इंडियन रेस्तरां के खिलाफ की गई है। इसके मालिक निलिश दोखे हैं। हेल्थ इंस्पेक्टर ने निरीक्षण के वक्त पाया कि इसने साफ-सफाई के नियमों का पालन नहीं किया था।


    कैम्पस में कीचड़ थी, सिंक के नीचे के पाइप गंदे थे

    दिसंबर 2018 में हेल्थ इंस्पेक्टर ने रेस्तरां की जांच की थी। तबसीवरेज के पानी से निपटने की कोई व्यवस्था नहीं थी। कई जगह फफूंद लगी थी।रेस्त्रा में साबुन और गर्म पानी मुहैया नहीं कराया जा रहा था। जांच के दौरान नाली में एक चम्मच पाई गई। परिसर में कई जगह कीचड़ था। सिंक के नीचे स्थित गंदेपाइप सेगंदा पानी सीधे किचन में जा रहा था। चॉपिंग बोर्ड पर गंदगी थी, जिनका उपयोग अब भी हो रहा था। रेस्त्रां के मालिक निलिस दोखे ने कहा, ‘‘जब हेल्थ इंस्पेक्टर जांच के लिए आया, तब मैं वहां नहीं था। वरना किचन हमेशा साफ रहता है। जांच के अगले दिन से ही सभी नियमों का पालन किया गया है। यदि ऐसा नहीं होतातो हेल्थ ऑफिसर हमें फिर नोटिस भेज देते। जहां तक बात टाइल्स के टूटने की है, तो वह कुछ दिन पहले ही टूटी है।’’



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Australia: Indian restaurant fined 25,000 dollars for food regulation breaches
    प्रेगनेंट टीनेजर की हत्या, हत्यारे गर्भ से बच्चा भी निकालकर ले गए

    प्रेगनेंट टीनेजर की हत्या, हत्यारे गर्भ से बच्चा भी निकालकर ले गए


    शिकागो. पुलिस ने गुरुवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उन पर एक प्रेगनेंट टीनेजर की हत्या का...

    शिकागो. पुलिस ने गुरुवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उन पर एक प्रेगनेंट टीनेजर की हत्या का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गर्भवती की हत्या करने के बाद अजन्मे बच्चे को भी गर्भ से निकालकर ले गए। पुलिस ने क्लेरिसा फिग्यूरोआ (46) और उनकी बेटी डेजरी (24) पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। फिग्यूरोआ के बॉयफ्रेंड पायोट बोबक (40) को भी गिरफ्तार किया गया। उस पर हत्या में मदद करने का आरोप है।

    शिकागो पुलिस प्रमुख एडी जॉनसन ने कहा, ‘‘यह अपराध घिनौना और परेशान करने वाला है। मैं यह कल्पना भी नहीं कर सकता हूं कि इस समय पीड़ित परिवार पर क्या बीत रही होगी। उन्हें नवजात के जन्म को सेलिब्रेट करना चाहिए था। मगर बजाए इसके वह लोग बच्चे और उसकी मां के मौत का मातम मना रहे हैं।’’

    आरोपी के घर पुलिस ने छानबीनकी

    पुलिस ने मंगलवार रात फिग्यूरोआ के घर पर छानबीन की थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों को आशंका थी किलोपेज की लाश कचरे में छिपी हो सकती है।डिप्टी चीफ ब्रांडेन डी. के मुताबिक लोपेज और क्लेरिसा पहले से ही एक-दूसरे को जानते थे। दोनों कुछ बेबी आइटम्स को देखने के इरादे से घर पर मिले भी थे।

    पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि गायब होने से पहले लोपेज खुद फिग्यूरोआ के घर पहुंची थीं। बाद में फिग्यूरोआ ने उसकी बेटी डेरी और बॉयफ्रेंड पायोट के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। इतना ही नहीं बल्कि गर्भवती लोपेज की लाश से केबल की सहायता से अजन्मे बच्चे को भी निकाल लिया।

    जांच के बाद मामला एकाएक बदल गया- पुलिस

    पुलिस ने कहा कि फिग्यूरोआ ने हमें बताया था कि उसनेचार घंटे पहले लोपेज को रोड पर देखा था। इसके बाद उसनेइमरजेंसी सर्विस पर फोन किया। उसका दावा था कि लोपेज ने एक बच्चे को जन्म दिया है जो सांस नहीं ले रहा है। बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया।

    पुलिस ने कहा कि गुमशुदा मामला एकाएक बदल गया,जब हमें फेसबुक पर हुई बातचीत के बारे में पता लगा। इसके बाद 7 मई को फिग्यूरोआ से पूछताछ की। सर्च वारंट के आधार पर उसके घर में छानबीन की। डीएनए सबूत के आधार पर यह तय हुआ कि बच्चा लोपेज से संबंधित ही था।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today police says, Pregnant US teen killed, baby taken from womb
    एचआईवी के 400 पीड़ित सामने आए, डॉक्टर की संक्रमित सुई से वायरस फैलने का शक

    एचआईवी के 400 पीड़ित सामने आए, डॉक्टर की संक्रमित सुई से वायरस फैलने का शक


    इस्लामाबाद. पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पिछले एक सप्ताह मेंकरीब 400 से ज्यादा लोग एचआईवी...

    इस्लामाबाद. पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पिछले एक सप्ताह मेंकरीब 400 से ज्यादा लोग एचआईवी पीड़ित पाए गए। इनमें बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। आरोप है कि यहां के लरकाना में एक डॉक्टर ने कई लोगों को संक्रमित सुई लगाई, जिससेएड्स फैलगया। आरोपी डॉक्टर के प्रति लोगों में गुस्सा है।

    स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि 400 से ज्यादा लोग एचआईवी पीड़ित हो गए हैं। यह संख्या और बढ़ने कीआशंका है। लरकाना गांव के लोग डरे हुए हैं। उनमेंकाफी गुस्साहै। ये घटना स्थानीय बाल रोग चिकित्सककी लापरवाही के कारण हुई।

    डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों के इलाज के लिए कर्मियों और उपकरणों की भारी कमी है। परिजनों में अपने बच्चों को लेकर ज्यादा डर है। वे अपने बच्चों का एचआईवी टेस्ट करवा रहे हैं। चौंकाने वाली बात है कि एक साल तक के कई बच्चे भी एचआईवी पीड़ितपाए गए।

    एचआईवी/एड्स पर संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम (यूएनएआईडीएस) की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में करीब छह लाखफर्जी डॉक्टर लोगों का इलाज कर रहे हैं। सिर्फ सिंध प्रांत में ही ऐसे 2.70 लाख फर्जी डॉक्टर हैं।

    गरीबी और अशिक्षा से जूझ रहे पाकिस्तान में एचआईवी को लेकर जागरूकता की कमी है। लरकाना के इमाम जादी कापोताभी एचआईवी संक्रमित होगया है। यह पता चलने के बादउन्होंने अपने घर के सभी बच्चों की जांच कराई है।

    संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, एचआईवी के मामले में पाकिस्तान एशिया का दूसरा देश है। यहां एचआईवी के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। 2017 में अकेले पाकिस्तान में ही 20 हजार ऐसे मामले सामने आए थे। पाकिस्तान में गरीबी बहुत ज्यादा है। ऐसे में लोग एचआईवी का इलाज कराने में भी सक्षम नहीं हैं।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक तस्वीर।
    भारतीय इंजीनियर को एच-1बी वीजा जारी नहीं करने पर आईटी फर्म ने सरकार पर केस किया

    भारतीय इंजीनियर को एच-1बी वीजा जारी नहीं करने पर आईटी फर्म ने सरकार पर केस किया


    वॉशिंगटन. भारतीय इंजीनियर को एच-1बी वीजा जारी नहीं करने पर सिलिकॉन वैली की आईटी फर्म एक्सटेरा...

    वॉशिंगटन. भारतीय इंजीनियर को एच-1बी वीजा जारी नहीं करने पर सिलिकॉन वैली की आईटी फर्म एक्सटेरा सॉल्यूशन ने अमेरिकी सरकार पर केस किया है। भारतीय इंजीनियर प्रकाश चंद्र साई को बिजनेस सिस्टम एनालिस्ट के तौर पर कंपनी में रखा गया था। हालांकि, यूएस सिटिजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) ने उन्हें एच-1बी वीजा जारी नहीं किया। कंपनीका कहना है कि सरकारका फैसला गलत है।

    यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट नार्दर्नकैलिफोर्निया मेंअपील
    एक्सटेरा सॉल्यूशन ने अपनी याचिका में कहा है कि भारतीय इंजीनियर को इस आधार पर वीजा देने से इनकार किया गया कि जो जॉब उन्हें दी जा रही है, वह एच-1बी वीजा जारी करने के लिए उपयुक्त नहीं है। कंपनी का कहना है कि यूएससीआईएस ने अपने फैसले को लेकर कोई ठोस तर्क नहीं दिए हैं। कंपनी ने यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट नार्दर्न कैलिफोर्निया से यूएससीआईएस के फैसले को खारिज करने की अपील की है।

    प्रकाश चंद्र एच-4 वीजा धारक
    प्रकाश चंद्र साई इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी-टेक ग्रेजुएट हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट डलास से इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की है। उनके पास फिलहाल एच-4 वीजा है। एच-1बी वीजा जारी करने के लिए एच-4 वीजा धारक को वरीयता दी जाती है। 2014 से 16 तक उनके पास एफ-1 अप्रवासी स्टेटस रहा था। पढ़ाई करने के लिए अमेरिका आने वाले युवाओं को इसी श्रेणी में रखा जाता है।

    एच-1बी वीजा पॉलिसी में बदलाव का प्रस्ताव
    ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने एच-1बी वीजा पॉलिसी में बदलाव का प्रस्ताव भेजा है। इसके तहत अमेरिकी कंपनियों में वही विदेशी कर्मचारी काम कर पाएंगे जो सर्वश्रेष्ठ होंगे। हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका में नौकरी करने सिर्फ वे ही आ सकते हैं, जो योग्य हों और देश की मदद कर सकते हों। अमेरिका के 50 राज्यों में 100 भारतीय कंपनियां हैं। इनमें करीब 1 लाख 13 हजार लोग काम कर रहे हैं।

    भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा असर
    ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के प्रस्ताव का सबसे ज्यादा असर अमेरिका में भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ेगा। येकंपनियां एच-1बी वीजा के तहत कर्मचारियों को अमेरिका बुलाती हैं। बुधवार को अमेरिका के गृह विभाग और यूएस सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विस (यूएससीआईएस) ने जनवरी 2019 के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इसके मुताबिक, एच-1बी वीजा उन्हीं विदेशी कर्मचारियों को दिया जाएगा जो अपने काम में अव्वल रहे हैं।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक फोटो
    ट्रम्प ने ग्रीन कार्ड की जगह 'बिल्ड अमेरिका' वीजा का प्रस्ताव रखा

    ट्रम्प ने ग्रीन कार्ड की जगह 'बिल्ड अमेरिका' वीजा का प्रस्ताव रखा


    वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संसद में ग्रीन कार्ड की जगह नई आव्रजन योजना...

    वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संसद में ग्रीन कार्ड की जगह नई आव्रजन योजना 'बिल्ड अमेरिका' वीजा का प्रस्ताव रखा है। ये नई आव्रजन योजना योग्यता और मैरिट पर आधारित होगी। इससे ग्रीन कार्ड या स्थायी वैध निवास की अनुमति का इंतजार कर रहे भारतीयों समेत अन्य विदेशी पेशेवरों और कुशल श्रमिकों को लाभ होगा।फिलहाल, डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन में विवाद के चलते संसद में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलना कठिन लग रहा है।

    अमेरिका हर साल करीब 11 लाख विदेशियों को ग्रीन कार्ड देता है। इसके तहत इन लोगों को अमेरिका में स्थायी रूप से काम करने और रहने की अनुमति होती है। वर्तमान में 66% ग्रीन कार्ड परिवार से संबंध के आधार पर दिया जाता रहा है। सिर्फ 12% लोगों को ही योग्यता के आधार पर यह कार्ड देने की अनुमति थी। इस प्रस्ताव में वीजा कोटा 12% से बढ़ाकर 57% करने की बात कही गई।

    अमेरिका विदेशियों का स्वागत करने वाला देश

    ट्रम्प ने गुरुवार को कहा कि वे इस नए प्रस्ताव के तहत बड़ा बदलाव चाहते हैं। इससे योग्यता को भी वरियता मिलेगी। व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका हमेशा से ही विदेशियों का स्वागत करने वाला देश रहा है और भविष्य में भी करता रहेगा।

    नागरिक शास्त्र की परीक्षापास करनाजरूरी

    'बिल्ड अमेरिका' वीजा के तहत ग्रीन कार्ड के लिए विदेशियों को इंग्लिश भाषा सीखनी होगी। साथ ही नागरिक शास्त्र की परीक्षा भी पास करनी होगी। यह प्रस्ताव अभी संसद में है और इसको कांग्रेस की मंजूरी मिलना मुश्किल लग रहा है। संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत है, जबकि सिनेट में रिपब्लिकन का नियंत्रण है। दोनों पार्टियों के नेता इस प्रस्ताव को लेकर आपस में बंटे हुए हैं।

    ट्रम्प ने कहा- योग्यता को मौका देना चाहते हैं
    यह नई योजना ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर की है। यह योजना मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा को मजबूत करना है। ट्रम्प ने कहा कि हम उन लोगों को मौका देना चाहते हैं, जो नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी समझते हों। इस नई नीति का उद्देश्य योग्यता, उच्च डिग्री धारक और पेशेवेर योग्यता रखने वालों के लिए स्थायी सदस्यता जैसे नियम सरल करना है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today डोनाल्ड ट्रम्प। -फाइल फोटो
    रूसी हैकरों ने चुराया मतदाताओं का डेटा, जांच एजेंसियों ने अपने ही नागरिकों से बात छिपाई

    रूसी हैकरों ने चुराया मतदाताओं का डेटा, जांच एजेंसियों ने अपने ही नागरिकों से बात छिपाई


    वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हैकरों के दखल की चर्चा के बीच एक बड़ा खुलासा...

    वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हैकरों के दखल की चर्चा के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ। दावा किया गया है कि 2016 में फ्लोरिडा राज्य की दो काउंटी के मतदाताओं का डाटा रूसी हैकरों ने चुरा लिया था। इस बारे में फ्लोरिडा के गवर्नर से लेकर कांग्रेस (संसद) के डेलिगेशन तक सबको पता था, लेकिन जांच एजेंसी एफबीआई ने प्रभावित मतदाताओं को इसकी जानकारी नहीं दी।

    अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने दो अधिकारियों के हवाले से बताया है कि रूसी मिलिट्री की जासूसी एजेंसी जीआरयू ने जिन दो काउंटी के मतदाताओं का डेटा हैक किया था, उसमें वॉशिंगटन काउंटी के 25 हजार नागरिकों की जानकारी शामिल थी। अमेरिकी सांसदों ने उन्हें यह बताने की कोशिश भी की, लेकिन एफबीआई ने खतरे का पता चलने के बाद भी इस जानकारी को गुप्त ही रखा गया।

    मूलर रिपोर्ट के बाद गरमाया मुद्दा

    दो काउंटी में मतदाताओं के डेटा की हैकिंग की बात हाल ही में पेश हुई मूलर रिपोर्ट में भी की गई थी। इसके बाद ही फ्लोरिडा असेंबली में एफबीआई की चूक को लेकर बहस शुरू हुई है।

    एफबीआई की चूक की वजह से पेंटागन ने भी नहीं बरती सतर्कता
    अमेरिकी सांसद मैट गेट्ज के मुताबिक, एफबीआई और गृह विभाग नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे। उन्होंने यह भी बताया कि एफबीआई ने रूसी साइबर हमलों की जानकारी मिलने के बावजूद इसकी जानकारी सुरक्षा विभाग पेंटागन को नहीं दी। इसके चलते पेंटागन ने साइबर डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट नहीं किया था।

    एफबीआई का दावा- मतदाताओं के डाटा से नहीं हुई छेड़छाड़
    आमतौर पर अमेरिका में वोटर रजिस्ट्रेशन सिस्टम मतदाता लिस्ट से अलग होते हैं। हालांकि, हैकर सिर्फ रजिस्ट्रेशन सिस्टम में घुसकर भी किसी वोटर को जोड़ या हटा सकते थे। इसके बावजूद एफबीआई का दावा है कि जीआरयू की तरफ से किसी डेटा से छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Russian hackers hacked voting databases, but agencies have not given information to Voters
    फसल काटने वाली मशीन में फंस गया था पैर, किसान ने चाकू से खुद ही काट डाला

    फसल काटने वाली मशीन में फंस गया था पैर, किसान ने चाकू से खुद ही काट डाला


    नेब्रास्का.अमेरिका के नेब्रास्का में 63 साल के किसान कुर्ट केजर का पैर फसल काटने वाली मशीन...

    नेब्रास्का.अमेरिका के नेब्रास्का में 63 साल के किसान कुर्ट केजर का पैर फसल काटने वाली मशीन में फंस गया था। इस दौरान जान बचाने के लिए उसने खुद ही चाकू से अपना पैर काट डाला।

    केजर ने बताया कि वह अपने खेत से मक्के को एक से दूसरी जगह ले जा रहे थे। तभी वह ट्रक से बाहर निकले और मक्के को पौधे से अलग करने वाली मशीन में उनका पैर फंस गया। मशीन उनका पैर खींचती जा रही थी। उन्होंने पहले सोचा कि पैर जाने देते हैं, लेकिन फिर उन्हें एकदम से झटका लगा, क्योंकि मशीन उनका पैर खींचने के बाद उन्हें भी खींच रही थी। जान बचाना मुश्किल लग रहा था। इसके बाद उन्होंने जेब से चाकू निकाला और घुटने के नीचे का हिस्सा काट डाला।

    रेंगते-रेंगते अपने घर पहुंचे : पैर काटने के बाद वो रेंगते-रेंगते अपने घर पहुंचे। उनका बेटा एडम घर पर था। वह उन्हें अस्पताल लेकर गया। जहां उन्हें भर्ती कराया गया। घटना को लेकर केजर बताते हैं- जब भी कोई मुझसे पूछता है कि आखिर मैं इन हालातों में भी इतना शांत कैसे हूं। तब मैं सोचता हूं कि दुनिया में कई लोग ऐसे भी हैं जो बिलकुल नहीं चल पाते, फिर मैं तो थोड़े दिनों में ठीक हो जाऊंगा।

    23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today किसान कुर्ट केजर अमेरिका के नेब्रास्का में रहते हैं। Trapped farmer cuts off leg with pen knife to save his own life in US
    समलैंगिक विवाह के समर्थन में लोग, मिनी स्कर्ट पहनकर स्कूल-कॉलेज और दफ्तर पहुंच रहे

    समलैंगिक विवाह के समर्थन में लोग, मिनी स्कर्ट पहनकर स्कूल-कॉलेज और दफ्तर पहुंच रहे


    ताइपे. ताइवान में इन दिनों पुरुष स्कर्ट पहनकर स्कूल, कॉलेज और दफ्तर पहुंच रहे हैं। स्थानीय...

    ताइपे. ताइवान में इन दिनों पुरुष स्कर्ट पहनकर स्कूल, कॉलेज और दफ्तर पहुंच रहे हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, वे ऐसा करके लैंगिक असमानता को तोड़ने और वैवाहिक समानता (सेम सेक्स मैरिज) के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं। इसी के तहत सोशल मीडिया पर स्कर्ट पहने पुरुषों की फोटो भी शेयर किए जा रहे हैं।

    कुछ लोग 'पुट ऑन योर मिनी स्कर्ट' यह कहकर पुरुषों को स्कर्ट पहनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। हालांकि, ताइवान की संसद इस बात पर बटी हुई है कि समलैंगिक शादी को मंजूरी दी जाए या नहीं। इसी मसले पर 24 मई को वोटिंग होनी है।

    महिलाएं और छात्राओं काभी समर्थन :यदि उस दिन ताइवान की संसद में सेम सेक्स मैरिज बिल पास हो जाता है तो वह एशिया का पहला देश बन जाएगा, जहां पर सेम सेक्स मैरिज को मंजूरी दी जाएगी। सेम सेक्स मैरिज बिल को समर्थन देने के लिए महिलाएं और छात्राएं भी पुरुषों का साथ दे रही हैं।

    ####

    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Taiwanese men in skirts challenge gender Equality
    चंद्रमा पर इजरायल के अंतरिक्ष यान के दुर्घटना वाले जगह का पता लगाया गया

    चंद्रमा पर इजरायल के अंतरिक्ष यान के दुर्घटना वाले जगह का पता लगाया गया


    वॉशिंगटन. नासा ने चंद्रमा पर इजरायल के एक दुर्घटनाग्रस्त बेरेशीट यान के साइट का पता लगाया...

    वॉशिंगटन. नासा ने चंद्रमा पर इजरायल के एक दुर्घटनाग्रस्त बेरेशीट यान के साइट का पता लगाया है। इजरायल की स्पेसइल संस्था ने स्पेस एक्स के फाल्कन 9 रॉकेट की मदद से अपना यान चंद्रमा पर भेजा था। नासा के अनुसार, अंतरिक्ष यान लैंडिंग के दौरान 11 अप्रैल को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

    चंद्रमा की सतह से 90 किमी ऊपर हुआ क्रैश

    नासा ने बुधवार को अपने बयान में कहा कि लुनर रेकॉन्सेन्स ऑर्बिटर (एलआरओ) ने 22 अप्रैल को चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग की। इसके बाद लूनर ने बेरेशीट यान के दुर्गटनाग्रस्त होने वाली जगह का पता लगाया। एलआरओ के मुताबिक, यह जगह चंद्रमा की सतह से 90 किलोमीटर ऊपर है।

    अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने कहा कि कैमरा ने लगभग 10 मीटर चौड़े काले धब्बे की फोटो ली है। यह घटना वाली जगह की ओर इशारा करता है। काले धब्बे देखकर लगता है कि हार्ड लैंडिंग की वजह से सतह खुरदरा हो गया है।

    इजरायल ने 21 फरवरी को अंतरिक्ष यान रवाना किया था

    इजराइल ने स्पेस एक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से 21 फरवरी को अंतरिक्ष यान रवाना किया था। यान ने 4 अप्रैल को चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया था। इस अभियान में अगर कामयाबी मिलती तो इजराइल सोवियत संघ, अमेरिका और चीन के बाद चांद पर यान उतारने वाला चौथा देश बन जाता। भारत भी चंद्रमा पर यान (चंद्रयान-1) भेज चुका है, लेकिन यह सतह पर नहीं उतारा था। इसे परिक्रमा करते हुए प्रयोग करने के लिए भेजा गया था।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today NASA spots Israeli spacecraft’s crash site on Moon
    ग्राहक ने 20 हजार रुपए वाली शराब मांगी, वेटर ने 3.5 लाख रु. की बोतल सर्व कर दी

    ग्राहक ने 20 हजार रुपए वाली शराब मांगी, वेटर ने 3.5 लाख रु. की बोतल सर्व कर दी


    मैनचेस्टर (इंग्लैंड). वहां के एक बार में ग्राहक ने 290 डॉलर (20 हजार रुपए) की वाइन की बोतल ऑर्डर की...

    मैनचेस्टर (इंग्लैंड). वहां के एक बार में ग्राहक ने 290 डॉलर (20 हजार रुपए) की वाइन की बोतल ऑर्डर की थी। लेकिन महिला वेटर ने 5,000 डॉलर (3.5 लाख रुपए) वाली बोतल सर्व कर दी। दोनों बोतलें देखने में एक जैसी थीं इसलिए वेटर से गलती हो गई।

    खास बात ये रही कि इतनी महंगी गलती करने वाली कर्मचारी पर मालिक नाराज नहीं हुआ। उसने ट्वीट में घटना का जिक्र करते हुए ग्राहक के लिए कहा कि उम्मीद है आपने शाम एंजॉय की होगी। स्टाफ मेंबर के लिए मालिक ने लिखा- इस गलती के बावजूद हम आपको प्यार करते हैं लेकिन दोबारा ऐसा नहीं होना चाहिए।

    बार मालिक के ट्वीट को 25,000 से ज्यादा लाइक मिले। कुछ लोगों ने कर्मचारी से सख्ती बरतने की बात भी कही लेकिन रेस्टोरेंट ने उन्हें जवाब देते हुए बड़े अक्षरों में लिखा कि दोनों बोतलें देखने में एक जैसी थीं।

    बार मालिक ने एक इंटरव्यू में बताया कि दूसरी लोकेशन से मैनेजर महिला वेटर की मदद कर रहा था। वेटर ने गलती से दूसरी बोतल उठा ली। ग्राहक को भी इसका पता नहीं चला। हमारी कर्मचारी होशियार है इसलिए हमने उसे माफ करने का फैसला किया।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Expensive Wine: UK Restaurant Owner Tweet After manager accidentally served USD 5000 Wine
    रूटीन ट्रेनिंग के दौरान वेयरहाउस में घुसा एफ-16 फाइटर जेट, 12 घायल

    रूटीन ट्रेनिंग के दौरान वेयरहाउस में घुसा एफ-16 फाइटर जेट, 12 घायल


    वॉशिंगटन. अमेरिका के कैलिफोर्निया में शुक्रवार को रूटीन ट्रेनिंग के दौरान एक एफ-16 फाइटर जेट...

    वॉशिंगटन. अमेरिका के कैलिफोर्निया में शुक्रवार को रूटीन ट्रेनिंग के दौरान एक एफ-16 फाइटर जेट संतुलन खोकर पास ही मौजूद एक वेयरहाउस में क्रैश हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एफ-16 हवा में ही लड़खड़ाता दिख रहा था। अचानक से उसके पायलट ने खुद को इजेक्ट किया और विमान वेयरहाउस की छत तोड़ता हुआ अंदर घुस गया। छत का मलबा गिरने से वेयरहाउस में मौजूद 12 लोग घायल हो गए। हालांकि, पायलट सुरक्षित है।

    अमेरिकी न्यूज चैनल लॉस एंजिल्स टाइम्स ने अफसरों के हवाले से बताया कि क्रैश के बाद वेयरहाउस में छोटी से आग भड़की थी। हालांकि, उस पर समय रहते काबू पा लिया गया। कैलिफोर्निया के दमकल विभाग के कैप्टन फर्नांडो हरेरा ने बताया कि अभी यह साफ नहीं है कि विमान में कोई गोला-बारूद या हथियार थे या नहीं, लेकिन हादसे के 4000 फीट तक के इलाके को खाली करा लिया गया।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कैलिफोर्निया स्थित एयरबेस के पास ही मौजूद था वेयरहाउस। America: F-16 fighter jet crashes into California Warehouse, Pilot Ejects Safely एफ-16 विमान America: F-16 fighter jet crashes into California Warehouse, Pilot Ejects Safely America: F-16 fighter jet crashes into California Warehouse, Pilot Ejects Safely
    सरकारी अधिकारियों के नाम पर रखे कुत्तों के नाम, पुलिस ने जुर्म मानकर गिरफ्तार किया

    सरकारी अधिकारियों के नाम पर रखे कुत्तों के नाम, पुलिस ने जुर्म मानकर गिरफ्तार किया


    बीजिंग. चीन के अनहुई प्रांत में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने कुत्तों के नाम सरकारी...

    बीजिंग. चीन के अनहुई प्रांत में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने कुत्तों के नाम सरकारी अधिकारियों के नाम पर चेंगगुआन और शीगुआन रख दिए थे। इसे गंभीर जुर्म मानकर यिंगझोऊ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। 31 साल के व्यक्ति डॉग ब्रीडर है। उसका नाम बैन है। उसने हाल ही में मोबाइल मैसेंजर वीचैट पर अपने दो कुत्तों के नाम पोस्ट किए थे। इसके बाद पुलिस ने उसे थाने बुलाया और गिरफ्तार कर लिया।

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि चीन में पालतू जानवरों के नाम किसी अधिकारी के नाम पर रखना गैरकानूनी है। यिंगझोऊ पुलिस ने एक बयान में कहा- उन्होंने बैन की तत्काल जांच शुरू कर दी है। सजा के तौर पर बैन को प्रशासनिक डिटेंनशन सेंटर में 10 दिन गुजारने होंगे। पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना लॉ ऑन पब्लिक सिक्योरिटी से संबंधित प्रावधानों के अनुसार, यह हिरासत की कार्रवाई होगी।

    मनोरंजन के लिए रखे थे कुत्तों के नाम :स्थानीय मीडिया के मुताबिक, 'चेंगगुआन' शहरी क्षेत्रों में निम्न-स्तरीय अपराध से निपटने के लिए नियुक्त किए गए अधिकारी हैं। वहीं 'शिगुआन' अनौपचारिक सामुदायिक कार्यकर्ता हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैन ने कुत्तों के नाम अपने मनोरंजन के लिए रखे थे।

    23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Man in China detained after giving dogs names on police officers
    अमेरिका ने चीन की कंपनी हुवावे को ब्लैकलिस्ट किया, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बताया

    अमेरिका ने चीन की कंपनी हुवावे को ब्लैकलिस्ट किया, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बताया


    वॉशिंगटन. अमेरिका ने दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम उपकरण निर्माता कंपनी हुवावे पर बुधवार को...

    वॉशिंगटन. अमेरिका ने दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम उपकरण निर्माता कंपनी हुवावे पर बुधवार को कड़े प्रतिबंध लगा दिए। यूएस के वाणिज्य विभाग ने हुवावे को एनटिटी लिस्ट में डालने की जानकारी दी। इस लिस्ट में शामिल कंपनियां अमेरिकी सरकार की मंजूरी के बिना वहां की कंपनियों से कंपोनेंट (पुर्जे) और तकनीक नहीं खरीद सकती हैं।

    अमेरिका के वाणिज्य सचिव विल्बर रॉस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नहीं चाहते कि दूसरे देशों की कंपनियां द्वारा अमेरिकी तकनीक के इस्तेमाल से राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति में सेंधमारी हो।

    अमेरिका के आदेश के मुताबिक वहां की कंपनियां भी उन फर्मों के टेलीकॉम उपकरणों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो। हालांकि इस आदेश में किसी देश या कंपनी का नाम नहीं है। लेकिन, अमेरिका हुवावे के उपकरणों से जासूसी का खतरा बताता रहा है। उसने अपने सहयोगी देशों से भी कहा था कि वो 5जी सेवाओं में हुवावे के नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं करें।

    हुवावे ने अपने उपकरणों से सुरक्षा के खतरे के आरोपों से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि वह अमेरिका से बातचीत के जरिए उसकी चिंताएं दूर करने को तैयार है।

    हुवावे पर अमेरिकी प्रतिबंध से यूएस और चीन के बीच ट्रेड वॉर और तेज हो सकता है। अमेरिका ने 10 मई को 200 अरब डॉलर के चाइनीज इंपोर्ट पर शुल्क 10% से बढ़ाकर 25% कर दिया। बदले में चीन ने 60 अरब डॉलर के अमेरिकी इंपोर्ट पर शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है जो 1 जून से लागू होगा।

    अमेरिका के कहने पर पिछले साल हुवावे की सीएफओ मेंग वांगझू की कनाडा में गिरफ्तारी हुई थी। अभी वो जमानत पर हैं। अमेरिका मेंग के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहा है। हुवावे द्वारा ईरान पर लागू अमेरिकी प्रतिबंध तोड़ने के आरोप में मेंग की गिरफ्तारी हुई थी।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सिंबॉलिक इमेज। US blacklists China Huawei as trade dispute clouds global outlook
    पहली बार सबसे ज्यादा 33 महिलाएं शामिल, दो दशक में 16.5% की बढ़ोतरी हुई

    पहली बार सबसे ज्यादा 33 महिलाएं शामिल, दो दशक में 16.5% की बढ़ोतरी हुई


    ब्रोंटे (इटली). 2019 की ताजा फॉर्च्यून 500 सूची में 33 महिला सीईओ को शामिल किया गया है। ऐसा पहली बार...

    ब्रोंटे (इटली). 2019 की ताजा फॉर्च्यून 500 सूची में 33 महिला सीईओ को शामिल किया गया है। ऐसा पहली बार हुआ है। ये महिलाएं सबसे ज्यादा कमाई वाली कंपनियों की कमान संभाल रही हैं। 2018 में सूची में महिलाओं की संख्या सिर्फ 24 थी। 1999 में सूची में सिर्फ दो महिलाएं थीं, इस साल 33 होने पर इनकी भागीदारी 16.5% बढ़ गई है।

    पिछले सालभर में बेस्ट बायकी सीईओ कोरी बैरी,नॉर्थार्प ग्रुमैन की कैथी वार्डन और लैंड ओ लेक्स की बेथ फोर्ड जैसे नाम शामिल हुए हैं। रोचक बात यह है कि 33वें पायदान पर जगह बनाने वाली सीईओ इसी हफ्ते सूची में शामिल हुई हैं। घरेलू इस्तेमाल की चीजें बेचने वाली कंपनी बेड, बाथ एंड बियांड की अंतिरम सीईओ मैरी विंस्टन इस साल सूची में जगह बनाने वाली आखिरी महिला बनीं हैं। इसमें दो और नाम ध्यान देने लायक हैं। विलियम्स सोनोमा की लॉरा एल्बर और एडवांस माइक्रो डिवाइस की लीजा सू को भी शामिल किया गया है। ये दोनों क्रमश: 2010 और 2014 से शीर्ष पदों पर हैं।

    कार्यस्थल पर महिलाओं की मौजूदगी पर काम करने वाली कंसल्टिंग और रिसर्च फर्म कैटेलिस्ट की सीईओ लॉरैन हेरिटॉन के मुताबिक कंपनियों के बोर्ड में हम महिलाओं की उल्लेखनीय भूमिका देख रहे हैं, अब बोर्ड को इन भविष्य के सीईओ ध्यान देने की जरूरत है। करीब 15 साल पहले फॉर्चून 500 सूची में बोर्ड की कुर्सी पर महिलाओं की उपस्थिति 15.7% ही थी। आज बढ़कर यह 25.5% पर पहुंच गई। उताह स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर क्रिस्टी ग्लास के मुताबिक बोर्ड में महिलाओं की नियुक्ति से कंपनियों को फायदा ही होगा।

    फॉर्च्यून 500 की इस साल की सूची में शीर्ष पर वॉलमार्ट है। लगातार सातवें साल कंपनी ने यह जगह हासिल की है। एपल लगातार पांचवे साल फायदे में रही है, इसे तीसरा स्थान मिला है। अमेजन पहली बार शीर्ष 5 कंपनियों में शामिल हो पाई है। इलोन मस्क की कार कंपनी टेस्ला 116 पायदान की बढ़त लेकर 144वें स्थान पर आई है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today विलियम्स सोनोमा की सीईओ लॉरा एल्बर भी लिस्ट में शामिल हुईं।
    कैरिबियन सागर में घास-फूस की झोपड़ी में बनाया तैरता बार, बारटेंडर की तलाश की जा रही

    कैरिबियन सागर में घास-फूस की झोपड़ी में बनाया तैरता बार, बारटेंडर की तलाश की जा रही


    किंग्सटन. कैरिबियन सागर में घास-फूस का झोपड़ीनुमा एक बार बनाया गया है। इस पर बोट के जरिए ही...

    किंग्सटन. कैरिबियन सागर में घास-फूस का झोपड़ीनुमा एक बार बनाया गया है। इस पर बोट के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। सोशल मीडिया पर यह काफी चर्चा मेंहै। फिलहाल बार के लिए एक बारटेंडर की तलाश है। इंस्टग्राम पर शराब पीने के लिए इसे दुनिया की सबसे बेहतरीन जगह बताया गया है।

    यूके की एक ट्रैवल कंपनी वर्जिन हॉलिडेज ने इसके लिए विज्ञापन तैयार किया है। बार के मालिक फ्लॉयड फोर्ब्स ने अपने काम से 18 साल बाद ब्रेक लिया है। वे इसी बार में रह रहे हैं। उन्हें बार के लिए बारटेंडर की तलाश है। बार का नाम फ्लॉयड पेलिकन बार है।

    बारटेंडर कीयोग्यता-पर्यटकों सेसलीके से बात कर सके, उन्हें मछली खिला सके
    विज्ञापनके मुताबिक- बारटेंडर को बेहतर शराब परोसने के अलावा वहां आने वाले पर्यटकों से बेहतर ढंग से बात करना आना चाहिए।वह लोगों को किसी मौके पर मछली भी खिला सके। बार पर केवल नाव से ही पहुंचा जा सकता है।

    तट से यह बार महज डेढ़ किमी दूर है। स्थानीय लोगोंऔर पर्यटकों के बीच यह काफी लोकप्रिय है। 2001 में स्थानीय मछुआरे फ्लॉयड ने इसे बनाया था। उसका सपना था कि समुद्र में एक बार बनाए और उसमें दोस्तों के साथ मौज-मस्ती कर सके। 2004 में हरिकेन तूफान के चलते यह नष्ट हो गया था। इसके बाद स्थानीय समुदाय ने इसे बनाने में मदद की।

    चुने गए उम्मीदवार को ऑफर
    बारटेंडर के लिए जो उम्मीदवार चुना जाएगा, उसे फ्लाइट से जमैका आने का किराया दिया जाएगा। उसके एक हफ्ते रुकने की व्यवस्था होगी और खर्च के लिए 1150 डॉलर (करीब 80 हजार रुपए) दिए जाएंगे। ट्रायल के लिए बार में नियुक्त भी किया जाएगा।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today तट से डेढ़ किमी दूर समुद्र में स्थित है पेलिकन बार। floating bar in the Caribbean sea is looking for a bartender floating bar in the Caribbean sea is looking for a bartender यूके की टूरिस्ट के साथ फ्लॉयड फोर्ब्स।
    मरम्मत के दौरान गिरी इमारत की छत, 7 की मौत, 14 घायल

    मरम्मत के दौरान गिरी इमारत की छत, 7 की मौत, 14 घायल


    शंघाई.चांगनिंग जिले में गुरुवार सुबह मरम्मत के दौरानएक इमारत की छत गिर गई। इसमें दबने से 7...

    शंघाई.चांगनिंग जिले में गुरुवार सुबह मरम्मत के दौरानएक इमारत की छत गिर गई। इसमें दबने से 7 लोगों की मौत हो गई जबकि 14 लोग घायल हो गए। शंघाई आपात विभाग के अनुसार अभी भी दो लोगों केमलबे में दबे होने की आशंका है। अग्निशमन विभाग के मुताबिकइस इमारत में एक कार शो रूम था, जिसकी मरम्मत काकार्यचल रहा था। इस बीच यह हादसा हो गया।

    दुर्घटना स्थल परशंघाई प्रशासन के अधिकारी और मेयर पहुंच चुके थे।सोशल मीडिया पर की गई आधिकारिक पोस्ट के अनुसार शाम 4.45 बजे तक हादसे में बचाए गए 19 लोगों में से 5 की मौत हो चुकी थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 150 से ज्यादाबचावकर्मी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे थे।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Building collapsed in Shanghai, 7 dead and 21 rescued
    भगोड़े अपराधी ने फेसबुक के जरिए कहा- वापस नहीं लौटूंगा, पता भी दे दिया; गिरफ्तार हुआ

    भगोड़े अपराधी ने फेसबुक के जरिए कहा- वापस नहीं लौटूंगा, पता भी दे दिया; गिरफ्तार हुआ


    ओटावा. कनाडा के एक मोस्ट वांटेड भगोड़े जेसी डीन ने एक न्यूज चैनल के प्रोड्यूस पर फेसबुक पर...

    ओटावा. कनाडा के एक मोस्ट वांटेड भगोड़े जेसी डीन ने एक न्यूज चैनल के प्रोड्यूस पर फेसबुक पर मैसेज भेजा। डीन ने मैसेज में लिखा कि वापस नहीं आऊंगा और उसने अपना पता भी शेयर किया। इस पते के जरिए पुलिस ने अपराधी को गिरफ्तार कर लिया। 27 वर्षीय जेसी डीन कोआलचुक ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में 2015 में हुए तीन आपराधिक मामलों में वॉन्टेड है।

    जेसी ने प्रोड्यूसर को फेसबुक पर मैसेज भेजा, ‘‘न्यूज के लिए पागल लोगों मैं एडमोंटन में हूं और वापस नहीं आऊंगा।’’ चैनल ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस बताए हुए पते पर एंडमोंटन पहुंची। जेसी को गिरफ्तार कर लिया गया। वह यहां तीन साल से रह रहा था।

    खुश हैं सही पता भेजा था- पुलिस
    संघीय पुलिस के अफसर जोडी शेल्की ने बताया कि वह अल्बर्टा में रह रहा था। हम गिरफ्तार कर उसे यहां ले आए हैं। यहां जेसी पर कार्रवाई की जाएगी। महिला अफसर ने कहा कि हम इससे खुश हैं कि वह जहां रह रहा था, उसने वहां का पता ही भेजा। वैसे अपराधी चाहे जहां भी छिप जाए मगर पुलिस उसे ढूंढ निकालेगी।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतिकात्मक फोटो।
    फेल्प्स से हारकर ओलिंपिक में नहीं जा पाए थे क्रिस, चैम्पियन बनाने के लिए 5 स्वीमिंग स्कूल खोले

    फेल्प्स से हारकर ओलिंपिक में नहीं जा पाए थे क्रिस, चैम्पियन बनाने के लिए 5 स्वीमिंग स्कूल खोले


    वॉशिंगटन. क्रिस देजॉन्ग जबर्दस्त तैराक हैं। 2008 में बीजिंग ओलिंपिक में जाना चाहते थे। इसके...

    वॉशिंगटन. क्रिस देजॉन्ग जबर्दस्त तैराक हैं। 2008 में बीजिंग ओलिंपिक में जाना चाहते थे। इसके लिए उन्हें क्वालिफाइंग राउंड में माइकल फेल्प्स को हराना था या उनकी बराबरी करनी थी,लेकिन क्रिस, फेल्प्स से सेकंड के तीसवें हिस्से से पिछड़कर पांचवें स्थान पर आए और ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए। हारकर भी क्रिस ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। चैम्पियन तैराक बनाने के लिए अब क्रिस 5 तैराकी स्कूल चला रहे हैं।


    ‘पता लग गया था कि तैराकी में करियर खत्म हो गया’
    2008 में क्रिस 24 साल के थे। उन्होंने बताया कि हारने के बाद मुझे अहसास हो गया था कि मेरा तैराकी का करियर खत्म हो गया। मुझे यह पता ही नहीं था कि आगे क्या करूंगा। वह समय काफी कठिन और भ्रमित करने वाला था। 2012 में क्रिस ने बच्चों को तैराकी सिखाने के लिए बिग ब्लू स्विम स्कूल खोला। शिकागो में इस स्कूल की पांच शाखाएं चल रही हैं। क्रिस की अगले 10 साल में पूरे देश में 400 ऐसे स्कूल खोलने की योजना है।

    ‘ओलिंपिक में गया होता तो बिजनेस शुरू नहीं करता’
    क्रिस के मुताबिक- सच्चाई तो यह है कि अगर मेरा सिलेक्शनबीजिंग ओलिंपिक के लिए हो गया होता तो मैं स्पोर्ट्स को बिजनेस के लिए नहीं चुनता। मैं मिशिगन झील के पास स्थित एक छोटे से शहर से हूं। बचपन में मैं सारा दिन तैरा करता था। 8 साल की उम्र से तैराकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। कई साल प्रोफेशनली तैराक रहने के बाद भी यह नहीं सोचा था कि स्वीमिंग ही मेरा बिजनेस होगा।

    3 से 5 साल के बच्चों को स्कूल में लेते हैं
    क्रिस अपने स्कूल में 3 से 5 साल के बच्चों को एडमिशन देते हैं। उपनगरीय इलाकों में सिखाने के लिए क्रिस किसी स्वीमिंग पूल को किराए से दे देते हैं। क्रिस का काफी नाम है, लिहाजा अभिभावक बच्चों के तैराकी के गुर सीखने के लिए भेजने पर तुरंत राजी हो जाते हैं। तैराकी सिखाने के लिए क्रिस ने अपने एक दोस्त जॉन लोनरगैन को भी रखा है। हफ्ते में दो दिन सिखाने के लिए वह 20 डॉलर (करीब 1500 रुपए) लेते हैं। क्रिस करीब 600 बच्चों को ट्रेनिंग दे रहे हैं।

    बिजनेस बढ़ाने के लिए क्रिस कुछ पार्टनर्स तलाश रहे हैं। कुछ अभिभावकों ने भी स्वीमिंग बनवाने में निवेशक बनने की इच्छा जताई है। क्रिस के मुताबिक- हमारी ट्रेनिंग के तरीके के अभिभावक भी फैन हैं। हम बच्चों को महज तैरना नहीं सिखाते, हमारा मकसद होता है कि 10 क्लास में ही बच्चा अकेले पूल पार करने काबिल हो जाए। हाल ही में शिकागो के रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के फाइनेंस चेयरमैन टॉड रिकेट्स समेत कुछ लोगों ने 1.2 मिलियन डॉलर (करीब साढ़े 8 करोड़ रु.) दिए हैं।

    सुविधाओं का ध्यान रखते हैं
    क्रिस के मुताबिक- हमारे पूल इस तरह के होते हैं कि बच्चों को ठंड न लगे। जमीन पर एंटी-माइक्रोबियल (कीटरोधी) कारपेट बिछा रहता है, ताकि बच्चों को गिरने पर चोट न लगे और शोर न हो। चूंकि यहां बच्चों के माता-पिता भी आते हैं, इसलिए पूल एरिया में एयरकंडीशंड और वाई-फाई भी दिया जाता है। हमारी कंपनी ने सॉफ्टवेयर लैसन बडी भी बनाया है, जिसमें अभिभावक बच्चे का शेड्यूल और उसकी प्रोग्रेस देख सकते हैं



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today क्रिस देजॉन्ग। क्रिस देजॉन्ग का स्वीमिंग स्कूल। स्वीमिंग स्कूल में बच्चों की ट्रेनिंग। क्रिस देजॉन्ग (बाएं) और माइकल फेल्प्स (एकदम दाएं)।
    कंचनजंगा पर चढ़ाई कर रहे 2 भारतीय पर्वतारोहियों की मौत; 26 हजार फीट की ऊंचाई पर तबीयत बिगड़ी

    कंचनजंगा पर चढ़ाई कर रहे 2 भारतीय पर्वतारोहियों की मौत; 26 हजार फीट की ऊंचाई पर तबीयत बिगड़ी


    काठमांडू.हिमालय के कंचनजंगा पर्वत पर चढ़ाई कर रहे दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत हो गई। तब...

    काठमांडू.हिमालय के कंचनजंगा पर्वत पर चढ़ाई कर रहे दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत हो गई। तब दोनों 8,000 मीटर (26,246 फीट) की ऊंचाई पर थे। नेपाल में स्थित कंचनजंगा दुनिया का तीसरा सबसे ऊंचा पर्वत शिखर है। बताया जा रहा है कि ऊंचाई पर आने वाली परेशानियों की वजहसे पर्वतारोहियों की जान गई। दोनों कोलकाता के रहने वाले थे।

    ये भी पढ़ें

    कामी रीता ने 23वीं बार माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की, ऐसा करने वाले इकलौते पर्वतारोही

    न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मृतक पर्वतारोहियों की पहचान बिप्लब बैद्य (48) और कुंतल कंवर (46) के रूप में हुई। पर्वतारोहण से जुड़ी कंपनी के पसांग शेरपा ने बताया कि बैद्य बुधवार को 28,169 फीट की चढ़ाई करने के बाद लौट रहे थे, जबकि कंवर शीर्ष पर पहुंचने वाले थे। इसी दौरान ऊंचाई पर आने वाली परेशानियों के चलते दोनों की जान चली गई।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कंचनजंगा पर्वत शिखर। -फाइल